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मेडिकल कालेज में ...और ढक दी गई एक्स-रे मशीन

Wed, 18 Mar 2015 12:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा Updated Wed, 18 Mar 2015 12:02 AM IST
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Investigation can not without machines, emergency services not

मेडिकल कालेज के उद्घाटन के दिन सजा कर रखी गई एक्स-रे मशीन को फिर ढाक-मूंदकर रख दिया गया है। वह दिन यानि 12 मार्च मरीजों के लिए यादगार है। तब उन्हें अच्छी कंपनी की दवाएं दी गईं। अब सिर्फ लाल-पीली गोलियां ही हाथ आ रही हैं।

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मरीजों की माने तो नवनिर्मित मेडिकल कालेज फिलहाल उनकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पा रहा। उद्घाटन को आए मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया था कि अभी से ही दिन-ब-दिन सेवाओं में सुधार हो, लेकिन पिछले तीन दिनों में ऐसा कुछ बदलाव नजर नहीं आ रहा।
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मेडिकल कालेज में इमरजेंसी सेवा भी अभी नहीं है। बगैर मशीनों और अन्य संसाधनों के डाक्टर चंद घंटे बैठ कर ओपीडी चालू रखने की रस्म अदायगी कर रहे हैं। गंभीर बीमार या घायल के लिए मेडिकल कालेज में अभी कोई व्यवस्था नहीं है।
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संविदा पर रखे गए रिटायर और बांदा के प्राइवेट डाक्टर ओपीडी में दो बजे तक ही मरीजों को बगैर किसी उपकरण से जांच आदि के देख रहे हैं। मौजूदा डाक्टरों के सामने मजबूरी है कि मरीजों का चेकअप अपने तजुर्बे के आधार पर या अंधेरे में तीर चला कर करें।

मंगलवार को दंत रोग विशेषज्ञ के न रहने से मरीज लौटते रहे। स्त्री रोग, बाल रोग, नेत्र रोग और हड्डी विभाग में डाक्टर मरीजों को देखते रहे। मरीज ओमप्रकाश (दादू पुरवा), सिद्दीक अहमद (अलीगंज), रमेश (निवादा), देशराज और रघुवर (तिंदवारा) ने बताया कि उद्घाटन वाले दिन उन्हें बढ़िया दवाएं मिली थीं। अब काउंटर से सिर्फ चंद गोलियां दी जा रही हैं।

उधर, मेडिकल कालेज प्रधानाचार्य डा.आरपी सिंह ने बताया कि अभी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बजट नहीं मिला है। जब यह स्वीकृत हो जाएगा तो जांच मशीनें और अन्य उपकरण भी आ जाएंगे। उन्होंने बताया कि अभी इमरजेंसी सेवाएं भी शुरू नहीं हुई हैं। उसी में मशीनों की जरूरत ज्यादा पड़ती है। फिलहाल ओपीडी शुरु हो चुकी है।


प्रिसिंपल ने कहा कि छह माह बाद अस्पताल शुरू होगा तो अन्य सुविधाएं चालू हो जाएंगी। प्रिसिंपल ने बताया कि डाक्टरों के लिए मेडिकल कालेज परिसर में आवास न होने से ड्यूटी के बाद डाक्टर घरों को चले जाते हैं।

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