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खुद बुझी आग, हजारों पेड़ राख
ब्यूरो अमर उजाला, बांदा
Updated Sun, 26 Feb 2017 12:31 AM IST
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कालिंजर दुर्ग में आग से जल गए पेड़-पौधे
- फोटो : amarujala
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महाशिव रात्रि के अवसर पर शुक्रवार को यहां दुर्ग पर स्थित नीलकंठेश्वर मंदिर के नजदीक जंगल में लगी आग से हजारों छोटे-बड़े पेड़-पौधे जलकर खत्म हो गए। फायर ब्रिगेड ने एक टैंकर पानी डालने के बाद हाथ खड़े कर दिए। पूरी रात आग जलती रही और सुबह किले की प्राचीर तक पहुंचने के बाद बुझी।
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अमावस्या में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ थी। तभी आग भड़क उठी। हड़कंप और भगदड़ मच गई। लपटें और धुआं दूर-दूर तक दिखाई देता रहा। गुड़मार, पलास, सफेद मूसली, छीता फल, घुंचू, सिहारू, मकुइया आदि के पेड़ और जड़ी बूटियां जलकर राख हो गईं।
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घंटों बाद आई फायर ब्रिगेड ने टैंकर का पानी डाला लेकिन आग काबू में नहीं आई। टैंकर के लिए और पानी उलब्ध नहीं हुआ। पुरातत्व विभाग के यहां तैनात कर्मचारी संरक्षक सहायक रजनीश सिंह का कहना है कि कुछ श्रद्धालु यहां खाना पकाते हैं। रोकने पर भी नहीं मानते। उसी से आग लगने की आशंका है।
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