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खिलाड़ियों के निवाले में भी हो रहा ‘खेल’

Sun, 08 Feb 2015 12:16 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा Updated Sun, 08 Feb 2015 12:16 AM IST
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Going to bite players 'games'

खिलाड़ियों को मेन्यू के मुताबिक दिए जाने वाले अंडा, मक्खन और दलिया में ‘खेल’ हो रहा है। अनुशासन की कार्रवाई के डर से खिलाड़ी निवाला छीनने वालों के खिलाफ मुंह खोलने का साहस नहीं जुटा पा रहे थे।

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उधर, जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम के खेल मैदान को संवारने के लिए पिछले दो वर्षों में तीन लाख रुपये खर्च बताए जाने के बाद भी मैदान संवर नहीं सका। गड्ढेे और घास से मैदान की सूरत बिगड़ गई है।
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जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत आरटीआई एक्टीविस्ट शोएब रिजवी को जिला क्रीडाधिकारी संजय शर्मा ने उपलब्ध कराई सूचना में बताया है कि ग्राउंड मेंटीनेंस पर वर्ष 2012-13 में 1.50 लाख रुपये और वर्ष 2013-14 में तीन लाख रुपये खर्च हुए हैं। प्रशिक्षण में इन दो वर्षों में क्रमश: 2,98,220 रुपये और 1,83,840 रुपये खर्च किए गए हैं।
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प्रतियोगिताओं के नाम पर इन दो वर्षों में पहले वर्ष 3,16,322 रुपये और दूसरे वर्ष 3,20,886 रुपये बजट खर्च हुआ है। इसके बाद भी खेल ग्राउंड पर जगह-जगह गड्ढे और जंगली घास नजर आ रही है। पिच पर दरारें पड़ गई हैं।

जन सूचना में क्रीडाधिकारी ने यह भी बताया है कि खेल निदेशालय, उत्तर प्रदेश द्वारा वालीबाल छात्रावास में रहने वाले छात्रों को प्रतिदिन 150 रुपये दिए जा रहे हैं। इसके अलावा शिक्षा पर 600 रुपये, किट पर 2500 रुपये, चिकित्सा पर 600 रुपये, क्रीडा उपकरण पर 1500 रुपये और प्रतियोगिता पर 300 रुपये निर्धारित हैं।

निदेशालय ने छात्रावास के खिलाड़ियों के लिए रोजाना दो बार नाश्ता (सुबह और शाम) तथा दोपहर व रात का भोजन के लिए मेनू निर्धारित कर रखा है। सप्ताह के हरेक दिन अलग-अलग मीनू निधारित है। नाश्ते में 400 मिली लीटर दूध, दो अंडे, एक फल, चार पीस फैमिली ब्रेड, 20 ग्राम मक्खन और 50 ग्राम दलिया और चाय निर्धारित है।


दूसरी तरफ छात्रावास के खिलाड़ियों ने बताया कि मक्खन दो-तीन दिन में एक बार मिल जाता है। अंडा सिर्फ एक मिलता है। दलिया मिलता ही नहीं। फल कभी कभार मयस्सर होता है। हालांकि इन खिलाड़ियों ने अपना नाम उजागर न करने की शर्त पर यह जानकारी दी है।

उनका कहना है कि नाम छपने से गाज गिर जाएगा। उधर, क्रीडाधिकारी संजय शर्मा ने मीनू में किसी तरह की कटौती के आरोप को गलत बताया। 

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