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पुल से गिरकर घायल मजदूर ने दम तोड़ा
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बांदा। यमुना नदी में निर्माणाधीन पुल से गिरकर गंभीर रूप से घायल मजदूर की पांचवें दिन इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने मेडिकल कालेज के डाक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। साथ ही पुल निर्माण कार्यदायी संस्था पर पर्याप्त सुरक्षा उपकरण न दिए जाने पर भी रोष जताया है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
सीमावर्ती हमीरपुर जनपद के टोलामाफी (सिसोलर) गांव निवासी संतराम निषाद (28) पुत्र सरजू यहां कमासिन थाना क्षेत्र अंतर्गत ममसीखुर्द गांव में यमुना नदी पर निर्माणाधीन पुल में लगभग एक माह से मजदूरी कर रहा था। पांच दिन पूर्व 31 मार्च (गुरुवार) को कार्य के दौरान संतराम पुल से नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। साथी मजदूर और परिजनों ने उसे मेडिकल कालेज में भर्ती कराया।
हालत गंभीर होने पर सोमवार को उसे कानपुर रेफर कर दिया गया। परिजन जिला अस्पताल ले आए। यहां कुछ देर में उसकी मौत हो गई। मृतक के भाई चंद्रपाल ने बताया कि मृतक अपने पीछे पत्नी रानी और एक पुत्र व दो पुत्री छोड़ गया है। आरोप लगाया कि मेडिकल कालेज डाक्टरों द्वारा इलाज में लापरवाही से संतराम की जान गई।
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कई बार बुलाने पर भी डाक्टर और स्टाफ नहीं सुनता था। उसने इस पर भी रोष जताया कि पुल निर्माण करा रही कार्यदायी संस्था द्वारा मजदूरों को पर्याप्त सुरक्षा के उपकरण नहीं दिए जाते। कमासिन थानाध्यक्ष सुभाष चौरसिया ने बताया कि फिलहाल परिजनों ने कोई तहरीर नहीं दी है।
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सीमावर्ती हमीरपुर जनपद के टोलामाफी (सिसोलर) गांव निवासी संतराम निषाद (28) पुत्र सरजू यहां कमासिन थाना क्षेत्र अंतर्गत ममसीखुर्द गांव में यमुना नदी पर निर्माणाधीन पुल में लगभग एक माह से मजदूरी कर रहा था। पांच दिन पूर्व 31 मार्च (गुरुवार) को कार्य के दौरान संतराम पुल से नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। साथी मजदूर और परिजनों ने उसे मेडिकल कालेज में भर्ती कराया।
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हालत गंभीर होने पर सोमवार को उसे कानपुर रेफर कर दिया गया। परिजन जिला अस्पताल ले आए। यहां कुछ देर में उसकी मौत हो गई। मृतक के भाई चंद्रपाल ने बताया कि मृतक अपने पीछे पत्नी रानी और एक पुत्र व दो पुत्री छोड़ गया है। आरोप लगाया कि मेडिकल कालेज डाक्टरों द्वारा इलाज में लापरवाही से संतराम की जान गई।
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कई बार बुलाने पर भी डाक्टर और स्टाफ नहीं सुनता था। उसने इस पर भी रोष जताया कि पुल निर्माण करा रही कार्यदायी संस्था द्वारा मजदूरों को पर्याप्त सुरक्षा के उपकरण नहीं दिए जाते। कमासिन थानाध्यक्ष सुभाष चौरसिया ने बताया कि फिलहाल परिजनों ने कोई तहरीर नहीं दी है।