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‘बेटे को हाथ लगाया तो कर लूंगी आत्मदाह’
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Wed, 11 Mar 2015 12:08 AM IST
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कैंसर पीड़ित फूला देवी का आमरण अनशन दूसरे दिन भी जारी रहा। आरोप है कि पुलिस के साथ सपा नेताओं ने भी उसे हड़काया। धमकियों से नाराज फूला ने चेतावनी दी है कि उसके पुत्र को हाथ भी लगाया गया तो वह उसी वक्त आत्मदाह कर लेगी।
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इलाज के लिए मदद न मिलने से नाराज समाज सेविका फूला देवी यादव मुख्यालय से मात्र पांच किलोमीटर दूर अपने पैतृक गांव बड़ोखर खुर्द गांव में आमरण अनशन पर बैठी हैं। उसके समर्थन में पूरा गांव एकजुट है।
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लोगों के मुताबिक, सोमवार को एसडीएम सदर उसे हड़का और धमकाकर आए थे। मंगलवार को सुबह सपा विधायक विशंभर सिंह यादव और जिलाध्यक्ष शमीम बांदवी अनशन स्थल पहुंचे। पहले तो फूला को समझाने-बुझाने की कोशिश की। जब वह नहीं मानी तो चेतावनी भरे लहजे मेें कहा कि यह रूप दिखाने से कोई फायदा नहीं होने वाला।
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सपा नेताओं ने यह भी कहा इस तरीके से मुख्यमंत्री नहीं आने वाले। उधर, यह भी पता चला है कि शहर कोतवाली प्रभारी रणवीर सिंह भी फूला देवी को मनाते और धमकाते रहे।
फूला देवी ने बताया कि उसके पुत्र सत्येंद्र सिंह को पुलिस उठाने की धमकी दे रही है। सत्येंद्र सपा कार्यकर्ता है। फूला देवी ने खबरदार किया है कि अगर उसके पुत्र को हाथ भी लगाया गया तो वह उसी वक्त आत्मदाह कर लेगी। फूला ने कहा है कि वह न तो किसी सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा रही है न सरकार की छवि खराब कर रही है।
उधर, दूसरे दिन भी बड़ोखर के ग्रामीणों का फूला को समर्थन जारी रहा। संजू, ज्योति, नेहा, मिठाईलाल, नीरज, कल्लू, मुन्नीलाल, गुड़िया, चंदन, कस्तूरिया और प्रगतिशील किसान प्रेम सिंह उसके समर्थन में बैठे रहे।
नरैनी क्षेत्र के 10 गांवों में फैलेगा ‘फूला आंदोलन’
बांदा। कैंसर पीड़ित फूला देवी के आंदोलन की ‘चिंगारी’ नरैनी क्षेत्र के 10 गांवों में फैलेगी। यह घोषणा चिंगारी संगठन और विद्याधाम समिति ने की है। शुरुआत बुधवार को नरैनी क्षेत्र के चौकिनपुरवा गांव से होगी। यहां इस दिन चूल्हे नहीं जलेंगे। इन गांवों के लोग फूला के साथ अनशन पर बैठेंगे।
विद्याधाम समिति के मंत्री राजाभइया ने बताया कि कैंसर पीड़ित और गांव की महिलाओं को साक्षर बना रही फूला देवी का इलाज जरूरी है। फिल्मी कलाकारों और अन्य चहेतों को लाखों और करोड़ों रुपये प्रदेश और केंद्र सरकार इनाम के तौर पर दे देती है।
एक समाजसेवी महिला की जान बचाने के लिए सरकार और जनप्रतिनिधि सुध नहीं ले रहे। जबकि उसका बेटा सपा का कार्यकर्ता है। उन्होंने बताया कि बुधवार को चौकिन पुरवा मेें चूल्हे नहीं जलेंगे। पूरे क्षेत्र में फूला के समर्थन में सत्याग्रह आंदोलन किया जाएगा।
इलाज के लिए मांगा इस्टीमेट
बांदा। सपा विधायक विशंभर सिंह यादव ने कहा है कि फूला देवी को पूर्व में मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से इलाज के लिए 40 हजार रुपये दिए जा चुके हैं।
उन्होंने खुद अनशन स्थल पर जाकर फूला देवी से कहा था कि इलाज के लिए सहायता मिलने का जो नियम है उसके मुताबिक संबंधित अस्पताल का इस्टीमेट बनवाकर दें। ताकि मुख्यमंत्री जी से स्वीकृत कराकर अस्पताल को यह धनराशि भिजवाई जा सके। रोगी को नगद सहायता देने का विवेकाधीन कोष से नियम नहीं है।