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पेयजल परियोजनाओं और सड़कों की होगी जांच
अमर उजाला ब्यूरो , बांदा
Updated Mon, 19 Feb 2018 10:36 PM IST
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समीक्षा बैठक लेते प्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव अनिल कुमार सागर।
- फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश के प्रमुख सचिव अनिल कुमार ने पाइप पेयजल योजनाओं और बुंदेलखंड विकास निधि से बनी सड़कों की जांच के निर्देश दिए हैं। बजट न खर्च करने पर पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को फटकार लगाई। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के आवास जल्द बनवाने के निर्देश दिए। राजस्व वसूली का लक्ष्य मार्च तक पूरा कराने को कहा।
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कलक्ट्रेट सभागार में सोमवार को पिछड़ा वर्ग विभाग के प्रमुख सचिव व जिले के नोडल अधिकारी अनिल कुमार सागर ने विकास कार्यों की समीक्षा की। पेयजल परियोजनाओं में खामियां मिलने पर जल संस्थान व जल निगम अधिशासी अभियंताओं को चेतावनी दी। जिले में आधा दर्जन पेयजल योजनाएं पूरी होने के बावजूद हस्तांतरित न किए जाने और कागजी आंकड़ेबाजी पर नाराजगी जताते हुए डीएम को जांच के निर्देश दिए। कहा कि बल्लान पेयजल परियोजना का तत्काल विद्युतीकरण कराएं।
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गर्मी से पहले पेयजल परियोजनाएं शुरू कराएं। बुंदेलखंड विकास निधि से दिए गए 200 करोड़ का हिसाब मांगा। 60 फीसदी से ज्यादा धनराशि डंप होने पर नाराजगी जताई। एक्सईएन ने बताया कि 1.81 करोड़ सड़कों के लिए मिले थे। 22 सड़कों में 7 पूरी हो चुकी हैं। पैलानी-गलौली मार्ग का पैसा सरेंडर हो गया है। प्रमुख सचिव ने डीएम से टीम गठित कर सड़कों की जांच कराकर शासन को तत्काल रिपोर्ट भेजने को कहा। नगर निकायों के अधिकारियों ने आंकड़ों की बाजीगरी कर बताया कि जिले की दो नगर पालिका व 6 नगर पंचायतों के 181 वार्डों में से डेढ़ सौ में डोर-टू-डोर कूड़ा उठाया जा रहा है। नगर पालिका बांदा ईओ ने तो नगर के 31 वार्डों में से 28 में घर-घर कूड़ा उठाने और अवस्थी पार्क विकसित हो जाने की रिपोर्ट दी। सोडियम व स्ट्रीट लाइटें एलईडी में कनवर्ट हो जाने की रिपोर्ट पेश की।
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बिजली विभाग को लक्ष्य से कम विद्युत कनेक्शन देने पर प्रमुख सचिव ने आड़े हाथ लिया। चिह्नित 586 मजरे व 292 गांवों का विद्युतीकरण होना है। 28,500 नए कनेक्शन दिए जाने हैं। प्रमुख सचिव ने सभी विभागों के प्रगति की समीक्षा की। कर-करेतर समीक्षा में राजस्व वसूली का लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए। डीएम दिव्य प्रकाश गिरि, सीडीओ रामकुमार सिंह, एडीएम गंगाराम गुप्त, सिटी मजिस्ट्रेट रमेशचंद्र तिवारी, परियोजना अधिकारी आरपी मिश्रा, डीएसटीओ संजीव बघेल, समेत सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
कई अफसरों को आई नींद
प्रमुख सचिव की करीब ढाई घंटे तक बैठक चली। इसी बीच कई विभागों के अफसर नींद पूरी करते रहे। सीडीओ की निगाह पड़ी तो कर्मचारियों को इशारा कर सो रहे दो अफसरों को जगाने को कहा। सीडीओ का गर्म मिजाज देख अफसरों ने मुंह धोकर नींद दूर की, लेकिन जमुहाई लेते रहे।
कृषि विश्वविद्यालय में देखे निर्माणाधीन भवन
प्रमुख सचिव ने बैठक के बाद कृषि विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया। निर्माणाधीन टीचर्स हॉस्टल को देखा। कार्यदायी संस्था के सहायक प्रोजेक्ट मैनेजर रामेंद्र सिंह से जानकारी ली। भवनों को शीघ्र हैंडओवर करने को कहा। परिसर में तैयार हो रहे उन्नतिशील बीजों के हब को देखकर सराहना की। डीएम डीपाी गिरि, कुलपति एसएल गोस्वामी, सीडीओ आरके सिंह, विश्वविद्यालय के सब रजिस्ट्रार एनके वाजपेयी भी मौजूद रहे।