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कर्ज ने ली किसान की जान
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Sat, 04 Jun 2016 11:51 PM IST
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मृतक का फाइल फोटो।
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बेंदाघाट (बांदा)। पौने आठ लाख रुपये का बैंक कर्ज और फसल बर्बादी का दर्द सहते चले आ रहे किसान को दिल का दौरा पड़ गया। उसकी मौत हो गई। सदर तहसील के माचा गांव में राम प्रताप शुक्ला (55) शनिवार की सुबह पूजा आदि के बाद अपने कर्ज के बारे में पता लगाने के लिए बैंक जाने को तैयार हुए।
घर से निकलते ही दिल का दौरा पड़ गया और लड़खड़ाकर मकान की ड्योढ़ी पर बेहोश होकर गिर पड़े। परिजन तत्काल फतेहपुर के एक प्राइवेट अस्पताल ले गए। वहां से कानपुर रेफर कर दिया गया। रास्ते में ही मौत हो गई।
मृतक की पत्नी रामबाई ने बताया कि 32 बीघा जमीन है। पिछले साल पुत्री के विवाह के लिए इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक, बेंदा से केसीसी से कर्ज लिया था। ब्याज आदि मिलकर कर्ज सवा चार लाख हो गया। रामबाई के मुताबिक एक साल पूर्व बीमारी से मर चुके देवर रामसिया ने भी इसी बैंक से खेती-किसानी आदि के लिए 3.21 लाख रुपये का कर्ज लिया था।
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वरासत के बाद जमीन राम प्रताप के नाम दर्ज होने से वह कर्ज भी उनके हिस्से में आ गया। दो पुत्र सपरिवार सूरत (गुजरात) में रहकर मजदूरी करते हैं। दो पुत्र संतशरण और अनुज गांव में उसके साथ रहते हैं। प्रधान प्रतिनिधि सार्जन कुमार ने किसान की मौत की खबर लेखपाल को दी।
सदर तहसीलदार सुनील कुमार पटेल ने लेखपाल अवधेश पटेल (माचा), राजेंद्र कुमार (मूंगुस) और बेंदाघाट पूर्व प्रधान विवेक सिंह के साथ गांव पहुंचकर परिजनों से घटना के बारे में जानकारी ली। तहसीलदार ने परिजनों से शव का पोस्टमार्टम कराने का अनुरोध किया। अनुरोध को सिरे से खारिज करते हुए परिजनों ने खेत पर ही किसान के शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
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घर से निकलते ही दिल का दौरा पड़ गया और लड़खड़ाकर मकान की ड्योढ़ी पर बेहोश होकर गिर पड़े। परिजन तत्काल फतेहपुर के एक प्राइवेट अस्पताल ले गए। वहां से कानपुर रेफर कर दिया गया। रास्ते में ही मौत हो गई।
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मृतक की पत्नी रामबाई ने बताया कि 32 बीघा जमीन है। पिछले साल पुत्री के विवाह के लिए इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक, बेंदा से केसीसी से कर्ज लिया था। ब्याज आदि मिलकर कर्ज सवा चार लाख हो गया। रामबाई के मुताबिक एक साल पूर्व बीमारी से मर चुके देवर रामसिया ने भी इसी बैंक से खेती-किसानी आदि के लिए 3.21 लाख रुपये का कर्ज लिया था।
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वरासत के बाद जमीन राम प्रताप के नाम दर्ज होने से वह कर्ज भी उनके हिस्से में आ गया। दो पुत्र सपरिवार सूरत (गुजरात) में रहकर मजदूरी करते हैं। दो पुत्र संतशरण और अनुज गांव में उसके साथ रहते हैं। प्रधान प्रतिनिधि सार्जन कुमार ने किसान की मौत की खबर लेखपाल को दी।
सदर तहसीलदार सुनील कुमार पटेल ने लेखपाल अवधेश पटेल (माचा), राजेंद्र कुमार (मूंगुस) और बेंदाघाट पूर्व प्रधान विवेक सिंह के साथ गांव पहुंचकर परिजनों से घटना के बारे में जानकारी ली। तहसीलदार ने परिजनों से शव का पोस्टमार्टम कराने का अनुरोध किया। अनुरोध को सिरे से खारिज करते हुए परिजनों ने खेत पर ही किसान के शव का अंतिम संस्कार कर दिया।