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पहले ही दिन धड़ाम हुई परीक्षा केंद्रों की लाइव व्यवस्था

Tue, 18 Feb 2020 11:06 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 18 Feb 2020 11:06 PM IST
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Live arrangements of the centers on the very first day
जीजीआईसी में छात्राओं की तलाशी लेतीं शिक्षक। - फोटो : BANDA
यूपी बोर्ड परीक्षा मंगलवार को आधी-अधूरी तैयारियों के बीच शुरू हो गईं। पहली बार परीक्षार्थियों की ऑनलाइन निगरानी में कनेक्टीविटी रोड़ा बनी। बीएसएनएल सहित अन्य कंपनी के नेटवर्क धड़ाम होने से तमाम परीक्षा केंद्र लाइव नहीं जुड़ सके। कक्ष निरीक्षक बनाए गए बेसिक शिक्षा विभाग के कई शिक्षक नदारद रहे।
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कुछ परीक्षा केंद्रों में रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। पहली पाली हाईस्कूल हिंदी प्रश्नपत्र की परीक्षा थी। इसमें पंजीकृत 24,725 में 1556 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। उधर, पैलानी में आंतरिक सचल दल ने एक छात्रा को नकल करते पकड़ लिया।
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प्रथम पाली में प्रारंभिक हिंदी व दूसरी पाली में इंटर सामान्य हिंदी प्रश्नपत्र की परीक्षा थी। परीक्षा शुरू होने के 15 मिनट पहले परीक्षार्थियों को प्रवेश दिया गया। मुख्य गेट में ही परीक्षार्थियों की तलाशी हुई।
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मंडल कारागार सहित 61 परीक्षा केंद्रों में नकल रोकने को गठित पांच उड़न दस्तों और आठ सेक्टर मजिस्ट्रेटों की खास नजर संवेदनशील परीक्षा केंद्रों में रही। जीआईसी, पैलानी में आंतरिक सचल दल ने एक संस्थागत छात्रा को नकल करते पकड़ लिया। शासन द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षक राजशेखर ने भी कई परीक्षा केंद्रों का जायजा लिया।
जीआईसी, आर्य कन्या इंटर कालेज, जीजीआईसी, बांदा आदि परीक्षा केंद्रों में रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। चंदवारा, बघेलाबारी, खप्टिहाकलां, भभुआ आदि परीक्षा केंद्रों में परीक्षार्थियों को सड़क से सेंटर तक ले जाने के लिए विद्यालय की ओर से ई-रिक्शा व टेंपों की व्यवस्था की गई थी। मुख्य सड़क से परीक्षा केंद्रों की दूरी करीब एक किलोमीटर है।
उधर, परीक्षा की शुरुआत में ही इंटरनेट धड़ाम हो जाने से करीब 30 मिनट तक परीक्षार्थियों की ऑनलाइन लाइव निगरानी नहीं हो सकी। बाद में कंट्रोल रूम के इंजीनियरों ने दुरुस्त कर इंटरनेट से कनेक्ट किया।
बोर्ड परीक्षा में हाईस्कूल के 16 व इंटर के 15 दिव्यांग भी शामिल हुए। आदर्श बजरंग इंटर कालेज में इनके लिए अलग से कक्ष की व्यवस्था की गई। स्पर्श राजकीय दृष्टिबाधित स्कूल महोखर के वरिष्ठ प्रवक्ता व परीक्षा नियंत्रक जितेंद्र कुमार ने बताया कि सभी दिव्यांगों को सहायक (श्रुतलेखक) की मुहैया कराया गया है।

कई परीक्षा केंद्रों में निरीक्षकों ने बिना परिचयपत्र ड्यूटी की। डीआईओएस विनोद कुमार के मुताबिक 44 हजार से अधिक बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए करीब तीन हजार निरीक्षकों के परिचयपत्र जारी किए जाने थे। इनमें आधे से ज्यादा निरीक्षक बेसिक शिक्षा विभाग के हैं। केंद्र व्यवस्थापकों की लापरवाही पर कार्रवाई होगी।
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