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Banda News: स्कूली बसों की जमीनी जांच, सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश
Sat, 14 Mar 2026 12:15 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sat, 14 Mar 2026 12:15 AM IST
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फोटो - 13 स्कूूली बस में जांच के दौरान बच्चों से जानकारी लेते उप परिवहन आयुक्त। संवाद
बांदा। उप परिवहन आयुक्त परिक्षेत्र झांसी केडी सिंह गौर ने शुक्रवार को जिले में औचक निरीक्षण अभियान चलाया। उन्होंने कई स्कूली बसों की जांच की और अधिकारियों को सघन जांच के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य हादसों को रोकना और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
निरीक्षण के दौरान हमीरपुर से कालिंजर जा रही दो टूरिस्ट बसों के विंडस्क्रीन में स्क्रैच मिला। इस पर उन्होंने किसी अप्रिय संभावना के चलते बच्चों को दूसरी बस में शिफ्ट कराने का निर्देश दिया। उप परिवहन आयुक्त मानक विहीन वाहनों में बच्चों के असुरक्षित परिवहन को लेकर सख्त मूड में नजर आए। उन्होंने बताया कि बीते दिनों प्रदेश में दो लोमहर्षक घटनाएं हुई हैं।
इन घटनाओं में बस संचालकों की लापरवाही से मासूमों को जान तक गंवानी पड़ी थी। इसके बाद वह कई विद्यालय भी पहुंचे।वहां उन्होंने स्कूल प्रबंधन से वार्ता कर बसों का भौतिक निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है। स्कूल प्रबंधन यह सुनिश्चित करें कि उनके विद्यालय में संचालित वाहन सुरक्षा मानकों को पूर्ण करते हों। साथ ही उनका फिटनेस भी वैध हो और मानक विहीन वाहनों के विरुद्ध लगातार जांच अभियान चलाया जाए।
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निरीक्षण के दौरान हमीरपुर से कालिंजर जा रही दो टूरिस्ट बसों के विंडस्क्रीन में स्क्रैच मिला। इस पर उन्होंने किसी अप्रिय संभावना के चलते बच्चों को दूसरी बस में शिफ्ट कराने का निर्देश दिया। उप परिवहन आयुक्त मानक विहीन वाहनों में बच्चों के असुरक्षित परिवहन को लेकर सख्त मूड में नजर आए। उन्होंने बताया कि बीते दिनों प्रदेश में दो लोमहर्षक घटनाएं हुई हैं।
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इन घटनाओं में बस संचालकों की लापरवाही से मासूमों को जान तक गंवानी पड़ी थी। इसके बाद वह कई विद्यालय भी पहुंचे।वहां उन्होंने स्कूल प्रबंधन से वार्ता कर बसों का भौतिक निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है। स्कूल प्रबंधन यह सुनिश्चित करें कि उनके विद्यालय में संचालित वाहन सुरक्षा मानकों को पूर्ण करते हों। साथ ही उनका फिटनेस भी वैध हो और मानक विहीन वाहनों के विरुद्ध लगातार जांच अभियान चलाया जाए।
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