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जाम लगा किसानों ने जताया विरोध
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Wed, 18 Nov 2015 11:21 PM IST
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बांदा। बिजली गुल रहने से खफा ग्रामीणों ने
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बांदा-बबेरू मार्ग पर जाम लगाकर आवागमन ठप कर दिया। लगभग साढ़े चार घंटे के
जाम में रोडवेज बसों समेत कई वाहन फंसे रहे।
एसडीएम सदर और पुलिस उपाधीक्षक के आश्वासन पर ग्रामीणों ने जाम खत्म किया। उधर, पैलानी तहसील के निजी नलकूप धारक किसानों ने डीएम और सीएम को ज्ञापन भेजकर बिजली आपूर्ति और वोल्टेज बढ़ाने की मांग की।
भारतीय किसान संघ जिलाध्यक्ष ज्ञानचंद्र द्विवेदी की अगुवाई में बुधवार को मुख्यालय से करीब पांच किलोमीटर दूर बांदा-बबेरू मार्ग पर जारी, जौरही, दोहा, करबई, फतपुरवा, बड़ेहा, सैमरा, ददरिया, मरौड़ी आदि गांवों के 50 से अधिक ग्रामीणों ने सड़क पर बबूल के पेड़ काट कर डाल दिए और जाम लगा दिया।
जाम में कई रोडवेज बसें और निजी वाहन फंसे रहे। किसानों ने देर तक प्रशासन विरोधी नारेबाजी की। देहात कोतवाली प्रभारी संजय सिंह यादव पुलिस बल के साथ पहुंच गए।
ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन किसान नहीं माने। किसानों का आरोप है कि डेढ़ माह से जारी फीडर से जुड़े एक दर्जन गांवों में बमुश्किल एक घंटा बिजली आपूर्ति हो रही है। लो-वोल्टेज की वजह से ट्यूबवेल नहीं चल पा रहे।
खेतों की सिंचाई पिछड़ रही है। बिजली विभाग मुख्य अभियंता से लिखित शिकायत की थी, लेकिन तवज्जो नहीं दी गई। दोपहर बाद पहुंचे एसडीएम विनय पाठक और पुलिस क्षेत्राधिकारी विनोद सिंह ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
उधर, पैलानी तहसील के खप्टिहाकलां सहित आसपास के निजी नलकूप धारकों ने डीएम को दिए ज्ञापन में कहा कि खप्टिहा के 52 हजार कृषि भूमि है। 400 निजी नलकूप हैं।
पलरा सब स्टेशन से बमुश्किल 5-6 घंटे बिजली मिल रही है। वोल्टेज भी बहुत लो है। मोटर स्टार्टर फुंक रहे हैं। बिजली विभाग अभियंता तवज्जो नहीं दे रहे हैं।
ज्ञापन देने वालों में राजेंद्र द्विवेदी, अशोक वाजपेई, कृष्ण कुमार, जनार्दन सिंह, रामसजीवन यादव, रामजियावन यादव, चुन्नू खां, काशी प्रसाद, मुन्ना सिंह, सुशील सिंह इत्यादि शामिल रहे।
एसडीएम सदर और पुलिस उपाधीक्षक के आश्वासन पर ग्रामीणों ने जाम खत्म किया। उधर, पैलानी तहसील के निजी नलकूप धारक किसानों ने डीएम और सीएम को ज्ञापन भेजकर बिजली आपूर्ति और वोल्टेज बढ़ाने की मांग की।
भारतीय किसान संघ जिलाध्यक्ष ज्ञानचंद्र द्विवेदी की अगुवाई में बुधवार को मुख्यालय से करीब पांच किलोमीटर दूर बांदा-बबेरू मार्ग पर जारी, जौरही, दोहा, करबई, फतपुरवा, बड़ेहा, सैमरा, ददरिया, मरौड़ी आदि गांवों के 50 से अधिक ग्रामीणों ने सड़क पर बबूल के पेड़ काट कर डाल दिए और जाम लगा दिया।
जाम में कई रोडवेज बसें और निजी वाहन फंसे रहे। किसानों ने देर तक प्रशासन विरोधी नारेबाजी की। देहात कोतवाली प्रभारी संजय सिंह यादव पुलिस बल के साथ पहुंच गए।
ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन किसान नहीं माने। किसानों का आरोप है कि डेढ़ माह से जारी फीडर से जुड़े एक दर्जन गांवों में बमुश्किल एक घंटा बिजली आपूर्ति हो रही है। लो-वोल्टेज की वजह से ट्यूबवेल नहीं चल पा रहे।
खेतों की सिंचाई पिछड़ रही है। बिजली विभाग मुख्य अभियंता से लिखित शिकायत की थी, लेकिन तवज्जो नहीं दी गई। दोपहर बाद पहुंचे एसडीएम विनय पाठक और पुलिस क्षेत्राधिकारी विनोद सिंह ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
उधर, पैलानी तहसील के खप्टिहाकलां सहित आसपास के निजी नलकूप धारकों ने डीएम को दिए ज्ञापन में कहा कि खप्टिहा के 52 हजार कृषि भूमि है। 400 निजी नलकूप हैं।
पलरा सब स्टेशन से बमुश्किल 5-6 घंटे बिजली मिल रही है। वोल्टेज भी बहुत लो है। मोटर स्टार्टर फुंक रहे हैं। बिजली विभाग अभियंता तवज्जो नहीं दे रहे हैं।
ज्ञापन देने वालों में राजेंद्र द्विवेदी, अशोक वाजपेई, कृष्ण कुमार, जनार्दन सिंह, रामसजीवन यादव, रामजियावन यादव, चुन्नू खां, काशी प्रसाद, मुन्ना सिंह, सुशील सिंह इत्यादि शामिल रहे।