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खंडहर में बदला गर्भाधान केंद्र
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खप्टिहा कलां। अफसरों की अनदेखी से लाखों रुपये लागत से बना गर्भाधान केंद्र भवन जर्जर हो गया है। आसपास बड़ी घास उगने से जीव-जंतुओं का बसेरा है। दरवाजे और खिड़कियां तक गायब हैं।
टेलीफोन टावर के पास बना केंद्र पिछले 15 वर्षों से अव्यवस्थाओं का शिकार है। यहां न डाक्टर है और न ही पशुओं का इलाज किया गया। नतीजे में भवन जर्जर हो गया। दीवारों में दरारें आ गईं। फर्श चटक गया। छत से पानी टपकने लगा।
ग्रामीणों का कहना है कि केंद्र के नाम पर सिर्फ खंडहर में तब्दील हो रहा भवन बचा है। उन्हें अपने पशुओं के इलाज के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। परिसर को झाड़ियों ने घेर लिया है।
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गांव के मैकू, सियाराम, रामदीन आदि ने डीएम और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को पत्र भेजकर केंद्र की शीघ्र मरम्मत कर संचालन की मांग की है।
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टेलीफोन टावर के पास बना केंद्र पिछले 15 वर्षों से अव्यवस्थाओं का शिकार है। यहां न डाक्टर है और न ही पशुओं का इलाज किया गया। नतीजे में भवन जर्जर हो गया। दीवारों में दरारें आ गईं। फर्श चटक गया। छत से पानी टपकने लगा।
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ग्रामीणों का कहना है कि केंद्र के नाम पर सिर्फ खंडहर में तब्दील हो रहा भवन बचा है। उन्हें अपने पशुओं के इलाज के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। परिसर को झाड़ियों ने घेर लिया है।
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गांव के मैकू, सियाराम, रामदीन आदि ने डीएम और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को पत्र भेजकर केंद्र की शीघ्र मरम्मत कर संचालन की मांग की है।