फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   Electricity with water crices

बिजली के साथ पानी की भी त्राहि-त्राहि

Tue, 01 May 2018 10:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा Updated Tue, 01 May 2018 10:22 PM IST
विज्ञापन
Electricity with water crices
स्टेशन के पीछे स्थित बस्ती में हैंडपंप पर पानी के लिए मारामारी। - फोटो : अमर उजाला

सोमवार शाम आई आंधी ने चंद मिनट में ही जमकर तबाही मचाई। आंधी से हुई बर्बादी से मंडल मुख्यालय 24 घंटे बाद भी उबर सका। बिजली के खंभे, ट्रांसफार्मर और लाइनें टूटने से पेयजल आपूर्ति के फीडर बंद हो गए। मंगलवार की सुबह से ही पूरे शहर में पानी के लिए त्राहि-त्राहि मच गई। जल संस्थान, नगर पालिका और विधायक द्वारा दिए गए टैंकर खाली खड़े रहे। जल संस्थान अधिकारी ट्यूबवेलों पर जनरेटर नहीं चलवा सके। मंगलवार देर शाम तक जलापूर्ति बहाल नहीं हो पाई थी। 

विज्ञापन


सोमवार की शाम करीब पांच बजे आई आंधी से जल संस्थान के पेयजल आपूर्ति वाले फीडर के आधा दर्जन से ज्यादा खंभे लाइनों समेत धराशाई हो गए। उधर, भूरागढ़ सब स्टेशन के पास खंभे ट्रांसफार्मर सहित चकनाचूर होकर नीचे आ गिरे। इस फीडर से भी शहर और मटौंध को बिजली और जलापूर्ति की जाती है।
विज्ञापन


भूरागढ़ फीडर में आंधी से जगह-जगह खंभे और लाइनें टूटने से पूरी रात शहर के आधा दर्जन इलाकों में अंधेरा रहा। सुबह पानी भी नहीं आया। 24 घंटे बाद मंगलवार को शाम करीब चार बजे बिजली आपूर्ति चालू हो पाई। उधर, पेयजल फीडर बंद हो जाने से जल संस्थान के टैंकर भी नहीं भर पाए। लगभग पूरे शहर में पानी के लिए हायतौबा मच गई। 46 डिग्री तापमान से जूझ रहे शहर के बाशिंदों में त्राहि-त्राहि मची रही। लोग एक-एक बाल्टी पानी के लिए भटकते रहे। हैंडपंपों पर भी भारी भीड़ रही।  
विज्ञापन
विज्ञापन


हैरत की बात यह है कि जल संस्थान अभियंता नलकूपों पर जनरेटर की व्यवस्था नहीं करा सके, जबकि कई नलकूपों पर जनरेटर लगे हुए हैं। इस बाबत चित्रकूटधाम मंडल जल संस्थान अधिशासी अभियंता रतनलाल का कहना है कि जनरेटर काफी दिनों से चले नहीं हैं, उन्हें मरम्मत कराना पड़ेगा। अधिशासी अभियंता यह भी नहीं बता सके कि कितने नलकूपों पर जनरेटर लगे हैं। 

टैंकर भरने की व्यवस्था भी फ्लाप 
बांदा। शहर में पेयजल संकट की स्थिति में टैंकरों से जलापूर्ति की व्यवस्था भी धड़ाम हो गई। जल संस्थान टैंकर भरने की भी व्यवस्था नहीं कर पाया। जल संस्थान के पास 50 टैंकर हैं। इसके अलावा विधायक प्रकाश द्विवेदी ने छह टैंकर और दो किराए के ट्रैक्टर दे रखे हैं। उधर, नगर पालिका ने 10 टैंकर और किराए के दो ट्रैक्टर लगा रखे हैं, लेकिन मंगलवार को सब शोपीस बने खड़े रहे हैं।

पेयजल संकट से परेशान लोगों द्वारा नगर पालिका अध्यक्ष को फोन की झड़ी लगा दी गई। अध्यक्ष ने जल संस्थान के प्रति रोष जताया कि टैंकरों की व्यवस्था नहीं की गई। ट्रैक्टरों का भाड़ा मुफ्त में जा रहा है। उन्होंने मंडलायुक्त और डीएम से नलकूपों और इंटेकवेल पर जेनरेटर की व्यवस्था की मांग की। 


कहां गए पूर्व आयुक्त के लगवाए जनरेटर
बांदा। वर्ष 2005-06 में तत्कालीन मंडलायुक्त विजय शंकर पांडेय ने बांदा शहर को पेयजल आपूर्ति करने वाले सभी ट्यूबवेलों और इंटेकवेल पर जनरेटर की व्यवस्था कराई थी। मंडलायुक्त जल संस्थान के अध्यक्ष भी होते हैं। बिजली गुल होने पर जनरेटर चलाकर जलापूर्ति की जाती थी, लेकिन ये जनरेटर कहां गए? कितने चालू हैं? या कबाड़ बन गए? अथवा गायब हो गए? यह ब्योरा जल संस्थान नहीं बता पा रहा। अधिशासी अभियंता रतनलाल का कहना है कि जनरेटरों के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed