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Banda News: सुबह रिमझिम बारिश, दोपहर बाद तेज धूप ने बढ़ाई उमस
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बांदा। जिले में सुबह करीब एक घंटे हुई रिमझिम बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया, लेकिन जलभराव और कीचड़ ने राहगीरों को परेशान किया। कई मोहल्लों में नाला-नालियां चोक होने से जलभराव हो गया। दोपहर बाद निकली तेज धूप ने उमस में इजाफा कर दिया। लोग पसीना से सराबोर रहे।
बुधवार को भी सावन के तीसरे दिन सुबह से रिमझिम फुहारें गिरीं। करीब एक घंटे हुई बारिश में हर जगह पानी ही पानी नजर आया। स्कूली छात्र-छात्राएं छाता लगाकर या फिर भीगते हुए स्कूल गए। दोपहर बाद ही तल्ख धूप निकल आई। इससे फिर लोगों को उमस भरी गर्मी ने छकाया। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक बुधवार को करीब 9.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। अधिकतम तापमान 34 व न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
खेती-किसानी में आई रौनक
सावन की रिमझिम फुहारों ने किसानों को भी खुश कर दिया। धान की रोपाई में जुटे किसान ने अपना कार्य तेज कर दिया है। ज्वार, मूंग, तिल, अरहर आदि की फसलें तेज धूप में सूख रही थीं। अब सावन की बारिश में इन फसलों को भी वर्षा होने से अमृत मिल गया है। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ विज्ञानी डॉ. श्याम सिंह के मुताबिक इस समय हो रही वर्षा फसलों के लिए बेहद अनुकूल है। उन्होंने कहा कि धान की रोपाई किसान जल्द कराएं। साथ ही मूंग, उर्द, तिल, ज्वार आदि में खरपतवार नियंत्रण पर भी सावधानी बरतें, ताकि अच्छी उपज मिल सके।
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कहीं कीचड़ तो कहीं जल भराव
नगर पालिका शहर में करीब एक माह से नाला सफाई अभियान चला रही है, पर वर्षा के समय अभियान की पोल खुल रही है। सेढ़ू तैलाया में 20 दिन पहले नाला साफ कराया गया था, पर यह नाला अभी भी पूरी तरह चोक है। नाले में करीब दस मीटर में लोगों ने कब्जा कर पाट दिया है। इससे आगे पानी नहीं निकल पा रहा है। वर्षा होने पर सेढ़ तलैया मोहल्ले में छोटी काली देवी मंदिर के पास अक्सर जलभराव हो जाता है। इसके अलावा पीलीकोठी में की जगह नालों पर अतिक्रमण के चलते जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई है।
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बुधवार को भी सावन के तीसरे दिन सुबह से रिमझिम फुहारें गिरीं। करीब एक घंटे हुई बारिश में हर जगह पानी ही पानी नजर आया। स्कूली छात्र-छात्राएं छाता लगाकर या फिर भीगते हुए स्कूल गए। दोपहर बाद ही तल्ख धूप निकल आई। इससे फिर लोगों को उमस भरी गर्मी ने छकाया। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक बुधवार को करीब 9.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। अधिकतम तापमान 34 व न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
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खेती-किसानी में आई रौनक
सावन की रिमझिम फुहारों ने किसानों को भी खुश कर दिया। धान की रोपाई में जुटे किसान ने अपना कार्य तेज कर दिया है। ज्वार, मूंग, तिल, अरहर आदि की फसलें तेज धूप में सूख रही थीं। अब सावन की बारिश में इन फसलों को भी वर्षा होने से अमृत मिल गया है। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ विज्ञानी डॉ. श्याम सिंह के मुताबिक इस समय हो रही वर्षा फसलों के लिए बेहद अनुकूल है। उन्होंने कहा कि धान की रोपाई किसान जल्द कराएं। साथ ही मूंग, उर्द, तिल, ज्वार आदि में खरपतवार नियंत्रण पर भी सावधानी बरतें, ताकि अच्छी उपज मिल सके।
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कहीं कीचड़ तो कहीं जल भराव
नगर पालिका शहर में करीब एक माह से नाला सफाई अभियान चला रही है, पर वर्षा के समय अभियान की पोल खुल रही है। सेढ़ू तैलाया में 20 दिन पहले नाला साफ कराया गया था, पर यह नाला अभी भी पूरी तरह चोक है। नाले में करीब दस मीटर में लोगों ने कब्जा कर पाट दिया है। इससे आगे पानी नहीं निकल पा रहा है। वर्षा होने पर सेढ़ तलैया मोहल्ले में छोटी काली देवी मंदिर के पास अक्सर जलभराव हो जाता है। इसके अलावा पीलीकोठी में की जगह नालों पर अतिक्रमण के चलते जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई है।