फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   Lentils are made once a year due to salt water

Banda News: खारे पानी की वजह से साल में एक बार बनती दाल

Wed, 08 May 2024 12:09 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा Updated Wed, 08 May 2024 12:09 AM IST
विज्ञापन
Lentils are made once a year due to salt water
बांदा। लोकसभा बांदा-चित्रकूट क्षेत्र में शामिल ग्राम पंचायत अछरौड़ केन नदी किनारे बसा है। शहर के नजदीक होने के बावजूद यहां मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। सबसे बड़ी समस्या पेयजल की है। यहां सात हजार की आबादी के बीच 20 हैंडपंप तो लगे हैं, पर ज्यादातर सालों से खराब हैं। जो सही हैं, उनमें खारा पानी आता है। विधायक निधि से यहां नदी किनारे नलकूप तो लगाया गया, पर उसमें भी तीन दिन में पानी मिलता है। एक नल में इसी नलकूप से पानी तो आता है, पर खारा है। स्थिति यह है कि यहां मीठा पानी न होने से घरों में साल में एक-दो बार ही दाल बनती है। पेश है प्रदीप द्विवेदी व संदीप तिवारी की रिपोर्ट.....
विज्ञापन


का बताई भइया, नुनखर पानी पियैं से पूरा गांव रहत बीमार
फोटो 14-बिज्जू यादव।
बांदा। अछरौड़ गांव में नदी के ऊबड़-खाबड़ रास्ते से कड़ी धूप में पसीना पोछते गली में घुसे तो यहां चंद दूर पर ही एक टोटी वाले नल में ग्रामीणों की भीड़ दिखी। किसी के हाथ में डिब्बा तो किसी के हाथ में बाल्टी। सब की निगाह नल की टोटी पर थीं।
विज्ञापन

बाइक खड़ी कर बुजुर्ग बिज्जू से पेयजल की बात छेड़ी तो पहले वह बिफर पड़े। फिर कुछ देर में सामान्य होते हुए बोले-भइया गांव में दशकों से पेयजल समस्या है। गर्मी में तो एक-एक बाल्टी पानी मिल जाए तो बहुत बड़ी बात है।
विज्ञापन
विज्ञापन

युवा रमेश ने बुजुर्ग की बात काटते हुए कहा कि देखिए यहां जल जीवन मिशन से साल भर पहले लाइन बिछाई गई है, आज तक पानी नहीं आ पाया। गांव में सिर्फ यही एक नल है। इसमें भी बेहद खारा पानी आता है। फिर भी लोग मजबूरी में यही पानी पीते हैं। पांच साल बीत गए सांसद यहां झांकने तक नहीं आए। विधायक निधि से नदी किनारे एक ट्यूबवेल लगाया गया था। इसमें भी तीन-तीन दिन पानी नहीं आता। गांव में चार पुराने कुएं हैं, पर जल स्तर गिरने से यह सूख गए हैं। एक कुएं में अभी मीठा पानी है, पर वह दो किलोमीटर दूर है। खारा पानी होने से साल में एक-दो बार घरों में दाल बनती है। बगल में गुमटी में गुटखा-पान की दुकान पर बैठी सुमतिया से रहा न गया, वह बोली भइया सामने देखिए तालाब में कितना गंदा पानी है, कीड़े बुलबुला रहे हैं। इसी पानी में हम सब नहाते हैं। नदी यहां से दो किलोमीटर दूर है, रोज वहां नहीं जा पाते। नदी का भी पानी सूख गया है।
--------------------
ग्रामीणों की जुबानी, उनकी परेशानी
-गांव में भीषण पेयजल संकट है। बोर कराने पर खारा पानी निकलता है। पाइप लाइन पड़े और पानी सप्लाई हो तो ही ग्रामीणों को यहां मीठा पानी मिल सकता है।-रमेश कुमार
-हमारे लिए सब बराबर है, चाहे भाजपा की सरकार बने या सपा व बसपा की। गांव में पानी की किल्लत से लोग रहना पसंद नहीं करते। कई परिवार हो शहर में बस गए।-अशोक यादव
वर्जन-
-गांव में मीठे पानी की समस्या है। लोगों को खारा पानी पीना पड़ रहा है। जलजीवन मिशन के तहत पाइप लाइन बिछाई गई है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही लोगों को मीठा व अच्छा पानी मिलने लगेगा।

-विनोद कुमार यादव, ग्राम प्रधान, अछरौड़

पेयजल आपूर्ति की अक्सर जांच की जाती है। पानी में यदि फ्लोराइड की मात्रा अधिक है तो यह खारा हो जाता है। इसके लगातार पीने से पेट संबंधित कई बीमारियां हो जाती हैं। अछरौड़ गांव में पाइप लाइन बिछाई गई है जल्द ही शुद्ध पेयजल ग्रामीणों को मिलेगा। -पुरुषोत्तम कुमार, महा प्रबंधक जलसंस्थान, चित्रकूटधाम मंडल, बांदा।
---------------------------

एक नजर में अछरौड़ ग्राम पंचायत
ग्राम पंचायत : अछरौड़ ब्लाक -बड़ोखर खुर्द
कुल आबादी : 7,000
कुल वोटर - 3350
हैंडपंप -20 (चार सही)
कुआं : 7 ( छह सूख चुके हैं)
वृद्धा पेंशनधारक : 113
विधवा पेंशनधारक : 6
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed