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गर्मी ने दी दस्तक, 78 नलकूप, 1300 हैंडपंप खराब
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बांदा। गर्मी के दस्तक देते ही पेयजल संकट भी शुरू हो गया है। जिले में 652 राजकीय नलकूपों में 78 खराब हैं। इसी तरह लगभग 1300 हैंडपंप स्थायी रूप से फेल हो चुके हैं। सीडीओ ने इन्हें एक सप्ताह के अंदर दुरुस्त कराने के आदेश दिए हैं।
महुआ ब्लाक में 5, बड़ोखर में 15, जसपुरा में 17, बबेरू में 13, बिसंडा में 2, कमासिन में 8 और तिंदवारी में 18 नलकूप खराब पड़े हैं। इनमें 50 नलकूप स्थायी रूप से और 28 आंशिक रूप से खराब हैं।
उधर, ग्राम्य विकास विभाग के अनुसार जिले में 36 हजार हैंडपंपों में करीब 1300 स्थायी रूप से खराब पड़े हैं। मुख्य विकास अधिकारी हरिश्चंद्र वर्मा ने जल निगम व नलकूप विभाग के अधिशासी अभियंताओं को निर्देश दिए हैं कि खराब नलकूप व हैंडपंप एक सप्ताह के अंदर ठीक कराएं।
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नलकूप विभाग के अधिशासी अभियंता ज्ञानेश कुमार ने बताया कि पिछले वर्ष चार नलकूपों के रिबोर का बजट मिला था। इसमें जसपुरा के गड़रिया व कानाखेड़ा और तिंदवारी ब्लाक के दतरौली व बदेउरा गांवों के नलकूप रिबोर कराए गए हैं।
बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में अभी कोई बजट नहीं मिला है। बजट आने पर ही खराब नलकूप ठीक कराए जा सकेंगे। यह भी बताया कि विद्युत दोष से खराब नलकूपों की सूची अधिशासी अभियंता विद्युत यांत्रिक शाखा को भेज दी गई है। उधर, जल निगम अधिशासी अभियंता गौरव चौधरी का कहना है कि हैंडपंपों का सत्यापन कराया जा रहा है। खराब हैंडपंप जल्द ठीक कराए जाएंगे।
तीन दिन में 14 शिकायतें
बांदा। पेयजल समस्या की शिकायतें दर्ज करने के लिए विकास भवन में खोले गए कंट्रोल रूम में पिछले तीन दिनों के अंदर 14 शिकायतें दर्ज की गई हैं। इनमें हैंडपंप खराब होने की शिकायतें ज्यादा हैं। डीपीआरओ संजय यादव ने बताया कि हैंडपंप व नलकूप ग्राम पंचायतों को सूचना भेजकर दुरुस्त कराने के लिए कहा गया है।
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महुआ ब्लाक में 5, बड़ोखर में 15, जसपुरा में 17, बबेरू में 13, बिसंडा में 2, कमासिन में 8 और तिंदवारी में 18 नलकूप खराब पड़े हैं। इनमें 50 नलकूप स्थायी रूप से और 28 आंशिक रूप से खराब हैं।
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उधर, ग्राम्य विकास विभाग के अनुसार जिले में 36 हजार हैंडपंपों में करीब 1300 स्थायी रूप से खराब पड़े हैं। मुख्य विकास अधिकारी हरिश्चंद्र वर्मा ने जल निगम व नलकूप विभाग के अधिशासी अभियंताओं को निर्देश दिए हैं कि खराब नलकूप व हैंडपंप एक सप्ताह के अंदर ठीक कराएं।
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नलकूप विभाग के अधिशासी अभियंता ज्ञानेश कुमार ने बताया कि पिछले वर्ष चार नलकूपों के रिबोर का बजट मिला था। इसमें जसपुरा के गड़रिया व कानाखेड़ा और तिंदवारी ब्लाक के दतरौली व बदेउरा गांवों के नलकूप रिबोर कराए गए हैं।
बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में अभी कोई बजट नहीं मिला है। बजट आने पर ही खराब नलकूप ठीक कराए जा सकेंगे। यह भी बताया कि विद्युत दोष से खराब नलकूपों की सूची अधिशासी अभियंता विद्युत यांत्रिक शाखा को भेज दी गई है। उधर, जल निगम अधिशासी अभियंता गौरव चौधरी का कहना है कि हैंडपंपों का सत्यापन कराया जा रहा है। खराब हैंडपंप जल्द ठीक कराए जाएंगे।
तीन दिन में 14 शिकायतें
बांदा। पेयजल समस्या की शिकायतें दर्ज करने के लिए विकास भवन में खोले गए कंट्रोल रूम में पिछले तीन दिनों के अंदर 14 शिकायतें दर्ज की गई हैं। इनमें हैंडपंप खराब होने की शिकायतें ज्यादा हैं। डीपीआरओ संजय यादव ने बताया कि हैंडपंप व नलकूप ग्राम पंचायतों को सूचना भेजकर दुरुस्त कराने के लिए कहा गया है।