फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   Farmer himself on fire

कर्ज में डूबे बलकट किसान ने खुद को आग लगाई

Sun, 22 Mar 2015 11:30 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा Updated Sun, 22 Mar 2015 11:30 PM IST
विज्ञापन
Farmer himself on fire

बलकट (बटाई) में जमीन लेकर कर्ज के पैसे से बोई फसल ओला और बारिश से बर्बाद होने से क्षुब्ध युवा किसान ने खुद को आग लगा ली। उसे बचाने में बड़ा भाई भी बुरी तरह झुलस गया। दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। युवा किसान की हालत गंभीर है।

विज्ञापन


घटना जसपुरा क्षेत्र के नांदा गांव की है। रविवार को सुबह करीब 7 बजे किसान सिद्धा पाल (35) पुत्र राम जियावन अपने बड़े भाई राम प्रसाद और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ बैठकर इस बात पर चिंता जता रहा था कि बलकट की जमीन पर खेती के लिए गांव के रामबाबू से 40 हजार और राम बरन से लिए 20 हजार रुपये का कर्ज कैसे अदा कर पाएगा?
विज्ञापन


इसी तनाव में वह अचानक उठा और घर में रखी मिट्टी के तेल की कट्टी उठाकर घर के खपरैल पर चढ़ गया। अपने ऊपर तेल डालकर आग लगा दी। आग का गोला बनकर वह छप्पर से लुढ़कता हुआ वह नीचे आ गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह देख परिजनों में कोहराम मच गया। बड़े भाई राम प्रसाद ने नजदीक में स्थित हैंडपंप का कीचड़ सिद्धा के ऊपर डालकर उसकी आग बुझाई। इसमें राम प्रसाद के हाथ-पैर भी झुलस गए। दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

राम प्रसाद ने बताया कि वह लोग भूमिहीन हैं। सिद्धा ने 40 हजार रुपये गांव के रामबाबू से कर्ज लेकर 14 बीघा जमीन गांव के उमा सिंह कछवाह से बलकट पर ली थी। खाद, बीज और पानी के लिए राम बरन से 20 हजार रुपये और लिए थे। फसल होने पर कर्ज अदा करने का वादा था, लेकिन ओला और बारिश से फसल नष्ट हो गई।

इसी से परेशान होकर सिद्धा हिम्मत हार बैठा और खुद को आग लगा दी। राम प्रसाद भी 20 बीघा जमीन बलकट पर लिए हुए है। उस पर भी गांव के लोगों का करीब 70 हजार रुपया कर्ज है। बुरी तरह झुलस गए किसान सिद्धा के चार मासूम बच्चे हैं।


‘मुझे माफ कर देना, मेरे पास कुछ नहीं बचा’
खेती की पूंजी गंवा देने और कर्ज की चिंता में हिम्मत हार बैठा युवा किसान सिद्धा पाल खुद को आग लगाने से पहले शायद अपना आपा भी खो बैठा।

खपरैल के ऊपर चढ़कर उसने आवाज लगाई कि- ‘गांव वालों मेरा सब बर्बाद हो गया है। मैं आत्महत्या कर रहा हूं। मेरे पास देने के लिए कुछ भी नहीं है। मुझे माफ करना।’ इतना कहने के बाद उसने खुद को आग लगा दी। सिद्धा पाल के पास मनरेगा का जॉब कार्ड या राशन कार्ड भी न होना बताया गया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed