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दीवार ढहने से मंडराया रेलवे ट्रैक पर भी खतरा

Sat, 11 Sep 2021 11:42 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 11 Sep 2021 11:42 PM IST
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Danger on railway track due to wall collapse
बांदा। दुरेड़ी गांव के पास करीब नौ साल पहले बने रेलवे अंडरपास की रिटेनिंग दीवार गिरने से रेलवे ट्रैक धंसने का खतरा मंडराने लगा है। बांदा समेत झांसी और चित्रकूट की तकनीकी टीम ट्रैक और अंडरपास के बचे हिस्से को बचाने में जुटी है।
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अधिकारी तकनीकी खामियां तो स्वीकार कर रहे, लेकिन ज्यादा कुछ बोलने से कतरा रहे हैं। अंडरपास की दीवार गिरने का कारण मिट्टी और जलभराव व निर्माण में कमी बताया जा रहा है। झांसी रेलवे ट्रैक में दुरेड़ी गांव के पास वर्ष 2012 में 3.90 करोड़ रुपये की लागत से अंडरपास बना था।
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इसकी लगभग 25 मीटर लंबी दीवार शुक्रवार की रात ढह गई। मलबे से आवागमन बंद हो गया। ट्रैक और अंडरपास के बाकी हिस्से को बचाने के लिए झांसी, चित्रकूट और बांदा की तकनीकी टीम जुटी है।
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वरिष्ठ सहायक खंड अभियंता (कार्य) प्रदीप कुमार के नेतृत्व में क्षतिग्रस्त दीवार की तरफ बालू भरी बोरियों की दीवार बनाई जा रही है। ताकि मलवा निकालते समय मिट्टी न धंसे।
एईएन ने स्वीकार किया कि दीवार गिरने के तीन मुख्य कारण मिट्टी, जल निकासी न होना, निर्माण में खामी है। जल निकासी के लिए नाली बनाई जा रही है। अंडरपास के और हिस्से को बचाने के लिए बालू भरी बोरियों की दीवार खड़ी कर मलवा हटाया जा रहा है।
तकनीकी जांच में नए अंडरपास बनवाने की जरूरत नहीं है। जो हिस्सा गिरा है, उसे ठीक किया जाएगा। फिलहाल ट्रैक व अंडरपास के शेष हिस्से को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
इसके लिए झांसी से ब्रिज विभाग के तकनीकी अधिकारियों की टीम लगी है। उन्होंने दीवार गिरने से करीब 50 लाख रुपये नुकसान का अनुमान जताया है।
अंडरपास से गुजरेगी 30 किमी रफ्तार से ट्रेन
बांदा। अंडरपास की दीवार गिरने से ट्रैक को खतरा पैदा हो गया है। ऐसे में तकनीकी अफसरों की रिपोर्ट के आधार पर रेलवे ने दो किमी पहले और बाद तक ट्रेनों की रफ्तार घटा दी है।
अंडरपास के ऊपर से 30 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेन गुजारने के निर्देश दिए हैं। पहले यहां से सौ किमी प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेन गुजरती थी। इसकी जानकारी सभी पायलटों को दे दी गई है, ताकि ट्रैक को कोई नुकसान न पहुंचे।
यूपी-एमपी का आवागमन बंद
बांदा। दुरेड़ी अंडरपास से यूपी-एमपी के एक दर्जन गांवों का आवागमन बंद हो गया है। वाहन सवार नहीं निकल पा रहे, लेकिन पैदल और साइकिल से आने-जाने वाले खेतों से होकर गांव पहुंच रहे हैं।
इसके अलावा एकलव्य महाविद्यालय, नवोदय विद्यालय सहित आधा दर्जन प्राइमरी व जूनियर विद्यालय के बच्चे भी पढ़ने नहीं जा पा रहे। रेलवे ने अंडरपास के दोनों ओर बैरिकेडिंग कर आवागमन रोक दिया है। स्टेशन प्रबंधक केके कुशवाहा ने बताया कि सुरक्षा के तौर पर चौबीस घंटे के लिए आरपीएफ के दो जवान लगाए गए हैं।

डीएम ने डीआरएम से बात की
बांदा। डीएम आनंद कुमार सिंह ने अंडरपास का निरीक्षण कर क्षतिग्रस्त दीवार को देखा। अफसरों को निर्देश दिए कि ट्रैक से ट्रेनों को धीमी गति से निकाला जाए। ट्रैक को बचाने सहित आवागमन को सुचारु करने के लिए हरसंभव उपाय करें।
डीआरएम को फोन करके पानी की निकासी को नाली बनवाने व गुणवत्ता के साथ दीवार का निर्माण कराने को कहा।
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