{"_id":"6ab804e0736eae0f3e09bbe8","slug":"hearing-on-the-remand-of-three-accused-in-the-codeine-syrup-case-tomorrow-banda-news-c-12-1-knp1100-1663435-2026-09-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda News: कोडीन सिरप मामले में तीन आरोपियों की रिमांड पर सुनवाई कल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda News: कोडीन सिरप मामले में तीन आरोपियों की रिमांड पर सुनवाई कल
विज्ञापन
बांदा। कोडीनयुक्त सिरप तस्करी मामले में मुख्य आरोपी प्रियांशु गुप्ता समेत तीन आरोपियों की पुलिस कस्टडी रिमांड पर सोमवार को न्यायालय में सुनवाई होगी। विवेचक गौरव मिश्रा ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्रियांशु गुप्ता, प्रवीण उर्फ लकी और रोहित पांडेय की पुलिस कस्टडी रिमांड के लिए प्रार्थनापत्र दिया है।
पुलिस ने साक्ष्य संकलन और विवेचना आगे बढ़ाने के लिए आरोपियों से पूछताछ को जरूरी बताया है। इसके लिए प्रियांशु गुप्ता, रोहित पांडेय और प्रवीण उर्फ लकी की पुलिस कस्टडी रिमांड मांगी गई है। रिमांड मंजूर होने पर पुलिस को सिरप कारोबार से जुड़े अन्य लोगों और नेटवर्क की जानकारी मिलने की उम्मीद है।
उधर, अतर्रा निवासी आरोपी प्रवीण उर्फ लकी और हापुड़ निवासी आरोपी शेखर की जमानत याचिका भी भी सोमवार को सुनवाई होनी है। विवेचक गौरव मिश्रा ने पूर्व में जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान जमानत का विरोध किया था। इसके बाद न्यायालय ने सुनवाई के लिए अगली तारीख दी थी।
विज्ञापन
-- -
मुख्य आरोपी के जीजा को 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा
पुलिस ने शुक्रवार को बदौसा स्टेशन रोड तिराहे के पास से मुख्य आरोपी प्रियांशु गुप्ता के जीजा रवींद्र गुप्ता को गिरफ्तार किया था। हमीरपुर के भरुआ सुमेरपुर थाना क्षेत्र के बरुआ गांव निवासी रवींद्र के नाम पर ही ओम मेडिकल एजेंसी का लाइसेंस था। इसी लाइसेंस के जरिए सिरप की खेप मंगाई गई थी। शनिवार को न्यायालय में पेश करने के बाद उसे 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
-- -
प्रियांशु ने जीजा के नाम पर लिया था लाइसेंस
पुलिस सूत्रों के अनुसार पूछताछ में सामने आया है कि प्रियांशु ने रवींद्र के नाम पर मेडिकल एजेंसी का लाइसेंस बनवाया था। रवींद्र को पूरे नेटवर्क की ज्यादा जानकारी नहीं थी। सिरप की खेप पकड़े जाने के बाद वह कानपुर, फतेहपुर और मध्यप्रदेश के सीमावर्ती जिलों में छिपता रहा। बदौसा में वह रिश्तेदार के यहां रुका था। पुलिस का दबाव बढ़ने पर अतर्रा में प्रियांशु के परिवार से संपर्क करने के प्रयास के दौरान उसे पकड़ लिया गया।
-- -
विज्ञापन
पुलिस ने साक्ष्य संकलन और विवेचना आगे बढ़ाने के लिए आरोपियों से पूछताछ को जरूरी बताया है। इसके लिए प्रियांशु गुप्ता, रोहित पांडेय और प्रवीण उर्फ लकी की पुलिस कस्टडी रिमांड मांगी गई है। रिमांड मंजूर होने पर पुलिस को सिरप कारोबार से जुड़े अन्य लोगों और नेटवर्क की जानकारी मिलने की उम्मीद है।
विज्ञापन
उधर, अतर्रा निवासी आरोपी प्रवीण उर्फ लकी और हापुड़ निवासी आरोपी शेखर की जमानत याचिका भी भी सोमवार को सुनवाई होनी है। विवेचक गौरव मिश्रा ने पूर्व में जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान जमानत का विरोध किया था। इसके बाद न्यायालय ने सुनवाई के लिए अगली तारीख दी थी।
विज्ञापन
मुख्य आरोपी के जीजा को 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा
पुलिस ने शुक्रवार को बदौसा स्टेशन रोड तिराहे के पास से मुख्य आरोपी प्रियांशु गुप्ता के जीजा रवींद्र गुप्ता को गिरफ्तार किया था। हमीरपुर के भरुआ सुमेरपुर थाना क्षेत्र के बरुआ गांव निवासी रवींद्र के नाम पर ही ओम मेडिकल एजेंसी का लाइसेंस था। इसी लाइसेंस के जरिए सिरप की खेप मंगाई गई थी। शनिवार को न्यायालय में पेश करने के बाद उसे 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
प्रियांशु ने जीजा के नाम पर लिया था लाइसेंस
पुलिस सूत्रों के अनुसार पूछताछ में सामने आया है कि प्रियांशु ने रवींद्र के नाम पर मेडिकल एजेंसी का लाइसेंस बनवाया था। रवींद्र को पूरे नेटवर्क की ज्यादा जानकारी नहीं थी। सिरप की खेप पकड़े जाने के बाद वह कानपुर, फतेहपुर और मध्यप्रदेश के सीमावर्ती जिलों में छिपता रहा। बदौसा में वह रिश्तेदार के यहां रुका था। पुलिस का दबाव बढ़ने पर अतर्रा में प्रियांशु के परिवार से संपर्क करने के प्रयास के दौरान उसे पकड़ लिया गया।