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मनरेगा मजदूरी के फर्जी भुगतान पर स्पष्टीकरण मांगा
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बांदा। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के पांच लाभार्थियों का मनरेगा मजदूरी का पैसा दूसरे के खाते में भेज दिया गया। डीएम द्वारा कराई गई जांच में खुलासा होने के बाद उपायुक्त श्रम रोजगार ने ग्राम पंचायत सचिव व ग्राम रोजगार सेवक से एक सप्ताह के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है।
महुआ ब्लॉक के पिथौराबाद निवासी लाभार्थियों ने शिकायत की थी कि उन्हें वर्ष 2018-19 में पीएम आवास आवंटित हुआ है। 90 दिन की मनरेगा मजदूरी उन्हें मिलनी चाहिए थी, लेकिन सचिव व ग्राम रोजगार सेवक ने उनकी मजदूरी दूसरे के खाते में डालकर निकाल ली है, जबकि मस्टर रोल उनके नाम से बना है।
जांच में पाया कि लाभार्थी कुसमा पत्नी रामशरण की 56 दिन की मजदूरी का भुगतान हुआ है। उसे एक दिन की भी मजदूरी नहीं मिली। आठ दिन की मजदूरी राममिलन, 26 दिन की मजदूरी सुमित्रा पत्नी मइयादीन के खाते में डालकर आहरित कर ली गई। इसी तरह मिनहाजुद्दीन पुत्र जमालुद्दीन, लीला पत्नी केशन, रामकुमारी पत्नी बासुदेव, संतोष व लल्ली की मजदूरी भी दूसरों के खातों में डालकर निकाल ली गई।
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महुआ ब्लॉक के पिथौराबाद निवासी लाभार्थियों ने शिकायत की थी कि उन्हें वर्ष 2018-19 में पीएम आवास आवंटित हुआ है। 90 दिन की मनरेगा मजदूरी उन्हें मिलनी चाहिए थी, लेकिन सचिव व ग्राम रोजगार सेवक ने उनकी मजदूरी दूसरे के खाते में डालकर निकाल ली है, जबकि मस्टर रोल उनके नाम से बना है।
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जांच में पाया कि लाभार्थी कुसमा पत्नी रामशरण की 56 दिन की मजदूरी का भुगतान हुआ है। उसे एक दिन की भी मजदूरी नहीं मिली। आठ दिन की मजदूरी राममिलन, 26 दिन की मजदूरी सुमित्रा पत्नी मइयादीन के खाते में डालकर आहरित कर ली गई। इसी तरह मिनहाजुद्दीन पुत्र जमालुद्दीन, लीला पत्नी केशन, रामकुमारी पत्नी बासुदेव, संतोष व लल्ली की मजदूरी भी दूसरों के खातों में डालकर निकाल ली गई।
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