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मां के जयकारों से गूंजे देवी मंदिर
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
Updated Sun, 18 Mar 2018 11:54 PM IST
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महेश्वरी देवी मंदिर में जलाभिषेक करतीं श्रद्धालु महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
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चैत्र नवरात्र शुरू होते ही देवी मंदिर श्रद्धालुओं से गुलजार हो गए। रविवार को जयकारों की गूंज के बीच जलाभिषेक और पूजा-अर्चना की गई। नौ दिन व्रत रखने वालों ने घरों में कलश स्थापना की और जवारे बोये। तमाम महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने बैठकी (प्रतिपदा) पर एक दिन का व्रत रखा। विंध्यवासिनी, कालका देवी समेत तमाम शक्तिपीठों में मेला शुरू हुआ।
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रविवार नवरात्र का पहला दिन था। शहर में स्थित महेश्वरी देवी, काली देवी, सिंहवाहिनी, चौसठ जोगिनी, मरही माता, कालका देवी, महामाई मंदिर और जनपद के अन्य क्षेत्रों के देवी मंदिरों में तड़के से ही श्रद्धालुओं का जमावड़ा शुरू हो गया। भक्तों ने जलाभिषेक के साथ पूजा-अर्चना की। पुरोहितों ने देवी पुराण व दुर्गा सप्तशती पाठ शुरू किया। देवी मंदिरों के आसपास मेला सा नजारा रहा। उधर, घरों में नौ दिन व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना के साथ कलश स्थापना की। अधिकांश श्रद्धालुओं ने बैठकी पर एक दिन का व्रत रखा।
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गिरवां और खत्री पहाड़ प्रतिनिधि के मुताबिक खत्री पहाड़ स्थित विंध्यवासिनी देवी परिसर में 10 दिवसीय मेला शुरू हो गया। सीमावर्ती मध्य प्रदेश के पन्ना, छतरपुर, सतना आदि जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु आ रहे हैं। पुरोहितों ने शतचंडी यज्ञ और पाठ की शुरुआत की। मेला आयोजन समिति ने प्रशासन से सड़क, बिजली और पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।
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बबेरू प्रतिनिधि के मुताबिक मढ़ीदाई मंदिर में पूजा-अर्चना की धूम रही। परंपरा के मुताबिक मंदिर परिसर में एक और देवी प्रतिमा स्थापित की गई। श्रद्धालुओं ने घरों में जवारे बोकर नौ दिन का व्रत शुरू किया। बाकल की जोगिनी माता मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। मेला में क्षेत्रीय श्रद्धालुओं के अलावा समीपवर्ती फतेहपुर व कौशांबी जिले से आए आस्थावानों ने पूजा-अर्चना की। बेंदाघाट प्रतिनिधि के मुताबिक यमुना तट पर कालका देवी में नौ दिवसीय मेला शुरू हुआ। अतर्रा प्रतिनिधि के मुताबिक गौराबाबा धाम सहित शारदा देवी मंदिर में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया।