{"_id":"6abe9d5b4f39dbce6b07c60e","slug":"mla-visits-chemical-engineers-home-assures-assistance-banda-news-c-212-1-sknp1006-152868-2026-10-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda News: केमिकल इंजीनियर के घर पहुंचीं विधायक, मदद का दिया भरोसा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda News: केमिकल इंजीनियर के घर पहुंचीं विधायक, मदद का दिया भरोसा
विज्ञापन
-बिसंडा थाना क्षेत्र के ओरन कस्बे के रहने वाले थे इंजीनियर, अयोध्या की पेपर मिल में मिला था शव
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। केमिकल इंजीनियर आशीष शिवहरे का शव मिलने के मामले में बृहस्पतिवार को क्षेत्रीय विधायक ओममणि वर्मा शोकाकुल परिवार से मिलीं।
अयोध्या जनपद के दर्शन नगर पुलिस चौकी क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध यश पेपर मिल में बीती 27 सितंबर देर रात मिल के ट्रीटमेंट प्लांट स्थित केमिकल के गहरे पानी के टैंक में इंजीनियर का शव मिला था। आशीष शिवहरे बिसंडा थाना क्षेत्र के ओरन कस्बे के निवासी थे। उनके पिता आनंद शिवहरे बांदा में बताशे बनाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं।
चार भाई-बहनों में सबसे बड़े आशीष कानपुर से इंटरमीडिएट और पंजाब से केमिकल इंजीनियरिंग की डिग्री पूरी करने के बाद पिछले तीन वर्षों से अयोध्या की यश पेपर मिल में केमिकल इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे। मृतक के परिजन ने घटना को सीधे तौर पर सुनियोजित हत्या करार दिया है।
आशीष के चाचा सुनील शिवहरे और राकेश शिवहरे ने आरोप लगाया कि शव ट्रीटमेंट प्लांट के टैंक में मुंह के बल पड़ा था और उसके शरीर पर कई स्थानों पर गहरे चोट के निशान मौजूद थे। परिजन ने गोरखपुर जाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर न्याय की गुहार लगाई है। बृहस्पतिवार को क्षेत्रीय विधायक ओममणि वर्मा ने परिजन से मिलकर शोक व्यक्त कर ढांढस बंधाया। हर संभव मदद दिलवाने भरोसा दिलाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। केमिकल इंजीनियर आशीष शिवहरे का शव मिलने के मामले में बृहस्पतिवार को क्षेत्रीय विधायक ओममणि वर्मा शोकाकुल परिवार से मिलीं।
अयोध्या जनपद के दर्शन नगर पुलिस चौकी क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध यश पेपर मिल में बीती 27 सितंबर देर रात मिल के ट्रीटमेंट प्लांट स्थित केमिकल के गहरे पानी के टैंक में इंजीनियर का शव मिला था। आशीष शिवहरे बिसंडा थाना क्षेत्र के ओरन कस्बे के निवासी थे। उनके पिता आनंद शिवहरे बांदा में बताशे बनाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं।
चार भाई-बहनों में सबसे बड़े आशीष कानपुर से इंटरमीडिएट और पंजाब से केमिकल इंजीनियरिंग की डिग्री पूरी करने के बाद पिछले तीन वर्षों से अयोध्या की यश पेपर मिल में केमिकल इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे। मृतक के परिजन ने घटना को सीधे तौर पर सुनियोजित हत्या करार दिया है।
विज्ञापन
आशीष के चाचा सुनील शिवहरे और राकेश शिवहरे ने आरोप लगाया कि शव ट्रीटमेंट प्लांट के टैंक में मुंह के बल पड़ा था और उसके शरीर पर कई स्थानों पर गहरे चोट के निशान मौजूद थे। परिजन ने गोरखपुर जाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर न्याय की गुहार लगाई है। बृहस्पतिवार को क्षेत्रीय विधायक ओममणि वर्मा ने परिजन से मिलकर शोक व्यक्त कर ढांढस बंधाया। हर संभव मदद दिलवाने भरोसा दिलाया है।
विज्ञापन