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Banda News: शहजादी को माफी मिली तो ब्लड मनी जमा करेंगे ओबेरॉय
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बांदा। आबूधाबी की अदालत ब्लड मनी लेने को तैयार हो जाए तो शहजादी की जान बच सकती है। पंजाब के रहने वाले आबूधाबी के व्यापारी एसपी सिंह ओबेरॉय ने कहा कि शहजादी की जान बचाने के लिए जितनी भी ब्लड मनी लगेंगी, सामाजिक संस्था सर्वत द भला चौरिटेबल जमा करने को तैयार है, बशर्ते अदालत ब्लड मनी में माफी दे दें।
ओबेरॉय ने कहा कि शहजादी को नौकरी के नाम पर धोखा मिला। जिसे वह दिनरात गोद में लेकर खिलाती थी, उसी बच्चे के कत्ल के इल्जाम में फंस गई। इस्लामिक मुल्क दुबई के शरई कानून में शहजादी की जान तभी बच सकती है, जब पीड़ित लिखित माफीनामा दे दें या फिर अदालत ब्लड मनी जमा कराकर माफी दे दे। पीड़ित की अभी तक माफी देने संबंधी कोई बात सामने नहीं आई है। अब शहजादी को मृत्युदंड से सिर्फ ब्लड मनी ही बचा सकती है बशर्ते अदालत ब्लड मनी लेने का आदेश पारित करें। कहा कि ब्लड मनी जमा करने की कोई फिक्र न करें।
आबूधाबी की अदालत ब्लड मनी जमा करने का आदेश जारी करती है तो जितनी भी ब्लड मनी होग, उनकी संस्था सर्वत द भला चौरिटेबल जमा करने के लिए तैयार है। अब तक वह छह से अधिक लोगों को ब्लड मनी जमाकर मृत्युदंड से बचा चुके है। शहजादी को भी रिहा कराने के लिए तैयार है। बताया कि शहजादी प्रकरण की जानकारी समाचार पत्र व बुंदेलखंड इंसाफ सेना के अध्यक्ष एएस नोमानी से मिली है। ओबेरॉय दुबई में अपेक्स ग्रुप ऑफ नाम की कंपनी चला रहे हैं।
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इनसेट-
यह है ब्लड मनी
इस्लामिक देशों में शरई कानून के मुताबिक मृत्युदंड पाया दोषी दो शर्तों में एक के पूरा होने पर ही बच सकता है। पहली शर्त के मुताबिक पीड़ित अदालत में लिखित रूप से दें कि मैं दोषी को माफ करता हूं। दूसरा अदालत स्वविवेक से ब्लड मनी का जुर्माना कर दे। यह ब्लड मनी पीड़ित को दी जाती है।
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ओबेरॉय ने कहा कि शहजादी को नौकरी के नाम पर धोखा मिला। जिसे वह दिनरात गोद में लेकर खिलाती थी, उसी बच्चे के कत्ल के इल्जाम में फंस गई। इस्लामिक मुल्क दुबई के शरई कानून में शहजादी की जान तभी बच सकती है, जब पीड़ित लिखित माफीनामा दे दें या फिर अदालत ब्लड मनी जमा कराकर माफी दे दे। पीड़ित की अभी तक माफी देने संबंधी कोई बात सामने नहीं आई है। अब शहजादी को मृत्युदंड से सिर्फ ब्लड मनी ही बचा सकती है बशर्ते अदालत ब्लड मनी लेने का आदेश पारित करें। कहा कि ब्लड मनी जमा करने की कोई फिक्र न करें।
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आबूधाबी की अदालत ब्लड मनी जमा करने का आदेश जारी करती है तो जितनी भी ब्लड मनी होग, उनकी संस्था सर्वत द भला चौरिटेबल जमा करने के लिए तैयार है। अब तक वह छह से अधिक लोगों को ब्लड मनी जमाकर मृत्युदंड से बचा चुके है। शहजादी को भी रिहा कराने के लिए तैयार है। बताया कि शहजादी प्रकरण की जानकारी समाचार पत्र व बुंदेलखंड इंसाफ सेना के अध्यक्ष एएस नोमानी से मिली है। ओबेरॉय दुबई में अपेक्स ग्रुप ऑफ नाम की कंपनी चला रहे हैं।
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यह है ब्लड मनी
इस्लामिक देशों में शरई कानून के मुताबिक मृत्युदंड पाया दोषी दो शर्तों में एक के पूरा होने पर ही बच सकता है। पहली शर्त के मुताबिक पीड़ित अदालत में लिखित रूप से दें कि मैं दोषी को माफ करता हूं। दूसरा अदालत स्वविवेक से ब्लड मनी का जुर्माना कर दे। यह ब्लड मनी पीड़ित को दी जाती है।