{"_id":"5ecbfd308ebc3e90ac7660b6","slug":"fire-broke-out-in-tent-warehouse-goods-worth-lakhs-burnt-banda-news-knp5620002145","type":"story","status":"publish","title_hn":"टेंट गोदाम में आग भड़की, लाखों का सामान जला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टेंट गोदाम में आग भड़की, लाखों का सामान जला
विज्ञापन
अग्निकांड स्थल पर ग्रामीणों का जमघट।
- फोटो : BANDA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांदा/तिंदवारी। झांसी-मिर्जापुर हाइवे पर नबाव टैंक के पास टेंट गोदाम में आग लगने से लाखों रुपये का सामान जल गया। फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया। उधर, तिंदवारी में खपरैलदार मकान में आग लगने से घर और गृहस्थी जल गई।
सोमवार की शाम टेंट गोदाम से लोगों ने धुआं उठते देखा और दुकान मालिक छिपटहरी निवासी जमील अहमद को सूचना दी। कुछ देर बाद फायर बिग्रेड मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनूप कुमार दो दमकल गाडिय़ों के साथ मौके पर पहुंच गए। लगभग डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद पर आग पर काबू पाया जा सका।
जमील अहमद ने बताया कि पांच लाख का कर्ज लेकर डेकोरेशन का सामान खरीदा था। उम्मीद थी कि गर्मी की सहालग से पैसा अदा कर देगा। लेकिन लॉकडाउन होने से शादिया पर ब्रेक लग गया। लगभग 10 लाख रुपये का नुकसान बताया है। आग लगने का कारण पता नहीं चल सका।
विज्ञापन
उधर, तिंदवारी के महुई गांव में सोमवार की दोपहर प्रदीप सिंह पुत्र गजराज सिंह के खपरैलदार मकान में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। ग्रामीण और परिवार के लोगों ने आग बुझाई। तब तक पूरी गृहस्थी जल गई। गृह स्वामी प्रदीप ङ्क्षसह ने बताया कि 26 अप्रैल को बेटी की शादी थी। लॉकडाउन के कारण तिथि आगे बढ़ गई। आग से शादी के लिए रखे 80 हजार रुपये और दहेज का सामान आदि जलकर राख हो गया। प्रधान प्रतिनिधि ने लेखपाल रामेश यादव को सूचना दी और मदद का अनुरोध किया।
कोरोना से बचना है तो कैद करना होगी खुशी
ओरन। ईद की नमाज घरों में अदा हुई। नूरी मस्जिद के मुतवल्ली हाजी डा.बाबू खां ने कहा कि कोरोना से बचना है तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा और खुशियों को कैद करना पड़ेगा। चौकी प्रभारी सुल्तान सिंह पुलिस बल के साथ भ्रमण करते रहे। लॉकडाउन का पालन करने पर अधिकारियों ने सराहा।
जेल में सादगी से मनी ईद
बांदा। ईद का त्योहार जेल में भी सादगी और उल्लास के साथ मनाई गई। बंदियों ने नमाज के बाद एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी। जेल प्रशासन ने पूड़ी, सब्जी, खीर आदि की व्यवस्था की थी। 36 मुस्लिम बंदियों को उनके परिजनों से फोन पर बात कराई। ताकि वह ईद की मुबारकबाद दे सके। प्रभारी कारागार अधीक्षक आरके सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस बार नमाज के लिए बाहर से किसी को नहीं बुलाया गया। बंदियों ने खुद ही बैरिकों में नमाज पढ़ी।
विज्ञापन
सोमवार की शाम टेंट गोदाम से लोगों ने धुआं उठते देखा और दुकान मालिक छिपटहरी निवासी जमील अहमद को सूचना दी। कुछ देर बाद फायर बिग्रेड मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनूप कुमार दो दमकल गाडिय़ों के साथ मौके पर पहुंच गए। लगभग डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद पर आग पर काबू पाया जा सका।
विज्ञापन
जमील अहमद ने बताया कि पांच लाख का कर्ज लेकर डेकोरेशन का सामान खरीदा था। उम्मीद थी कि गर्मी की सहालग से पैसा अदा कर देगा। लेकिन लॉकडाउन होने से शादिया पर ब्रेक लग गया। लगभग 10 लाख रुपये का नुकसान बताया है। आग लगने का कारण पता नहीं चल सका।
विज्ञापन
उधर, तिंदवारी के महुई गांव में सोमवार की दोपहर प्रदीप सिंह पुत्र गजराज सिंह के खपरैलदार मकान में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। ग्रामीण और परिवार के लोगों ने आग बुझाई। तब तक पूरी गृहस्थी जल गई। गृह स्वामी प्रदीप ङ्क्षसह ने बताया कि 26 अप्रैल को बेटी की शादी थी। लॉकडाउन के कारण तिथि आगे बढ़ गई। आग से शादी के लिए रखे 80 हजार रुपये और दहेज का सामान आदि जलकर राख हो गया। प्रधान प्रतिनिधि ने लेखपाल रामेश यादव को सूचना दी और मदद का अनुरोध किया।
कोरोना से बचना है तो कैद करना होगी खुशी
ओरन। ईद की नमाज घरों में अदा हुई। नूरी मस्जिद के मुतवल्ली हाजी डा.बाबू खां ने कहा कि कोरोना से बचना है तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा और खुशियों को कैद करना पड़ेगा। चौकी प्रभारी सुल्तान सिंह पुलिस बल के साथ भ्रमण करते रहे। लॉकडाउन का पालन करने पर अधिकारियों ने सराहा।
जेल में सादगी से मनी ईद
बांदा। ईद का त्योहार जेल में भी सादगी और उल्लास के साथ मनाई गई। बंदियों ने नमाज के बाद एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी। जेल प्रशासन ने पूड़ी, सब्जी, खीर आदि की व्यवस्था की थी। 36 मुस्लिम बंदियों को उनके परिजनों से फोन पर बात कराई। ताकि वह ईद की मुबारकबाद दे सके। प्रभारी कारागार अधीक्षक आरके सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस बार नमाज के लिए बाहर से किसी को नहीं बुलाया गया। बंदियों ने खुद ही बैरिकों में नमाज पढ़ी।