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कोहराम: धमाके में मरने वाले हुए चार
Fri, 01 Feb 2019 11:43 PM IST
ASIF ASIF
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
Published by: ASIF ASIF
Updated Fri, 01 Feb 2019 11:43 PM IST
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मृतकों के घर की शोकग्रस्त महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
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बिसंडा कस्बे में आतिशबाजी की दुकान में बृहस्पतिवार की रात हुए भीषण अग्निकांड और विस्फोट में मरने वालों की संख्या बढ़कर चार हो गई। इनमें दुकान संचालक और वहां काम करने वाले दो भाई शामिल हैं। मृतकों में दो किशोर उम्र के हैं। कई घंटे तक चले रेस्क्यु आपरेशन के बाद धराशायी हुई दुकान का मलबा हटाकर तड़के शव निकाले जा सके। पुलिस ने दुकान के लाइसेंसधारक मृतक नफीस के विरुद्ध कई धाराओं की रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस अधीक्षक ने जांच के लिए टीम गठित की है।
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बिसंडा कस्बे में बबेरू रोड पर देशराज पटेल के मकान में नफीस पुत्र सलमान की आतिशबाजी की दुकान थी। वह कई साल से यहां दुकान चला रहा था। प्रशासन से लाइसेंस भी ले रखा था। शादी-ब्याह आदि के मौके पर कस्बे और गांवों में जाकर आतिशबाजी करता था। इस काम में उसने कई लड़के भी लगा रखे थे। बृहस्पतिवार की शाम करीब साढ़े 7 बजे दुकान में अचानक आग लग गई। कुछ ही देर बाद आग की लपटों के बीच जबरदस्त धमाका हुआ।
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दुकान सहित मकान की छत और दीवारें धराशायी हो गईं। आसपास का इलाका थर्रा उठा। मकान मालिक के पुत्र मनोज और पुत्रवधू वंदना ने पिछवाड़े के दरवाजे से भागकर जान बचाई। कुछ ही देर बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड तथा प्रशासन के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंच गए और आग बुझाकर जेसीबी से मलबा हटाने का काम शुरू किया। कुछ देर की मशक्कत के बाद शवों के मिलने का सिलसिला शुरू हुआ, जो तड़के तक जारी रहा। बरामद शवों में दुकान संचालक नफीस (32) पुत्र सलमान (कुर्रही, बांदा), शाहरुख (18) व उसका छोटा भाई सलमान (16) पुत्रगण सुलेमान (निवासी बिसंडा) और रामफल (15) पुत्र देवीचरन (बिसंडा) के शव शामिल थे।
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यह तीनों आतिशबाजी की दुकान में काम करते थे। शादी-विवाह आदि के मौके पर कस्बा या आसपास के गांवों में आतिशबाजी छुड़ाने जाते थे। तड़के लगभग तीन बजे सभी शव निकाल लिए गए। एक अन्य गंभीर रूप से घायल शिवलखन (17) पुत्र केशा (बिसंडा) को कानपुर रेफर कर दिया गया है। इस दौरान मौके पर डीआईजी एके राय, एसपी गणेश साहा, अपर एसपी लालभरत कुमार पाल, अतर्रा व बबेरू एसडीएम सहित रेस्क्यु टीम और फायर ब्रिगेड टीम सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। सभी शवों का शुक्रवार को शाम मुख्यालय में स्थित मेडिकल कालेज पोस्टमार्टम हाउस में पोस्टमार्टम कराया गया।
पार्टी के लिए बन रहा खाना बना मौत का सबब
बिसंडा। आतिशबाजी की दुकान में आग लगने के घटनाक्रम के बारे में बताया जा रहा है कि दुकान संचालक नफीस ने हाल ही में नई बाइक खरीदी थी। इस पर उसकी दुकान में काम करने वाले चारों लड़कों ने पार्टी (दावत) के लिए कहा था। बृहस्पतिवार की शाम इसी पार्टी के तहत दुकान के हिस्से में गैस सिलिंडर पर मुर्गा पकाया जा रहा था। मृतक सलमान के भाई साहिल ने बताया कि इसी दौरान आतिशबाजी में आग भड़क उठी। गैस सिलिंडर में जबरदस्त विस्फोट हो गया। छत और दीवारें धराशायी होने से चारों मलबे में दब गए। कई घंटे बाद उनके शव बेहद बुरी हालत में निकाले गए।
एसपी ने गठित की जांच टीम
बांदा। बिसंडा अग्निकांड की जांच के लिए पुलिस अधीक्षक गणेश साहा ने मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनूप सिंह के नेतृत्व में टीम गठित की है। गिरवां थाना इंसपेक्टर दुर्गविजय सिंह और फायर स्टेशन अधिकारी विनय कुमार सिंह को टीम का सदस्य बनाया गया है। टीम घटना के सभी पहलुओं पर जांच कर रिपोर्ट देगी। साथ ही एसपी ने जिले की अन्य आतिशबाजी की दुकानों में सुरक्षा के उपकरणों व व्यवस्थाओं की भी जांच के आदेश दिए हैं।
दुकान के लाइसेंसी पर रिपोर्ट
बांदा। बिसंडा घटना को लेकर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है। इसमें आतिशबाजी के लाइसेंसी दुकान संचालक को नामजद किया है। हालांकि दुकान संचालक की घटना में मौत हो गई है। अपर पुलिस अधीक्षक एलबीके पाल ने बताया कि बिसंडा थानाध्यक्ष की ओर से बिसंडा थाने में ही धारा 286, 289, 304-ए आईपीसी और विस्फोटक अधिनियम की धारा 3,4 व 9 (ख) के तहत रिपोर्ट दर्ज की जा रही है। नफीस आतिशबाजी बिक्री के लिए जिला प्रशासन से लाइसेंस धारक था। वह कई वर्षों से लाइसेंस लेकर यह काम कर रहा था। वर्तमान समय में उसका लाइसेंस वैध था। लाइसेंस की अवधि 31 मार्च 2019 तक थी। पूरे जनपद में आतिशबाजी की कुल 28 लाइसेंसी दुकानें हैं। लाइसेंस जारी करने या उनका नवीनीकरण किए जाने के पूर्व अग्निशमन विभाग की एनओसी ली जाती है। पुलिस भी सत्यापन करती है।
मृतकों और घायल के घर पहुंचे विधायक
बांदा। बिसंडा घटनास्थल पर शुक्रवार को विधायक प्रकाश द्विवेदी सहित कई भाजपा और अन्य दलों के नेता मौके पर पहुंचे। घटना पर अफसोस व शोक जताया। विधायक ने हादसे में घायल शिवलखन प्रजापति के घर जाकर उसकी मां रमदइया को बेटे के इलाज के लिए 50 हजार रुपये की मदद दिलाने का भरोसा दिलाया। विधायक मृतक रामफल के घर जाकर उसकी मां प्रेमा देवी और सलमान व शाहरुख के घर जाकर उसकी मां बिस्मिल्ला खातून व पिता सुलेमान से भी मिले और शोक संवेदना जताते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।