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Banda News: शिवालयों में पहुंचे श्रद्धालु, गूंजी भोले की जय-जयकार
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बांदा। सावन के महीने में शिव की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है। सावन के चौथे सोमवार को भोर पहर से ही श्रद्धालु बामदेवेश्वर पर्वत पहुंच गए। भीड़ होने की वजह से श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से खड़ा कराया गया। बारी-बारी से महिला और पुरुष श्रद्धालुओं को गुफा के अंदर प्रवेश दिया गया।
श्रद्धालुओं ने भगवान बामदेवेश्वर शिव का जलाभिषेक और दुग्धाविषेक किया। इसके बाद बेल पत्र और पुष्प अर्पित किए। गुफा के अंदर तैनात स्वयंसेवी श्रद्धालुओं को चंदन मिनट में ही बाहर करते नजर आए। सुरक्षा के लिहाज से मंदिर परिसर में पुलिस कर्मी तैनात रहे। मंदिर के पुजारी पुत्तन महाराज ने बताया कि मंदिर में 16 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। पुलिस सुरक्षा के साथ ही सीसीटीवी कैमरों से भी लगातार अराजकतत्वों की निगरानी की जा रही है। देर शाम भगवान भोलेनाथ का श्रृंगार करते हुए विशेष आरती का आयोजन किया गया।
शिवलिंग निर्माण कर रुद्राभिषेक कर रहे भक्त
सोमवार को महेश्वरी देवी मंदिर और काली देवी मंदिर के साथ ही श्रद्धालुओं ने अपने घरों में शिवलिंग का निर्माण कराते हुए रुद्राभिषेक किया। इसके साथ ही सामूहिक भोज का आयोजन भी किया जा रहा है।
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नीलकंठ महादेव का रामेश्वर के जल से हुआ अभिषेक
कालिंजर। ऐतिहासिक दुर्ग कालिंजर में विराजमान भगवान नीलकंठेश्वर महादेव के दर्शन के लिए सोमवार को हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़े। यह प्राचीन देव स्थान यूपी और एमपी के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। श्रद्धालुओं को जलाभिषेक की इजाजत नहीं दी गई, लेकिन रामेश्वरम से जल लेकर पहुंचे कांवड़ियों ने महादेव का जलाभिषेक किया। भोर पहर से ही श्रद्धालुओं का आवागमन शुरू हो गया था। इसके साथ ही दुर्ग पर स्थित भगवान बलखंडेश्वर महादेव का श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। रह-रहकर भगवान शिव का गगनभेदी जयघोष गुंजायमान होता रहा। सुरक्षा के लिहाज से दुर्ग में पुलिस तैनात रही।
बेपरवाह पुरातत्व विभाग, वाटर कूलर तीन वर्ष से खराब
कालिंजर। सावन जैसे पावन माह पर भी पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने दुर्ग में लगे वाटर कूलर की मरम्मत नहीं कराई। इससे दुर्ग में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को पेयजल के लिए परेशान होना पड़ा।
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श्रद्धालुओं ने भगवान बामदेवेश्वर शिव का जलाभिषेक और दुग्धाविषेक किया। इसके बाद बेल पत्र और पुष्प अर्पित किए। गुफा के अंदर तैनात स्वयंसेवी श्रद्धालुओं को चंदन मिनट में ही बाहर करते नजर आए। सुरक्षा के लिहाज से मंदिर परिसर में पुलिस कर्मी तैनात रहे। मंदिर के पुजारी पुत्तन महाराज ने बताया कि मंदिर में 16 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। पुलिस सुरक्षा के साथ ही सीसीटीवी कैमरों से भी लगातार अराजकतत्वों की निगरानी की जा रही है। देर शाम भगवान भोलेनाथ का श्रृंगार करते हुए विशेष आरती का आयोजन किया गया।
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शिवलिंग निर्माण कर रुद्राभिषेक कर रहे भक्त
सोमवार को महेश्वरी देवी मंदिर और काली देवी मंदिर के साथ ही श्रद्धालुओं ने अपने घरों में शिवलिंग का निर्माण कराते हुए रुद्राभिषेक किया। इसके साथ ही सामूहिक भोज का आयोजन भी किया जा रहा है।
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नीलकंठ महादेव का रामेश्वर के जल से हुआ अभिषेक
कालिंजर। ऐतिहासिक दुर्ग कालिंजर में विराजमान भगवान नीलकंठेश्वर महादेव के दर्शन के लिए सोमवार को हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़े। यह प्राचीन देव स्थान यूपी और एमपी के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। श्रद्धालुओं को जलाभिषेक की इजाजत नहीं दी गई, लेकिन रामेश्वरम से जल लेकर पहुंचे कांवड़ियों ने महादेव का जलाभिषेक किया। भोर पहर से ही श्रद्धालुओं का आवागमन शुरू हो गया था। इसके साथ ही दुर्ग पर स्थित भगवान बलखंडेश्वर महादेव का श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। रह-रहकर भगवान शिव का गगनभेदी जयघोष गुंजायमान होता रहा। सुरक्षा के लिहाज से दुर्ग में पुलिस तैनात रही।
बेपरवाह पुरातत्व विभाग, वाटर कूलर तीन वर्ष से खराब
कालिंजर। सावन जैसे पावन माह पर भी पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने दुर्ग में लगे वाटर कूलर की मरम्मत नहीं कराई। इससे दुर्ग में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को पेयजल के लिए परेशान होना पड़ा।