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ग्लूकोमा से क्षीण होती आंखों की रोशनी
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बांदा। विश्व ग्लूकोमा दिवस पर राष्ट्रीय अंधता एवं दृष्टिक्षीणता नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जिला चिकित्सालय के नेत्र विभाग में नि:शुल्क ग्लूकोमा जांच व मोतियाबिंद लेंस प्रत्यारोपण शिविर लगाया गया।
डीएम आनंद कुमार सिंह ने कहा कि ग्लूकोमा के प्रति समाज में जागरुकता लाने के लिए प्रति वर्ष यह कार्यक्रम मनाया जाता है। सीएमओ डा. एनडी शर्मा ने बताया कि ग्लूकोमा नेत्र की ऐसी बीमारी है, जिसमें आंखों की आप्टिक क्रेनियल नर्व क्षति होती जाती है। दृष्टि क्षीण होने लगती है। कार्यक्रम प्रबंधक व वरिष्ठ नेत्र सर्जन डा. एसपी गुप्ता ने बताया कि नेत्र विभाग में यान लेजर की सुविधा उपलब्ध है। नेत्र विभाग में हर सोमवार को मोतियाबिंद नेत्र शिविर आयोजित होता है। चयनित नेत्र रोगियों का नि:शुल्क नेत्र प्रत्यारोपण किया जाता है। मोतियाबिंद शिविरों मेें बेहतर कार्य करने पर डीएम ने स्वयंसेवी संस्थाओं को प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. उदयभान, डा. एसएन मिश्रा, आरएम त्रिपाठी, बाबूलाल गुप्ता, संत कुमार, तरुण खरे, इरशाद हुसैन, जीशान आदि मौजूद रहे। (संवाद)
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डीएम आनंद कुमार सिंह ने कहा कि ग्लूकोमा के प्रति समाज में जागरुकता लाने के लिए प्रति वर्ष यह कार्यक्रम मनाया जाता है। सीएमओ डा. एनडी शर्मा ने बताया कि ग्लूकोमा नेत्र की ऐसी बीमारी है, जिसमें आंखों की आप्टिक क्रेनियल नर्व क्षति होती जाती है। दृष्टि क्षीण होने लगती है। कार्यक्रम प्रबंधक व वरिष्ठ नेत्र सर्जन डा. एसपी गुप्ता ने बताया कि नेत्र विभाग में यान लेजर की सुविधा उपलब्ध है। नेत्र विभाग में हर सोमवार को मोतियाबिंद नेत्र शिविर आयोजित होता है। चयनित नेत्र रोगियों का नि:शुल्क नेत्र प्रत्यारोपण किया जाता है। मोतियाबिंद शिविरों मेें बेहतर कार्य करने पर डीएम ने स्वयंसेवी संस्थाओं को प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. उदयभान, डा. एसएन मिश्रा, आरएम त्रिपाठी, बाबूलाल गुप्ता, संत कुमार, तरुण खरे, इरशाद हुसैन, जीशान आदि मौजूद रहे। (संवाद)
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