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Banda News: सचिवों पर नहीं चला डीएम का आदेश...पंचायत भवनों में ताला
Tue, 25 Aug 2026 11:52 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Tue, 25 Aug 2026 11:52 PM IST
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बांदा। ग्राम पंचायतों में तैनात पंचायत सचिवों पर डीएम का आदेश भी काम नहीं आया है।
ग्रामीणों की समस्याओं का गांव में ही समाधान कराने के लिए जिलाधिकारी अमित आसेरी ने 20 अगस्त को पंचायत सचिवों की उपस्थिति का रोस्टर जारी किया था। इसके तहत निर्धारित दिन पंचायत सचिवों को सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक संबंधित ग्राम पंचायत में रहकर ग्रामीणों की शिकायतें सुननी थीं।
मंगलवार को कई पंचायत सचिवालयों की पड़ताल की तो आदेश की हकीकत चौंकाने वाली मिली। कई जगह पंचायत भवनों में ताले लटकते मिले तो कहीं भवन खुला होने के बावजूद जिम्मेदार कर्मचारी नदारद रहे। शिकायत लेकर पहुंचे ग्रामीणों को मायूस होकर लौटना पड़ा। जब डीएम के आदेश को पंचायत सचिव नहीं मानते तो आम जनता के साथ होने वाले व्यवहार का अंदाजा लगाया जा सकता है।
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केस-1 : पैलानी में महीनों से बंद पड़ा मिनी सचिवालय
पैलानी तहसील के ग्राम पंचायत पैलानी स्थित मिनी सचिवालय में मंगलवार को ताला लगा मिला। ग्रामीणों ने बताया कि सचिवालय महीनों से बंद है। यहां कर्मचारियों के नहीं पहुंचने से ग्रामीणों को अपने काम के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। सचिवालय की बाउंड्री न होने से आसपास के लोग कब्जा भी कर रहे हैं।
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सचिव वीरेंद्र पटेल, पंचायत मित्र श्रीराम और पंचायत सहायक रविंद्र विश्वकर्मा लंबे समय से यहां नजर नहीं आए हैं। इसी तहसील की ग्राम पंचायत अतरहट में भी स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। खप्टिहा कलां के पंचायत भवन का गेट खुला था, लेकिन वहां कोई कर्मचारी मौजूद नहीं मिला। ग्रामीणों को रोस्टर के अनुसार जिम्मेदारों के आने का इंतजार रहा।
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केस-2 : सेमरिया कुशल में साढ़े 11 बजे ताला
अतर्रा तहसील क्षेत्र के सेमरिया कुशल गांव में मंगलवार को सुबह करीब साढ़े 11 बजे पंचायत भवन के मुख्य गेट पर ताला लटका मिला। ग्रामीण विजय कुमार, सक्षम और गोविंद पंचायत भवन में जिम्मेदारों का इंतजार कर रहे थे।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव की गलियों और सड़कों पर कीचड़ व गंदगी की समस्या है। इन्हीं समस्याओं को लेकर वे पंचायत भवन पहुंचे थे, लेकिन ताला देखकर वापस लौटना पड़ा। ग्राम पंचायत अधिकारी अतुल अंजान मौर्य समेत अन्य कर्मचारी मौके पर नहीं मिले। सचिव ने बताया कि वह सुबह साढ़े 11 बजे गांव की गौशाला में हरि संकरी पौध लगाने के लिए पंचायत भवन से निकले थे।
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केस-3 : बसरेही में भी ताला, सचिव का फोन बंद
बसरेही गांव के बहुउद्देशीय पंचायत भवन में मंगलवार को सुबह सवा 11 बजे तक ताला लटका रहा। ग्रामीण छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान की उम्मीद में पंचायत भवन पहुंचे थे, लेकिन जिम्मेदारों के नहीं मिलने से उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा।
ग्राम पंचायत अधिकारी संतोष कुमार भी मौके पर नहीं मिले। उनका फोन बंद रहा। ग्रामीणों का कहना था कि जब पंचायत सचिवालय में भी उनकी सुनवाई नहीं होगी तो उन्हें समस्याओं के लिए तहसील और जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने पड़ेंगे।
बीडीओ नरैनी धनराज कोटार्य ने बताया कि मंगलवार को हरि संकरी पौधरोपण कार्यक्रम होने के कारण एक सचिव के पास कई गांवों की जिम्मेदारी थी, इसलिए कुछ सचिव मौके पर उपस्थित नहीं रहे होंगे।
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केस-4 : पिपरहरी में 11:35 बजे बंद मिला मिनी सचिवालय
नरैनी क्षेत्र के पिपरहरी स्थित मिनी सचिवालय में मंगलवार को सुबह 11:35 बजे ताला बंद मिला। मौके पर कोई कर्मचारी नहीं था। ग्रामीण नर्वद सिंह, शोभा, रमेश, कुबेर और कुंज बिहारी ने बताया कि सचिवालय में सचिव के नहीं बैठने से परिवार रजिस्टर, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र समेत अन्य कार्यों के लिए उन्हें आठ किलोमीटर दूर नरैनी ब्लॉक जाना पड़ता है। ग्राम पंचायत सचिव विंध्यवासिनी से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन घंटी बजती रही और फोन नहीं उठा।
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कहीं कर्मचारी मिले तो जिम्मेदार नदारद
बबेरू विकासखंड के मंठा गांव में पंचायत सचिवालय खुला मिला। प्रधान शिवकुमार, सचिव सत्येंद्र कुमार, सहायक सचिव मयंक और रोजगार सेवक चुनवाद मौजूद थे, लेकिन संबंधित विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद नहीं मिले।
ग्रामीण मनीष, सूरज और लालबाबू समेत अन्य लोगों ने सड़क पर जलभराव सहित अपनी समस्याएं बताईं। वहीं बदौसा क्षेत्र की ग्राम पंचायत भूसी में सुबह 10:10 बजे पंचायत सचिवालय बंद मिला और कोई कर्मचारी उपस्थित नहीं था। वहीं उदयपुर ग्राम पंचायत में सचिव सुरेश कुमार पटेल, पंचायत सहायक सर्वेश कुमार और हरिशंकर मिश्रा मौजूद मिले।
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फरियादी करते रहे इंतजार
अतर्रा ग्रामीण के फौजदार पुरवा स्थित पंचायत सचिवालय में सुबह साढ़े 10 बजे ग्राम पंचायत कक्ष खाली मिला। परिसर के मीटिंग हाल में पंचायत सहायक मीरा देवी के पति पप्पू सिंह ग्रामीणों की समस्याएं सुनते दिखाई दिए।
गयादीन पुरवा की नीलू ने बताया कि उन्होंने दो मार्च 2025 को विधवा पेंशन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था, लेकिन अब तक पेंशन नहीं मिली। वृद्ध मखनिया ने राशन कार्ड और वृद्धावस्था पेंशन नहीं बनने की समस्या बताई। ग्रामीणों ने सचिवालय में जिम्मेदारों के नहीं मिलने पर तहसील या जिला मुख्यालय जाने की मजबूरी बताई।
ग्राम पंचायत अधिकारी रमेश चंद्र कुशवाहा ने बताया कि उनके पास एडीओ पंचायत का अतिरिक्त कार्यभार है। वह नोडल अधिकारी हैं और मंगलवार को 11 बजे से हरि संकरी पौधरोपण कार्यक्रम के लिए दिगितवारा गांव जा रहे थे। उन्होंने सुबह आठ बजे से साढ़े 10 बजे तक सचिवालय में रहने की बात कही।
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ग्रामीणों की समस्याओं का गांव में ही समाधान कराने के लिए जिलाधिकारी अमित आसेरी ने 20 अगस्त को पंचायत सचिवों की उपस्थिति का रोस्टर जारी किया था। इसके तहत निर्धारित दिन पंचायत सचिवों को सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक संबंधित ग्राम पंचायत में रहकर ग्रामीणों की शिकायतें सुननी थीं।
मंगलवार को कई पंचायत सचिवालयों की पड़ताल की तो आदेश की हकीकत चौंकाने वाली मिली। कई जगह पंचायत भवनों में ताले लटकते मिले तो कहीं भवन खुला होने के बावजूद जिम्मेदार कर्मचारी नदारद रहे। शिकायत लेकर पहुंचे ग्रामीणों को मायूस होकर लौटना पड़ा। जब डीएम के आदेश को पंचायत सचिव नहीं मानते तो आम जनता के साथ होने वाले व्यवहार का अंदाजा लगाया जा सकता है।
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केस-1 : पैलानी में महीनों से बंद पड़ा मिनी सचिवालय
पैलानी तहसील के ग्राम पंचायत पैलानी स्थित मिनी सचिवालय में मंगलवार को ताला लगा मिला। ग्रामीणों ने बताया कि सचिवालय महीनों से बंद है। यहां कर्मचारियों के नहीं पहुंचने से ग्रामीणों को अपने काम के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। सचिवालय की बाउंड्री न होने से आसपास के लोग कब्जा भी कर रहे हैं।
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सचिव वीरेंद्र पटेल, पंचायत मित्र श्रीराम और पंचायत सहायक रविंद्र विश्वकर्मा लंबे समय से यहां नजर नहीं आए हैं। इसी तहसील की ग्राम पंचायत अतरहट में भी स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। खप्टिहा कलां के पंचायत भवन का गेट खुला था, लेकिन वहां कोई कर्मचारी मौजूद नहीं मिला। ग्रामीणों को रोस्टर के अनुसार जिम्मेदारों के आने का इंतजार रहा।
केस-2 : सेमरिया कुशल में साढ़े 11 बजे ताला
अतर्रा तहसील क्षेत्र के सेमरिया कुशल गांव में मंगलवार को सुबह करीब साढ़े 11 बजे पंचायत भवन के मुख्य गेट पर ताला लटका मिला। ग्रामीण विजय कुमार, सक्षम और गोविंद पंचायत भवन में जिम्मेदारों का इंतजार कर रहे थे।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव की गलियों और सड़कों पर कीचड़ व गंदगी की समस्या है। इन्हीं समस्याओं को लेकर वे पंचायत भवन पहुंचे थे, लेकिन ताला देखकर वापस लौटना पड़ा। ग्राम पंचायत अधिकारी अतुल अंजान मौर्य समेत अन्य कर्मचारी मौके पर नहीं मिले। सचिव ने बताया कि वह सुबह साढ़े 11 बजे गांव की गौशाला में हरि संकरी पौध लगाने के लिए पंचायत भवन से निकले थे।
केस-3 : बसरेही में भी ताला, सचिव का फोन बंद
बसरेही गांव के बहुउद्देशीय पंचायत भवन में मंगलवार को सुबह सवा 11 बजे तक ताला लटका रहा। ग्रामीण छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान की उम्मीद में पंचायत भवन पहुंचे थे, लेकिन जिम्मेदारों के नहीं मिलने से उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा।
ग्राम पंचायत अधिकारी संतोष कुमार भी मौके पर नहीं मिले। उनका फोन बंद रहा। ग्रामीणों का कहना था कि जब पंचायत सचिवालय में भी उनकी सुनवाई नहीं होगी तो उन्हें समस्याओं के लिए तहसील और जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने पड़ेंगे।
बीडीओ नरैनी धनराज कोटार्य ने बताया कि मंगलवार को हरि संकरी पौधरोपण कार्यक्रम होने के कारण एक सचिव के पास कई गांवों की जिम्मेदारी थी, इसलिए कुछ सचिव मौके पर उपस्थित नहीं रहे होंगे।
केस-4 : पिपरहरी में 11:35 बजे बंद मिला मिनी सचिवालय
नरैनी क्षेत्र के पिपरहरी स्थित मिनी सचिवालय में मंगलवार को सुबह 11:35 बजे ताला बंद मिला। मौके पर कोई कर्मचारी नहीं था। ग्रामीण नर्वद सिंह, शोभा, रमेश, कुबेर और कुंज बिहारी ने बताया कि सचिवालय में सचिव के नहीं बैठने से परिवार रजिस्टर, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र समेत अन्य कार्यों के लिए उन्हें आठ किलोमीटर दूर नरैनी ब्लॉक जाना पड़ता है। ग्राम पंचायत सचिव विंध्यवासिनी से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन घंटी बजती रही और फोन नहीं उठा।
कहीं कर्मचारी मिले तो जिम्मेदार नदारद
बबेरू विकासखंड के मंठा गांव में पंचायत सचिवालय खुला मिला। प्रधान शिवकुमार, सचिव सत्येंद्र कुमार, सहायक सचिव मयंक और रोजगार सेवक चुनवाद मौजूद थे, लेकिन संबंधित विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद नहीं मिले।
ग्रामीण मनीष, सूरज और लालबाबू समेत अन्य लोगों ने सड़क पर जलभराव सहित अपनी समस्याएं बताईं। वहीं बदौसा क्षेत्र की ग्राम पंचायत भूसी में सुबह 10:10 बजे पंचायत सचिवालय बंद मिला और कोई कर्मचारी उपस्थित नहीं था। वहीं उदयपुर ग्राम पंचायत में सचिव सुरेश कुमार पटेल, पंचायत सहायक सर्वेश कुमार और हरिशंकर मिश्रा मौजूद मिले।
फरियादी करते रहे इंतजार
अतर्रा ग्रामीण के फौजदार पुरवा स्थित पंचायत सचिवालय में सुबह साढ़े 10 बजे ग्राम पंचायत कक्ष खाली मिला। परिसर के मीटिंग हाल में पंचायत सहायक मीरा देवी के पति पप्पू सिंह ग्रामीणों की समस्याएं सुनते दिखाई दिए।
गयादीन पुरवा की नीलू ने बताया कि उन्होंने दो मार्च 2025 को विधवा पेंशन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था, लेकिन अब तक पेंशन नहीं मिली। वृद्ध मखनिया ने राशन कार्ड और वृद्धावस्था पेंशन नहीं बनने की समस्या बताई। ग्रामीणों ने सचिवालय में जिम्मेदारों के नहीं मिलने पर तहसील या जिला मुख्यालय जाने की मजबूरी बताई।
ग्राम पंचायत अधिकारी रमेश चंद्र कुशवाहा ने बताया कि उनके पास एडीओ पंचायत का अतिरिक्त कार्यभार है। वह नोडल अधिकारी हैं और मंगलवार को 11 बजे से हरि संकरी पौधरोपण कार्यक्रम के लिए दिगितवारा गांव जा रहे थे। उन्होंने सुबह आठ बजे से साढ़े 10 बजे तक सचिवालय में रहने की बात कही।