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घर की समृद्धि को की महालक्ष्मी पूजा
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बांदा/अतर्रा। महिलाओं ने मंगलवार को महालक्ष्मी पूजन कर घर की सुख-समृद्धि की कामना की। महालक्ष्मी पर्व को लेकर सुबह से ही महिलाओं में खासा उत्साह दिखा। अलग-अलग महिलाएं जत्थों में केन नदी, साहब तालाब, नवाब टैंक में जाकर स्नान किया और विधिवत पूजा की।
महिलाओं ने इस दौरान सुचि कर सूर्य को अर्घ्य दिया। बाद में घर आकर विधि विधान से मिट्टी के हाथी में विराजमान महालक्ष्मी की पूजा की। प्राचीन प्रचलित कथा सुनी।
संस्कृत विद्यालय के प्राचार्य डा. अशोक अवस्थी का कहना है कि महाभारत काल में अर्जुन ने अपनी मां के लिए इंद्र के यहां से सजीव ऐरावत हाथी पूजा-अर्चना के लिए मंगाया था। यह व्रत पुत्रों की दीर्घायु व घर की समृद्धि के लिए रखा जाता है।
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ब्राह्मणों और कन्याओं को दान दिया। उधर, अतर्रा कस्बा सहित आसपास के गांवों की महिलाओं ने बांदा रोड स्थित केन नहर में स्नान कर सूर्य को अर्घ्य दिया और घर आकर मिट्टी के हाथी पर सवार महालक्ष्मी का पूजन किया। घर की सुख, शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
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महिलाओं ने इस दौरान सुचि कर सूर्य को अर्घ्य दिया। बाद में घर आकर विधि विधान से मिट्टी के हाथी में विराजमान महालक्ष्मी की पूजा की। प्राचीन प्रचलित कथा सुनी।
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संस्कृत विद्यालय के प्राचार्य डा. अशोक अवस्थी का कहना है कि महाभारत काल में अर्जुन ने अपनी मां के लिए इंद्र के यहां से सजीव ऐरावत हाथी पूजा-अर्चना के लिए मंगाया था। यह व्रत पुत्रों की दीर्घायु व घर की समृद्धि के लिए रखा जाता है।
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ब्राह्मणों और कन्याओं को दान दिया। उधर, अतर्रा कस्बा सहित आसपास के गांवों की महिलाओं ने बांदा रोड स्थित केन नहर में स्नान कर सूर्य को अर्घ्य दिया और घर आकर मिट्टी के हाथी पर सवार महालक्ष्मी का पूजन किया। घर की सुख, शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की।