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पटाखों ने फैलाया प्रदूषण, आंधी-बारिश ने धो डाला
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Firecrackers spread pollution, rain and rain washed away
- फोटो : BANDA
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बांदा। आतिशबाजी के जहरीले धुएं और धमाकों से पर्यावरण में फैले प्रदूषण को मौसम के एक झटके ने धो डाला। खतरे के निशान पर पहुंच गए एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) में जबरदस्त गिरावट आई। यह 250 से घटकर 155 पर आ गया। मौसम की यह मार न पड़ती तो पटाखों का यह प्रदूषण चित्रकूटधाम मंडल में कई दिनों तक रंग दिखाता।
कोरोना महामारी के मद्देनजर इस वर्ष दीपावली पर आतिशबाजी से पर्यावरण को प्रदूषित न करने की तमाम अपीलें की गईं थीं। इसके लिए अभियान भी चले, लेकिन दीपावली जश्न के जोश में लोगों ने इन सारी अपीलों को दरकिनार कर दिया। पिछले वर्षों की तर्ज पर पूरे मंडल के शहरों में जोरदार आतिशबाजी हुई।
दिवाली की रात धुएं और धमाकों से पूरा वातावरण और पर्यावरण में धुंध छा गई। माना जा रहा था कि यह प्रदूषण कई दिन तक बरकरार रहेगा, लेकिन दिवाली के अगले दिन रविवार की देर रात प्रकृति मेहरबान हो गई। आधी रात को अचानक मौसम में आए बदलाव के बाद तेज हवाएं शुरू हो गईं।
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इनकी रफ्तार 16 से 20 किलोमीटर प्रति घंटा तक बताई गईं। कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश भी हुई। हवाओं और बारिश ने पटाखों का प्रदूूषण चंद मिनटों में ही धो डाला। एक्यूआई में जबरदस्त गिरावट आई।
सोमवार को यह 155 पर आ गया। विशेषज्ञों के मुताबिक मंगलवार (17 नवंबर) को एक्यूआई में और गिरावट आएगी। यह 135 में आ जाएगा। हालांकि सेहत के लिए एक्यूआई का मानक अधिकतम 100 माना गया है।
हवा में ठंडक, 50 फीसदी नमी
रविवार को आधी रात के बाद चित्रकूटधाम मंडल में मौसम में शुरू हुए बदलाव का असर सोमवार को भी बरकरार रहा। तड़के तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी हुई। सुबह बादल छाए रहे। काफी देर बाद कुछ देर के लिए सूरज के दीदार हुए, लेकिन बाद में फिर इसे बादलों ने ढक लिया। सोमवार को दिन में करीब 2 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं। इनमें ठंडक थी। मौसम में करीब 50 फीसदी आर्दता (नमी) रही।
कोरोना के दौर में प्रदूषण खतरनाक
कोरोना संक्रमण के चल रहे दौर में प्रदूषित मौसम और ज्यादा ठंडक संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ा सकती है। विशेषज्ञ डॉक्टर कई बार इसके लिए आगाह कर चुके हैं। डॉक्टरों का कहना है कि प्रदूषण की धुंध से श्वास और फेफ ड़ों के मरीजों को परेशानी बढ़ सकती है। दमा, जुकाम-खांसी, जकड़न का असर हो सकता है। आक्सीजन की कमी से फेफड़ों पर जोर ज्यादा पड़ता है।
खेती को खतरा नहीं
बांदा। तेज हवाओं से प्रदूषण और छाई धुंध साफ होगी। साथ ही फिलहाल फसलों को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा। जिला कृषि अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार का कहना है कि कुछ देर के हल्की-फुल्की बारिश और एक-दो दिन के बादल से अभी फसलों को नुकसान के आसार नहीं है।
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कोरोना महामारी के मद्देनजर इस वर्ष दीपावली पर आतिशबाजी से पर्यावरण को प्रदूषित न करने की तमाम अपीलें की गईं थीं। इसके लिए अभियान भी चले, लेकिन दीपावली जश्न के जोश में लोगों ने इन सारी अपीलों को दरकिनार कर दिया। पिछले वर्षों की तर्ज पर पूरे मंडल के शहरों में जोरदार आतिशबाजी हुई।
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दिवाली की रात धुएं और धमाकों से पूरा वातावरण और पर्यावरण में धुंध छा गई। माना जा रहा था कि यह प्रदूषण कई दिन तक बरकरार रहेगा, लेकिन दिवाली के अगले दिन रविवार की देर रात प्रकृति मेहरबान हो गई। आधी रात को अचानक मौसम में आए बदलाव के बाद तेज हवाएं शुरू हो गईं।
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इनकी रफ्तार 16 से 20 किलोमीटर प्रति घंटा तक बताई गईं। कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश भी हुई। हवाओं और बारिश ने पटाखों का प्रदूूषण चंद मिनटों में ही धो डाला। एक्यूआई में जबरदस्त गिरावट आई।
सोमवार को यह 155 पर आ गया। विशेषज्ञों के मुताबिक मंगलवार (17 नवंबर) को एक्यूआई में और गिरावट आएगी। यह 135 में आ जाएगा। हालांकि सेहत के लिए एक्यूआई का मानक अधिकतम 100 माना गया है।
हवा में ठंडक, 50 फीसदी नमी
रविवार को आधी रात के बाद चित्रकूटधाम मंडल में मौसम में शुरू हुए बदलाव का असर सोमवार को भी बरकरार रहा। तड़के तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी हुई। सुबह बादल छाए रहे। काफी देर बाद कुछ देर के लिए सूरज के दीदार हुए, लेकिन बाद में फिर इसे बादलों ने ढक लिया। सोमवार को दिन में करीब 2 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं। इनमें ठंडक थी। मौसम में करीब 50 फीसदी आर्दता (नमी) रही।
कोरोना के दौर में प्रदूषण खतरनाक
कोरोना संक्रमण के चल रहे दौर में प्रदूषित मौसम और ज्यादा ठंडक संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ा सकती है। विशेषज्ञ डॉक्टर कई बार इसके लिए आगाह कर चुके हैं। डॉक्टरों का कहना है कि प्रदूषण की धुंध से श्वास और फेफ ड़ों के मरीजों को परेशानी बढ़ सकती है। दमा, जुकाम-खांसी, जकड़न का असर हो सकता है। आक्सीजन की कमी से फेफड़ों पर जोर ज्यादा पड़ता है।
खेती को खतरा नहीं
बांदा। तेज हवाओं से प्रदूषण और छाई धुंध साफ होगी। साथ ही फिलहाल फसलों को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा। जिला कृषि अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार का कहना है कि कुछ देर के हल्की-फुल्की बारिश और एक-दो दिन के बादल से अभी फसलों को नुकसान के आसार नहीं है।