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अटल काव्यांजलि में सजी महफिल
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अटल काव्यांजलि में कविता पेश करते कुमार विश्वास। साथ में कवियत्री कविता तिवारी।
- फोटो : BANDA
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बांदा। धर्म अलग पर भारतीय संस्कृति एक है। हम हिंदुस्तानी पहले हैं। यह बात शनिवार की देर रात जीआईसी ग्राउंड में आयोजित अटल काव्यांजलि में मशहूर कवि कुमार विश्वास ने कही। अपने चिर-परिचित लहजे में कई कविताएं सुनाकर भारी तादाद में उपस्थित श्रोताओं से तालियां बटोरीं। बालिकाओं को नमन किया तो दूसरी तरफ जनप्रतिनिधियों पर कटाक्ष किए।
सर्द हवाओं और गलन के बीच भी वाटरप्रूफ पंडाल श्रोताओं से भरा रहा। उन्होंने रहीम के दोहे के पाठ से शुरुआत करते हुए सुनाया- कोई दीवाना कहता है तो कोई पागल समझता है। सेना के जवानों के शौर्य में कहा कि- नमन है उनको, जिनके सामने हिमालय बौना है। इस कविता में पत्नी, बेटी और मां का चित्रण बखूबी किया। यह कविता पढ़ते समय कुमार विश्वास भावुक हो गए।
सांसद और विधायकों पर कटाक्ष किया- कुछ नहीं, बस पर्चा भरकर विधायक और सांसद बन गए। हर-हर मोदी, घर-घर मोदी के नारे से उन्हें कुछ नहीं करना पड़ा। उन्होंने कोरोना को लेकर भी बिहारियों और यूपी वालों पर तंज किया। बिहारी अंदाज में श्रोताओं को खूब गुदगुदाया। खूब लड़ैये महोबे वाले से बुंदेली संस्कृति को भी बयां किया।
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बांदा की ऊबड़-खाबड़ सड़कों पर भी कटाक्ष किया। कार्यक्रम का संचालन भी कुमार विश्वास ने ही संभाला। कार्यक्रम की शुरुआत प्रसिद्ध कवियत्री कविता तिवारी ने सरस्वती वंदना से की। साथ ही कई रचनाएं सुनाकर तालियां बटोरीं। बेटियों पर सुनाई कविता खूब सराही गई।
कवि गजेंद्र प्रियांशु ने देश के दुश्मनों पर गीत पढ़ा। हास्य कवि अनिल चौबे और रमेश मुस्कान ने हास्य रचनाओं से श्रोताओं को हंसाया। मंच पर सांसद पुष्पेंद्र सिंह चंदेल (हमीरपुर), विधायक प्रकाश द्विवेदी, निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष सरिता द्विवेदी, आईजी के.सत्यनारायणा, रमेश अवस्थी आदि उपस्थित रहे।
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सर्द हवाओं और गलन के बीच भी वाटरप्रूफ पंडाल श्रोताओं से भरा रहा। उन्होंने रहीम के दोहे के पाठ से शुरुआत करते हुए सुनाया- कोई दीवाना कहता है तो कोई पागल समझता है। सेना के जवानों के शौर्य में कहा कि- नमन है उनको, जिनके सामने हिमालय बौना है। इस कविता में पत्नी, बेटी और मां का चित्रण बखूबी किया। यह कविता पढ़ते समय कुमार विश्वास भावुक हो गए।
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सांसद और विधायकों पर कटाक्ष किया- कुछ नहीं, बस पर्चा भरकर विधायक और सांसद बन गए। हर-हर मोदी, घर-घर मोदी के नारे से उन्हें कुछ नहीं करना पड़ा। उन्होंने कोरोना को लेकर भी बिहारियों और यूपी वालों पर तंज किया। बिहारी अंदाज में श्रोताओं को खूब गुदगुदाया। खूब लड़ैये महोबे वाले से बुंदेली संस्कृति को भी बयां किया।
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बांदा की ऊबड़-खाबड़ सड़कों पर भी कटाक्ष किया। कार्यक्रम का संचालन भी कुमार विश्वास ने ही संभाला। कार्यक्रम की शुरुआत प्रसिद्ध कवियत्री कविता तिवारी ने सरस्वती वंदना से की। साथ ही कई रचनाएं सुनाकर तालियां बटोरीं। बेटियों पर सुनाई कविता खूब सराही गई।
कवि गजेंद्र प्रियांशु ने देश के दुश्मनों पर गीत पढ़ा। हास्य कवि अनिल चौबे और रमेश मुस्कान ने हास्य रचनाओं से श्रोताओं को हंसाया। मंच पर सांसद पुष्पेंद्र सिंह चंदेल (हमीरपुर), विधायक प्रकाश द्विवेदी, निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष सरिता द्विवेदी, आईजी के.सत्यनारायणा, रमेश अवस्थी आदि उपस्थित रहे।