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धान का रकबा तीन हजार हेक्टेयर घटा, दलहन का 10 हजार बढ़ाया
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बांदा। पानी की कमी को देखते हुए सरकार बुंदेलखंड में दहलनी फसलों की बुआई पर जोर दे रही है। शासन ने खरीफ में धान की रोपाई का लक्ष्य तीन हजार हेक्टेयर से अधिक घटा दिया है। वहीं, दलहन की बुआई के लक्ष्य में 10 हजार हेक्टेयर का इजाफा किया है।
चित्रकूटधाम मंडल में इस वर्ष खरीफ में 3,13,806 हेक्टेअर में धान और दलहन की बुआई का लक्ष्य रखा गया है। धान की रोपाई 57133 हेक्टेयर में होगी। पिछले वर्ष 60500 हेक्टेयर में धान की रोपाई का लक्ष्य रखा गया था। वहीं दलहन की बुआई का लक्ष्य 1,59,725 हेक्टेयर निर्धारित किया गया है। पिछले साल 1,49,500 हेक्टेयर में दलहन की बुआई का लक्ष्य रखा गया था। इसके साथ ही इस वर्ष ज्वार 68,387, बाजरा 12,558, मक्का 13 हेक्टेअर में बोया जाएगा। मूंगफली के लिए 15,990 हेक्टेयर लक्ष्य रखा गया है।
फायदे की खेती हैं दलहनी फसलें
उप कृषि निदेशक विजय सिंह का कहना है कि धान की रोपाई में लागत व श्रम अधिक लगता है। पानी की भी अत्यधिक जरूरत पड़ती है। दलहन फसलों में लागत कम आमदनी अधिक है। पानी की भी जरूरत नहीं पड़ती। वहीं, जिला कृषि अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार का कहना है कि दलहनी फसलों के बेहतर बीज मंगाए गए हैं। जिनका उत्पादन प्रति हेक्टेयर 15 से 20 क्विंटल है।
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चित्रकूटधाम मंडल में इस वर्ष खरीफ में 3,13,806 हेक्टेअर में धान और दलहन की बुआई का लक्ष्य रखा गया है। धान की रोपाई 57133 हेक्टेयर में होगी। पिछले वर्ष 60500 हेक्टेयर में धान की रोपाई का लक्ष्य रखा गया था। वहीं दलहन की बुआई का लक्ष्य 1,59,725 हेक्टेयर निर्धारित किया गया है। पिछले साल 1,49,500 हेक्टेयर में दलहन की बुआई का लक्ष्य रखा गया था। इसके साथ ही इस वर्ष ज्वार 68,387, बाजरा 12,558, मक्का 13 हेक्टेअर में बोया जाएगा। मूंगफली के लिए 15,990 हेक्टेयर लक्ष्य रखा गया है।
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फायदे की खेती हैं दलहनी फसलें
उप कृषि निदेशक विजय सिंह का कहना है कि धान की रोपाई में लागत व श्रम अधिक लगता है। पानी की भी अत्यधिक जरूरत पड़ती है। दलहन फसलों में लागत कम आमदनी अधिक है। पानी की भी जरूरत नहीं पड़ती। वहीं, जिला कृषि अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार का कहना है कि दलहनी फसलों के बेहतर बीज मंगाए गए हैं। जिनका उत्पादन प्रति हेक्टेयर 15 से 20 क्विंटल है।
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