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Banda News: कोडीनयुक्त सिरप मामले में रिमांड पर सुनवाई आज
Wed, 30 Sep 2026 11:14 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Wed, 30 Sep 2026 11:14 PM IST
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बांदा। कोडीनयुक्त सिरप तस्करी मामले में मुख्य आरोपी प्रियांशु गुप्ता, प्रवीण उर्फ लकी और रोहित पांडेय की पुलिस रिमांड पर बृहस्पतिवार को सुनवाई होगी।
विवेचक गौरव मिश्रा ने विशेष न्यायाधीश आवश्यक वस्तु अधिनियम की अदालत में तीनों से पूछताछ के लिए रिमांड प्रार्थना-पत्र दाखिल किया है। पुलिस का कहना है कि साक्ष्य संकलन और जांच की कड़ियों को जोड़ने के लिए आरोपियों से दोबारा पूछताछ जरूरी है।
तीन सितंबर को बिसंडा में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के पास एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त टीम ने 250 पेटियों में 30 हजार शीशी कोडीनयुक्त सिरप बरामद की थी। बरामद शीशियों में करीब तीन हजार लीटर सिरप था। मामले में पहले धीरेंद्र, प्रवीण उर्फ लकी, रोहित और हापुड़ निवासी डीसीएम चालक शेखर को गिरफ्तार किया गया था। बाद में मुख्य आरोपी प्रियांशु गुप्ता उर्फ किशन को आगरा से पकड़ा गया।
जांच में सामने आया कि सिरप की खेप हमीरपुर स्थित ओम मेडिकल एजेंसी के लाइसेंस के जरिए मंगाई गई थी। पुलिस ने मुख्य आरोपी के जीजा रवींद्र गुप्ता को भी 22 दिन बाद गिरफ्तार किया था। उसके नाम पर एजेंसी का लाइसेंस था। न्यायालय ने उसे 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में भेजा है।
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इस गिरफ्तारी के बाद मामले में अब तक छह आरोपी पकड़े जा चुके हैं। पुलिस अतर्रा, बांदा, चित्रकूट और मध्यप्रदेश के आसपास के जिलों तक फैले नेटवर्क के साथ खेप के खरीद-फरोख्त और लेनदेन से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है। रिमांड पर होने वाली पूछताछ में पुलिस बरामद खेप के स्रोत, सप्लाई और इससे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने पर जोर दे सकती है।
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विवेचक गौरव मिश्रा ने विशेष न्यायाधीश आवश्यक वस्तु अधिनियम की अदालत में तीनों से पूछताछ के लिए रिमांड प्रार्थना-पत्र दाखिल किया है। पुलिस का कहना है कि साक्ष्य संकलन और जांच की कड़ियों को जोड़ने के लिए आरोपियों से दोबारा पूछताछ जरूरी है।
तीन सितंबर को बिसंडा में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के पास एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त टीम ने 250 पेटियों में 30 हजार शीशी कोडीनयुक्त सिरप बरामद की थी। बरामद शीशियों में करीब तीन हजार लीटर सिरप था। मामले में पहले धीरेंद्र, प्रवीण उर्फ लकी, रोहित और हापुड़ निवासी डीसीएम चालक शेखर को गिरफ्तार किया गया था। बाद में मुख्य आरोपी प्रियांशु गुप्ता उर्फ किशन को आगरा से पकड़ा गया।
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जांच में सामने आया कि सिरप की खेप हमीरपुर स्थित ओम मेडिकल एजेंसी के लाइसेंस के जरिए मंगाई गई थी। पुलिस ने मुख्य आरोपी के जीजा रवींद्र गुप्ता को भी 22 दिन बाद गिरफ्तार किया था। उसके नाम पर एजेंसी का लाइसेंस था। न्यायालय ने उसे 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में भेजा है।
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इस गिरफ्तारी के बाद मामले में अब तक छह आरोपी पकड़े जा चुके हैं। पुलिस अतर्रा, बांदा, चित्रकूट और मध्यप्रदेश के आसपास के जिलों तक फैले नेटवर्क के साथ खेप के खरीद-फरोख्त और लेनदेन से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है। रिमांड पर होने वाली पूछताछ में पुलिस बरामद खेप के स्रोत, सप्लाई और इससे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने पर जोर दे सकती है।