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बेटी की हत्या में मां समेत चार गिरफ्तार
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Four arrested including mother in daughter's murder
- फोटो : BANDA
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बांदा/अतर्रा। मां ही सात वर्षीय बेटी की कातिल निकली। बेटी ने उसे प्रेमी के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। इसके बाद मां ने प्रेमी के साथ उसकी हत्या की साजिश रची। प्रेमी और उसके दोस्तों से उसे अगवा कराया और फिर हत्या कर अधजला शव बोरी में भरकर बागै नदी में फेंक दिया था। आठ माह बाद पुलिस ने घटना का पर्दाफाश कर दिया। हत्यारोपी मां समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से तमंचा और दो चाकू बरामद हुए हैं। पकड़े गए हत्यारोपियों में दो चित्रकूट के हैं।
पुलिस लाइन सभागार में पुलिस अधीक्षक अभिनंदन ने बताया कि शहर के शांति नगर की गुड़िया साहू अपनी सात वर्षीय बेटी रंजना के साथ अतर्रा में किराए का कमरा लेकर रहती थी। पिछले वर्ष 26 अक्तूबर को उसने रंजना के गुम होने की अतर्रा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 5 नवंबर को कमासिन थाना पुलिस को बागै नदी किनारे अधजला शव मिला।
शिनाख्त कराने पर गुड़िया ने बेटी का शव होने से इनकार कर दिया। हालांकि हुलिया के मुताबिक रंजना का ही शव मानकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी। पर्याप्त सुबूत हाथ लगने के बाद पुलिस ने मंगलवार को गुड़िया साहू समेत मूसा नगर (अतर्रा) निवासी संतोष कुमार, सुदिनपुर (चित्रकूट) निवासी आलोक वर्मा और नांदीतौरा (चित्रकूट) निवासी बंधू उर्फ रामेंद्र को गिरफ्तार कर लिया।
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हत्यारोपियों के हवाले से एसपी ने बताया कि गुड़िया के पड़ोसी किराएदार संतोष कुमार से प्रेम संबंध थे। बेटी रंजना ने मां को उसके साथ आपत्तिजनक हालत में देख लिया था। तभी उसे ठिकाने लगाने की साजिश रची। 25 अक्तूबर को संतोष रंजना को साथ ले गया और उसने अपने दोस्त आलोक को घर बुलाकर उसे सौंप दिया। आलोक के घर वालों ने एतराज किया तो संतोष ने रंजना को दूसरे दोस्त बंधू उर्फ रामेंद्र के हवाले कर दिया।
बंधू ने रंजना को अपने साढ़ू प्यारेलाल (राजापुर) के घर में रखा। इसके बाद संतोष और बंधू रंजना को वहां से लेकर लोहरा (कमासिन) गांव चले गए और पीरबाबा के पास उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। शव को जलाने का प्रयास किया।
शव न जलने पर उसको बोरी में भरकर बागै नदी किनारे फेंककर भाग गए। पुलिस के मुताबिक गुड़िया के अवैध संबंध संतोष के अलावा आलोक वर्मा से भी थे। संतोष, आलोक और बंधू तीनों दोस्त बताए गए हैं। घटना का पर्दाफाश किए जाने पर एसओजी, सर्विलांस और अतर्रा पुलिस टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की।
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पुलिस लाइन सभागार में पुलिस अधीक्षक अभिनंदन ने बताया कि शहर के शांति नगर की गुड़िया साहू अपनी सात वर्षीय बेटी रंजना के साथ अतर्रा में किराए का कमरा लेकर रहती थी। पिछले वर्ष 26 अक्तूबर को उसने रंजना के गुम होने की अतर्रा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 5 नवंबर को कमासिन थाना पुलिस को बागै नदी किनारे अधजला शव मिला।
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शिनाख्त कराने पर गुड़िया ने बेटी का शव होने से इनकार कर दिया। हालांकि हुलिया के मुताबिक रंजना का ही शव मानकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी। पर्याप्त सुबूत हाथ लगने के बाद पुलिस ने मंगलवार को गुड़िया साहू समेत मूसा नगर (अतर्रा) निवासी संतोष कुमार, सुदिनपुर (चित्रकूट) निवासी आलोक वर्मा और नांदीतौरा (चित्रकूट) निवासी बंधू उर्फ रामेंद्र को गिरफ्तार कर लिया।
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हत्यारोपियों के हवाले से एसपी ने बताया कि गुड़िया के पड़ोसी किराएदार संतोष कुमार से प्रेम संबंध थे। बेटी रंजना ने मां को उसके साथ आपत्तिजनक हालत में देख लिया था। तभी उसे ठिकाने लगाने की साजिश रची। 25 अक्तूबर को संतोष रंजना को साथ ले गया और उसने अपने दोस्त आलोक को घर बुलाकर उसे सौंप दिया। आलोक के घर वालों ने एतराज किया तो संतोष ने रंजना को दूसरे दोस्त बंधू उर्फ रामेंद्र के हवाले कर दिया।
बंधू ने रंजना को अपने साढ़ू प्यारेलाल (राजापुर) के घर में रखा। इसके बाद संतोष और बंधू रंजना को वहां से लेकर लोहरा (कमासिन) गांव चले गए और पीरबाबा के पास उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। शव को जलाने का प्रयास किया।
शव न जलने पर उसको बोरी में भरकर बागै नदी किनारे फेंककर भाग गए। पुलिस के मुताबिक गुड़िया के अवैध संबंध संतोष के अलावा आलोक वर्मा से भी थे। संतोष, आलोक और बंधू तीनों दोस्त बताए गए हैं। घटना का पर्दाफाश किए जाने पर एसओजी, सर्विलांस और अतर्रा पुलिस टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की।