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Banda News: बेटियां बोलीं, स्टेडियम और कोच मिले तो हम भी जडे़ेंगे चौके-छक्के
Mon, 17 Nov 2025 12:06 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Mon, 17 Nov 2025 12:06 AM IST
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फोटो - 02 अंजली देवी। संवाद
अतर्रा। महिला क्रिकेट विश्व कप में देश की बेटियों ने इतिहास रचा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों में खासा उत्साह जगा है। विश्वकप में मिली जीत ने खिलाड़ियों के मन में नई ऊर्जा और उम्मीदें जगा दी हैं। बेटियों ने कहा कि अगर उन्हें भी उचित सुविधाएं, स्टेडियम और कोच मिल जाएं तो वह भी मैदान में चौके-छक्के जड़कर जिले का नाम रोशन कर सकतीं हैं।
स्थानीय महिला क्रिकेट खिलाड़ियों का कहना है कि कस्बे में खेल प्रशिक्षण के लिए उचित व्यवस्था नहीं है। कस्बे में हिंदू इंटर कॉलेज का मैदान ही एकमात्र जगह है, जहां लोग सुबह-शाम टहलने, खेलने और अन्य गतिविधियों के लिए आते हैं। ऐसे में महिला खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए अलग जगह नहीं मिल पाती।
भीड़भाड़ के बावजूद बेटियां किसी तरह इसी मैदान में अभ्यास करती हैं। कहा कि उनके अंदर हुनर और लगन की कोई कमी नहीं है, बस सही दिशा और सुविधा की जरूरत है। महिला खिलाड़ियों ने प्रशासन से मांग की है कि उनके लिए अलग मैदान और प्रशिक्षक की व्यवस्था की जाए ताकि वह भी देश-प्रदेश का नाम रोशन कर सकें।
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मैदान में जज्बा, पर सुविधा नहीं
1 - बीते दो वर्ष से हिंदू इंटर कॉलेज के खेल मैदान में अभ्यास कर रहे हैं। स्थानीय स्तर पर महिला खिलाड़ियों के लिए सुविधाओं की कमी से क्रिकेट में आगे नहीं बढ़ पा रहे।
अंजली देवी, क्रिकेट खिलाड़ी
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2 - कस्बे में क्रिकेट सहित अन्य खेलों के लिए उचित सुविधाएं मिलें तो यहां की बेटियां भी प्रदेश और देश स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं। प्रशासन को इसके लिए पहल करनी चाहिए।
देविका, क्रिकेट खिलाड़ी
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3 - पिछले चार वर्ष से बालिकाओं को खेल का प्रशिक्षण दे रहे हैं। महिला खिलाड़ियों के लिए स्थानीय स्तर पर अलग स्टेडियम और खेल सामग्री उपलब्ध हो जाए तो प्रतिभाएं निखरकर सामने आएंगी।
किशन कुमार, कोच
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स्थानीय महिला क्रिकेट खिलाड़ियों का कहना है कि कस्बे में खेल प्रशिक्षण के लिए उचित व्यवस्था नहीं है। कस्बे में हिंदू इंटर कॉलेज का मैदान ही एकमात्र जगह है, जहां लोग सुबह-शाम टहलने, खेलने और अन्य गतिविधियों के लिए आते हैं। ऐसे में महिला खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए अलग जगह नहीं मिल पाती।
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भीड़भाड़ के बावजूद बेटियां किसी तरह इसी मैदान में अभ्यास करती हैं। कहा कि उनके अंदर हुनर और लगन की कोई कमी नहीं है, बस सही दिशा और सुविधा की जरूरत है। महिला खिलाड़ियों ने प्रशासन से मांग की है कि उनके लिए अलग मैदान और प्रशिक्षक की व्यवस्था की जाए ताकि वह भी देश-प्रदेश का नाम रोशन कर सकें।
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मैदान में जज्बा, पर सुविधा नहीं
1 - बीते दो वर्ष से हिंदू इंटर कॉलेज के खेल मैदान में अभ्यास कर रहे हैं। स्थानीय स्तर पर महिला खिलाड़ियों के लिए सुविधाओं की कमी से क्रिकेट में आगे नहीं बढ़ पा रहे।
अंजली देवी, क्रिकेट खिलाड़ी
2 - कस्बे में क्रिकेट सहित अन्य खेलों के लिए उचित सुविधाएं मिलें तो यहां की बेटियां भी प्रदेश और देश स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं। प्रशासन को इसके लिए पहल करनी चाहिए।
देविका, क्रिकेट खिलाड़ी
3 - पिछले चार वर्ष से बालिकाओं को खेल का प्रशिक्षण दे रहे हैं। महिला खिलाड़ियों के लिए स्थानीय स्तर पर अलग स्टेडियम और खेल सामग्री उपलब्ध हो जाए तो प्रतिभाएं निखरकर सामने आएंगी।
किशन कुमार, कोच

फोटो - 02 अंजली देवी। संवाद

फोटो - 02 अंजली देवी। संवाद