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पिता की सिर पर हथौड़ा मारकर हत्या
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Fri, 03 Jul 2015 11:53 PM IST
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पीठ पर पड़ी पिता की दो छड़ी की मार से गुस्साए बेटे ने उनकी सिर पर हथौड़ा मारकर जान ले ली। घटना के बाद आरोपी पुत्र ने कोतवाली में सरेंडर कर दिया। छोटे बेटे की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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कोतवाली क्षेत्र के पड़मई गांव मेें नत्थू (55) पुत्र बल्दू रैदास अपने छोटे बेटे रामकेश के साथ रहता था। बंटवारे के बाद बड़ा पुत्र संतोष उर्फ संतू पिता से अलग रहता है। शुक्रवार को सुबह संतोष खाना बनाने के लिए बाड़े में रखी कुछ लकड़ियों को चीरने लगा।
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ये लकड़ियां जुताई-बुवाई के काम की थीं। इसलिए पिता नत्थू ने उसे रोका, पर संतोष नहीं माना। इससे नाराज नत्थू ने संतोष की पीठ पर दो छड़ियां जड़ दीं। पिता की दो छड़ी की मार से संतोष आपा खो बैठा और लकड़ी चीरने वाले हथौड़ा से पिता पर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए।
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पिता नत्थू वहीं गिरकर तड़पने लगे। अस्पताल ले जाने से पहले ही रास्ते में उनकी मौत हो गई। गांव वालों ने पुलिस को सूचना दी। सीओ राजेश कुमार सिंह व कोतवाली प्रभारी केएन सिंह पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। इधर, आरोपी पुत्र संतोष ने कोतवाली में जाकर खुद को सरेंडर कर दिया।
कोतवाली प्रभारी ने बताया कि मृतक के छोटे पुत्र रामकेश की तहरीर पर संतोष के खिलाफ गैर इरादतन हत्या (धारा 304) की रिपोर्ट दर्ज की है। इन्होंने दावा किया कि संतोष को गिरफ्तार किया गया है।
छोटे बेटे से लगाव बना हत्या की वजह
कोतवाली क्षेत्र के पड़मई गांव मेें नत्थू (55) की हत्या का कारण उसका छोटे बेटे के प्रति ज्यादा लगाव माना जा रहा है। संतोष उर्फ संतू की हमेशा पिता से अनबन रहती थी। छोटे पुत्र रामकेश ने बताया कि पड़मई गांव में उनका पुराना मकान है।
गांव के नजदीक बगीचे में पिता नत्थू मकान बनाकर रहता था। रामकेश की पत्नी संध्या बीए फाइनल की पढ़ाई कर रही है। नत्थू संध्या की पढ़ाई का खर्च वहन करता था। कुछ दिन पहले नत्थू ने ट्रैक्टर खरीदा था। पांच माह पहले भाइयों का बंटवारा हुआ था।
नत्थू ने ट्रैक्टर अपनी पुत्री आरती को दे दिया था। वह मानिकपुर में रहती है। छोटे पुत्र और पुत्री से विशेष लगाव से संतू और उसकी पत्नी नत्थू से दूरी रखते थे।
ईसाई धर्म के मुताबिक अंतिम संस्कार आज
अनुसूचित जाति के मृतक नत्थू के परिवार ने एक दशक पहले ईसाई धर्म स्वीकार कर लिया था। उसका अंतिम संस्कार ईसाई धर्म के अनुसार किया जाएगा। नत्थू के मकान में क्रास का निशान बना है। क्रिसमस व अन्य त्योहारों पर भी ईसाई धर्म के अनुयायियों की तरह कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
पड़ोसी रामरतन ने बताया कि लगभग एक दशक से यह परिवार ईसाई धर्म अपनाए है। पुत्री आरती ने बताया कि अंतिम संस्कार के लिए ताबूत और बगीचे में स्थित मकान के पास गड्ढा तैयार किया जा रहा है। अतर्रा से कुछ क्रिश्चियन समाज के लोग यहां आ चुके हैं। उन्हीं की देखरेख में तैयारी हो रही है। शनिवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा।