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Banda News: गैर इरादतन हत्या में पति-पत्नी को 10 साल सजा
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बांदा। गैर इरादतन हत्या में प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश चंद्रपाल द्वितीय की अदालत ने दंपती को दोषी पाया। इस पर 10-10 साल की सजा सुनाई है। इसके अलावा पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड की अदायगी न होने पर एक-एक वर्ष की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
अशोक सोनी ने शहर कोतवाली में 30 जून 2021 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपने साले कार्तिक सोनी के साथ बांदा में पीतांबरी बेचने का काम करते हैं। उसका साला कार्तिक सोनी आंबेडकर नगर में अधिवक्ता विशाल साहू के मकान में किराए से रहता था। 29 जून की रात उसके साले का शव पड़ाेसी रामसनेही वर्मा की छत पर पड़ा मिला था। उसे शक है कि उसके साले कार्तिक सोनी को रामसनेही व उसकी पत्नी संपत ने मार डाला है।
तहरीर के आधार पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। विवेचना के दौरान विवेचक भास्कर मिश्रा तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक ने साक्ष्यों के आधार पर धारा 302 को परिवर्तित कर 304/34 में आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाह पेश किए गए। अभियोजन के अधिवक्ता ने बताया कि कार्तिक को लाठी से मारपीट कर उसका गला दबाकर मारा गया है। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलील सुनने के पश्चात बुधवार को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम चंद्रपाल द्वितीय ने अपने 31 पृष्ठ के फैसले में पति-पत्नी को दोषी पाया। इस पर दोनों को सजा सुनाई।
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अशोक सोनी ने शहर कोतवाली में 30 जून 2021 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपने साले कार्तिक सोनी के साथ बांदा में पीतांबरी बेचने का काम करते हैं। उसका साला कार्तिक सोनी आंबेडकर नगर में अधिवक्ता विशाल साहू के मकान में किराए से रहता था। 29 जून की रात उसके साले का शव पड़ाेसी रामसनेही वर्मा की छत पर पड़ा मिला था। उसे शक है कि उसके साले कार्तिक सोनी को रामसनेही व उसकी पत्नी संपत ने मार डाला है।
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तहरीर के आधार पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। विवेचना के दौरान विवेचक भास्कर मिश्रा तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक ने साक्ष्यों के आधार पर धारा 302 को परिवर्तित कर 304/34 में आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाह पेश किए गए। अभियोजन के अधिवक्ता ने बताया कि कार्तिक को लाठी से मारपीट कर उसका गला दबाकर मारा गया है। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलील सुनने के पश्चात बुधवार को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम चंद्रपाल द्वितीय ने अपने 31 पृष्ठ के फैसले में पति-पत्नी को दोषी पाया। इस पर दोनों को सजा सुनाई।
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