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हत्याभियुक्त बंदी की जेल में संदिग्ध मौत
ब्यूरो/ अमर उजाला, बांदा
Updated Sun, 28 Dec 2014 11:14 PM IST
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हत्या के आरोप में जेल काट रहे बंदी की संदिग्ध
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परिस्थितियों में जेल में मौत हो गई। परिजनों ने ठंड से मौत होने और जेल
प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा है।
गिरवां थाना क्षेत्र के नेवादा गांव निवासी अवधेश (48) पुत्र जयपाल फरवरी माह से जेल में था। उस पर पड़ोसी देवीदीन की हत्या का आरोप है।
रविवार को सुबह जेल कर्मियों ने उसे बेहोश हालत में एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया। कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। बंदी की मौत से जेल, पुलिस और प्रशासन में हड़कंप है। उधर, सूचना पर अस्पताल आए मृतक बंदी के परिजनों ने जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया।
ठंड से मौत होने की बात कह कर कार्रवाई की मांग की। मृतक के पुत्र लवकुश ने बताया कि उसके पिता जेल जाने के बाद ही बीमार हुए। पुलिस ने शव को सील कर पोस्टमार्टम को भेज दिया। जेल अधीक्षक एचबी सिंह ने बताया कि बंदी अवधेश हृदय रोगी था। 20 दिसंबर को उसे दौरा पड़ा था।
कानपुर के एक अस्पताल में इलाज होने के बाद 25 दिसंबर को वापस जेल आया था। उसकी दवाएं चल रही थीं। ठंड से मौत का आरोप गलत है। सभी बंदियों को पर्याप्त ओढ़ने व बिछाने को कंबल दिए गए हैं।
गिरवां थाना क्षेत्र के नेवादा गांव निवासी अवधेश (48) पुत्र जयपाल फरवरी माह से जेल में था। उस पर पड़ोसी देवीदीन की हत्या का आरोप है।
रविवार को सुबह जेल कर्मियों ने उसे बेहोश हालत में एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया। कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। बंदी की मौत से जेल, पुलिस और प्रशासन में हड़कंप है। उधर, सूचना पर अस्पताल आए मृतक बंदी के परिजनों ने जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया।
ठंड से मौत होने की बात कह कर कार्रवाई की मांग की। मृतक के पुत्र लवकुश ने बताया कि उसके पिता जेल जाने के बाद ही बीमार हुए। पुलिस ने शव को सील कर पोस्टमार्टम को भेज दिया। जेल अधीक्षक एचबी सिंह ने बताया कि बंदी अवधेश हृदय रोगी था। 20 दिसंबर को उसे दौरा पड़ा था।
कानपुर के एक अस्पताल में इलाज होने के बाद 25 दिसंबर को वापस जेल आया था। उसकी दवाएं चल रही थीं। ठंड से मौत का आरोप गलत है। सभी बंदियों को पर्याप्त ओढ़ने व बिछाने को कंबल दिए गए हैं।