कमासिन। जन जागरण यात्रा पर निकले जयगुरूदेव धर्म प्रचारक पंकज महाराज ने दलपा पुरवा में आयोजित सत्संग में कहा कि मनुष्य का शरीर सर्वश्रेष्ठ है। ईश्वर, खुदा की इबादत के लिए सदाचारी बनें। परस्पर प्रेम, सद्भाव के साथ रहे। आत्मा सतनाम रूपी समुद्र की बूंद है।
वह वेदवाणी, अनहदवाणी व कलमा पर उतार कर लाई गई। उसका संबंध शब्द से छूट गया है। जिस दिन व्यक्ति को इस बात का बोध हो जाएगा कि वह कौन है? तो आत्मा शब्द से जुड़ जाएगी और जीवन सफल हो जाएगा।
कुंभकरण यादव, देवनाथ यादव, बरखू यादव, बिंदा, रामस्वरूप, लाल बहादुर, मोती लाल, धनश्याम सहित प्रबंध समिति के सदस्य आदि मौजूद रहे। इसके बाद जन जागण्रण यात्रा साडी गांव के लिए रवाना हो गई।