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Banda News: पंडालों और घरों में विराजे गजानन
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बांदा। विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ बुधवार की शाम शहर के 80 स्थानों पर गणेश प्रतिमाओं की स्थापना की गई। शाम होते ही श्रद्धालु गणपति का दर्शन करने के लिए पहुंचे।
इधर, दोपहर से लेकर शाम तक श्रद्धालु वाहनों और ट्रैक्टरों में गणपति प्रतिमाएं लेकर जाते हुए नजर आए। पहले दिन केसर, ड्राईफूट और खोवे के मोदक से गणपति का भोग लगाया गया।
नौ दिवसीय गणेश महोत्सव बुधवार से शुरू हो गया। एक सप्ताह पूर्व से ही शहर के विभिन्न स्थानों पर पंडाल बनाने का सिलसिला शुरू हो गया था।
केंद्रीय गणपति महोत्सव समिति के संयोजक अमित सेठ भोलू के मुताबिक शहर में 80 स्थानों पर बुधवार की रात तक गणेश प्रतिमाओं की मंत्रोच्चार और हवन पूजन के साथ स्थापना की गई। गणेश भवन के अलावा महाराणा प्रताप चौक, मुख्य बाजार, कालूकुआं, बाबूलाल चौराहा के अलावा खूंटी चौराहा समेत अन्य स्थानों पर गणेश प्रतिमाओं को स्थापित किया गया है।
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गणेश प्रतिमाओं की स्थापना के बाद दर्शन करने के लिए श्रद्धालु गणपति पंडालों पर पहुंचे और प्रसाद भी ग्रहण किया। स्थापना के बाद गजानन की आरती की गई और मोदक का भोग लगाया गया।
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इधर, दोपहर से लेकर शाम तक श्रद्धालु वाहनों और ट्रैक्टरों में गणपति प्रतिमाएं लेकर जाते हुए नजर आए। पहले दिन केसर, ड्राईफूट और खोवे के मोदक से गणपति का भोग लगाया गया।
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नौ दिवसीय गणेश महोत्सव बुधवार से शुरू हो गया। एक सप्ताह पूर्व से ही शहर के विभिन्न स्थानों पर पंडाल बनाने का सिलसिला शुरू हो गया था।
केंद्रीय गणपति महोत्सव समिति के संयोजक अमित सेठ भोलू के मुताबिक शहर में 80 स्थानों पर बुधवार की रात तक गणेश प्रतिमाओं की मंत्रोच्चार और हवन पूजन के साथ स्थापना की गई। गणेश भवन के अलावा महाराणा प्रताप चौक, मुख्य बाजार, कालूकुआं, बाबूलाल चौराहा के अलावा खूंटी चौराहा समेत अन्य स्थानों पर गणेश प्रतिमाओं को स्थापित किया गया है।
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गणेश प्रतिमाओं की स्थापना के बाद दर्शन करने के लिए श्रद्धालु गणपति पंडालों पर पहुंचे और प्रसाद भी ग्रहण किया। स्थापना के बाद गजानन की आरती की गई और मोदक का भोग लगाया गया।