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Banda News: धान व अरहर को नुकसान, चना, मसूर, गेंहू, मटर, सरसों की फसल पर लगा ग्रहण

Fri, 31 Oct 2025 11:39 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा Updated Fri, 31 Oct 2025 11:39 PM IST
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Damage to paddy and pigeon pea, eclipse on gram, lentil, wheat, pea and mustard crops.
फोटो - 06 करतल में बारिश से खेत में पसरी धान की पकी फसल। संवाद
बांदा। चक्रवाती तूफान से बुंदेलखंड के जिलों में व्यापक असर है। बारिश और तेज हवा से खरीफ की धान व अरहर की फसल खराब हो गई है, रबी की फसल चना, मसूर, मटर, गेंहू, सरसों आदि का अंकुरण प्रभावित हो रहा है। रोग लगने की भी संभावना जताई गई है। बारिश के कारण दिन व रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। 26 अक्टूबर को दिन का तापमान 32.5 था, वहीं 27,28,29 अक्टूबर को 25-26 और 30 अक्टूबर को 24 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है।
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न्यूनतम तापमान में भी चार से पांच डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। चक्रवाती बारिश के कारण अब तक कुल 41.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। 31 अक्टूबर को एक बार फिर हल्की वर्षा, मेघ गर्जन, वज्रपात व तेज हवा चलीं। मौसम विभाग ने क्षेत्र में एलो एलर्ट जारी किया है।
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कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विशेषज्ञ प्रोफेसर दिनेश शाह ने बताया कि बेमौसम बारिश से खरीफ की फसलों खास कर धान को अत्यधिक नुकसान हुआ है। खेत में कटी और खड़ी फसल दोनों को भीगने से नुकसान हो रहा है। जल जमाव से धान व अरहर के सड़ने की संभावना बन रही है। भीगने के प्रभाव से दाने काले पड़ने लगते हैं, जिससे गुणवत्ता प्रभावित होती है।
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किसानों को सलाह देते हुए बताया कि बारिश के बाद धूप निकलने पर फसल की कटाई करें। कटी फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें। हो सके तो भीगने से बचाने के उपाय करें। बाद में अच्छी तरह सुखाकर दाने निकालें।
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अरहर की खड़ी फसल में जल जमाव न होने दें
बांदा। रबी की बोई गई फसल चना, मसूर, मटर, गेंहू, सरसों में भी जल निकासी की व्यवस्था करें। बोई गई रबी फसल को रोग से बचाने के उपाय करें। सावधानी रखें, सचेत रहें तथा बोआई को कुछ दिनों के लिए स्थगित रखें। (संवाद)
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मौसम के बिगड़े मिजाज से धान की फसल को नुकसान
- तीन दिनों से हो रही है रुक-रुककर बारिश, खेतों में पसरा धान
- कई खेतों में पानी भरने से फसल लगी है सड़ने
- खेतों में नमी से रबी की बोआई पिछड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी
करतल/ बिसंडा/कमासिन। मानसूनी बारिश से जिले में न सिर्फ धान की खेती का रकबा बढ़ा था, बल्कि उत्पादन भी रिकार्ड तोड़ होने वाला था लेकिन चक्रवाती तूफान मेंथा के असर ने किसानों की तीन महीने की जी तोड़ मेहनत पर पानी फेर दिया है। बेमौसम बारिश के चलते खेतों में खड़ी धान की फसल गिर गई है, जिसके पानी में भीगकर सड़ने की चिंता ने किसानों को परेशान करना शुरू कर दिया है।
बीते तीन दिनों से रुक-रुक वर्षा हो रही है। इससे न केवल तापमान में खासी गिरावट हुई है, बल्कि खेती भी प्रभावित हो गई है। मौसम की प्रतिकूलता का सबसे अधिक खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। मंगलवार रात से जारी बारिश ने धान की फसल को खराब हो जाने के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है। किसानों ने बताया कि इस वर्ष अच्छी बारिश धान की खेती के लिए वरदान साबित हुई थी। इससे किसानों ने तीन महीने तक जी तोड़ मेहनत कर धान की फसल तैयार की लेकिन जब फसल पूरी तरह से तैयार हुई बेमौसम बारिश ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
रबी की फसलों की बोआई थी बारिश के चलते अटक गई हैं। किसानों का कहना है कि खेतों में नमी होने से करीब 15 दिनों तक बोआई का मौका नहीं मिलेगा। बिल्हरका के किसान अमर सिंह, जगत सिंह, नंगू सिंह, सीरज, धीरज, करतल के शोभालाल पटेल, सुरेश कुमार, नरेंद्र तिवारी आदि ने बताया कि धान खेतों में पककर खड़ा था। कटाई की तैयारी चल रही थी लेकिन बारिश से फसल गिर गई। इससे दाने में बदरा हो जाएगा और ठोस धान भूसी में बदल जाएगा।

बिसंडा के किसान शिवनरेश त्रिपाठी ने बताया कि उनकी 45 बीघा में लगी धान की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई। रामराजा त्रिपाठी के अनुसार उनकी 16 बीघे की फसल पानी से नष्ट होने की कगार पर है। इसी प्रकार कुसुमा देवी, किशन त्रिपाठी आदि ने बताया कि क्षेत्र के करीब 600 किसानों के खेतों में भारी भर जाने से फसल बर्बाद हो गई है। किसानों ने प्रशासन से सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है।
कमासिन क्षेत्र के किसान दयाराम, संतोष, चुनबाद, हनुमान, राजेंद्र आदि ने बताया है कि बे मौसम बारिश के कारण धान की खड़ी फसल पूरी तरह जमीन पर बिछ गई है। तथा काफी धान की फसल खेतों पर कटी पड़ी है जिनमें काफी पानी भरा हुआ है जिससे धान की फसल बड़े पैमाने पर सड़ जाएगी।
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फोटो - 06 करतल में बारिश से खेत में पसरी धान की पकी फसल। संवाद

फोटो - 06 करतल में बारिश से खेत में पसरी धान की पकी फसल। संवाद

फोटो - 06 करतल में बारिश से खेत में पसरी धान की पकी फसल। संवाद

फोटो - 06 करतल में बारिश से खेत में पसरी धान की पकी फसल। संवाद

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