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डायरिया का कहर, जिला अस्पताल के वार्ड फुल
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Sun, 10 May 2015 11:31 PM IST
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गर्मी बढ़ने के साथ डायरिया का प्रकोप दिखने लगा है। जिला अस्पताल के वार्डों में इन दिनों लगभग 70 फीसदी मरीज डायरिया के चलते भर्ती हैं। हालात ऐसे हैं कि एक बेड पर दो-दो मरीज लिटाए जा रहे हैं। रोजाना लगभग एक सैकड़ा उल्टी-दस्त रोगी भर्ती हो रहे हैं। इतनी ही संख्या में रोजाना मरीजों की छुट्टी भी दी जा रही है।
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इन दिनों जिला अस्पताल में इमर्जेंसी, चिल्ड्रेन व नेत्र वार्ड डायरिया पीड़ितों से हाउस फुल हैं। बर्न व स्वाइन फ्लू वार्ड को छोड़कर अन्य वार्डों का भी ऐसा ही हाल है। कुल 82 में से 56 बेडों पर डायरिया मरीज भर्ती हैं। बीमारी का सबसे ज्यादा कहर बच्चों पर है।
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चिल्ड्रेन वार्ड में कृष्ण गोपाल (5) चिल्ली, नेहा (2) तेंदुही, मंजू (6 माह) कनवारा, रंजना (8) जमालपुर, कौशलेंद्र (1) मवई, जितेंद्र (1) मटौंध, रोशनी (3) कताई मिल भर्ती है। इमरजेंसी वार्ड में मल्लिका (30) अलीगंज, शाहिद (15) गूलरनाका, चीना (40) व देवेंद्र (24) परशुराम तालाब, सुखरनिया (33) लुकतरा, रहूसत (46) गिरवां, पंचा (45) तिंदवारी, हनीफ (30) गौरी कलां आदि इलाज करा रहे हैं।
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मेडिकल आफीसर डा. विनीत सचान व फिजीशियन डा. कुलदीप गुप्ता ने बताया कि यह मौसम डायरिया का है। ऐसे मौसम में खाने-पीने में लापरवाही नहीं करनी चाहिए। डाक्टरों ने लोगों को परहेज और एहतियात बरतने की सलाह दी है। कहा है कि बासी खाना, कटे फल, खुली मिठाइयां आदि का सेवन न करें।