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ऑनलाइन आवेदन पर मिलेगी पैमाइश की अनुमति

Thu, 21 Apr 2022 11:42 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 21 Apr 2022 11:42 PM IST
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Metering permission will be given on online application
बांदा। भूमि की पैमाइश के लिए काश्तकारों को तहसीलों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। कहीं से भी ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। यह नई व्यवस्था पहली मई से लागू हो रही है। इसके लिए राजस्व परिषद के अधिकारियों व कर्मचारियों को ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
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मौजूदा व्यवस्था के तहत खेत की पैमाइश के लिए काश्तकारों को एसडीएम के यहां हदबंदी वाद दायर करके अनुमति लेनी होती है। इसमें लगभग एक साल तक किसानों को भागदौड़ करनी पड़ती है। पैसा भी खर्च होता है। जिन किसानों को जल्दी हदबंदी करानी होती है, वह तहसीलदार के आदेश पर प्राइवेट तौर पर पैमाइश करा लेते हैं। इसके लिए किसानों को लेखपाल व राजस्व निरीक्षकों की चिरौरी करने के साथ ही उनकी मुट्ठी भी गर्म करनी पड़ती है। अक्सर अदालतें प्राइवेट पैमाइश को नहीं मानती हैं।
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शासन ने अब पैमाइश प्रक्रिया पर निर्णय लिया है कि इसके लिए आवेदन ऑनलाइन लिए जाएंगे। किसान कहीं से भी आवेदन करके पैमाइश की अनुमति हासिल कर सकेंगे। इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं। गुरुवार को जनपद की सभी तहसीलों के राजस्व अधिकारियों व कर्मचारियों को राजस्व परिषद ने गूगल मीट पर ऑनलाइन इसका प्रशिक्षण दिया।
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ऐसे करेंगे किसान आवेदन
जन सेवा केंद्रों के माध्यम से यूपी एनआईसी की वेबसाइट पर आवेदन होगा। आवेदन में नेट बैंकिंग/यूपीआई के माध्यम से एक हजार रुपये फीस जमा होगी। इसके बाद एसडीएम न्यायालय में आवेदन दर्ज हो जाएगा। एसडीएम इस आवेदन को ऑनलाइन ही राजस्व निरीक्षक को भेज देंगे। राजस्व निरीक्षक जांच-पड़ताल के बाद भूमि विवादित/अविवादित होने की रिपोर्ट एसडीएम को देंगे। इसके बाद एसडीएम पैमाइश की अनुमति देंगे। राजस्व निरीक्षक पैमाइश की तिथि व समय तय कर नोटिस जारी करेंगे। भूमि को लेकर किसी तरह का विवाद होने पर आवेदन को वाद के रूप में दर्ज कर राजस्व न्यायालय में सुनवाई होगी। निस्तारण के बाद पैमाइश होगी।

अब भूमि पैमाइश के आवेदन ऑनलाइन लिए जाएंगे और निस्तारण भी होगा। इसके लिए राजस्व अधिकारी व कर्मचारी प्रशिक्षण ले रहे हैं। वरासत के आवेदन पहले से ऑनलाइन निस्तारित हो रहे हैं। - उमाकांत त्रिपाठी, अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व), बांदा
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