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युवक की मौत पर भड़के लोगों ने ट्रक फूंका
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Fri, 17 Jun 2016 11:35 PM IST
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ट्रक हादसे में हुई मौत
- फोटो : अमर उजाला
अतर्रा। डंपर की टक्कर से युवक की मौत से आक्रोशित भीड़ ने जमकर बवाल किया। राष्ट्रीय राजमार्ग और नरैनी-अतर्रा मार्ग छह घंटे जाम रखा। पुलिस छह घंटे तक शव अपने कब्जे में नहीं ले सकी। चालक को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। ट्रक के शीशे तोड़ दिए और आग लगा दी। यह बवाल तड़के तक चला। एसडीएम और सीओ ने समझा-बुझाकर शांत किया।
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हिमांशु चौरसिया की मौत के बाद हजारों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस की लापरवाही और मुआवजे की मांग लेकर आक्रोशित लोगों ने छह घंटे राष्ट्रीय राजमार्ग जाम रखा। इस जाम में छोटे-बड़े सैकड़ों वाहन फंस गए। अतर्रा थाने की पुलिस ने जाम खत्म कराने कोशिश की लेकिन नाकाम रही।
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भीड़ और भड़क उठी। प्रदर्शनकारियों ने दुर्घटना करने वाले ट्रक के चालक को पकड़ लिया और जमकर धुनाई की। ट्रक में आग लगा दी। लोगों का आरोप था कि पुलिस की लापरवाही से राष्ट्रीय राजमार्ग पर अतिक्रमण है। ओवरलोड ट्रक रातोंदिन फर्राटा भरते हैं। आए दिन जान जाती है।
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हालात बेकाबू होते देख थानाध्यक्ष केएन सिंह ने उच्चाधिकारियों को सूचना दी। करीब 10 बजे बदौसा, फतेहगंज, नरैनी, बिसंडा थानों से भारी पुलिस फोर्स के साथ एसडीएम एके पुष्कर और सीओ नरैनी राजेश कुमार मिश्र आ गए। उन्होंने मुआवजे का भरोसा दिलाया और आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर शांत किया। इसी के बाद जाम खत्म हुआ। चाचा की तहरीर पर थाने में ट्रक चालक के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज हुई है।
घर का इकलौता चिराग था हिमांशु
अतर्रा। हिमांशु के माता-पिता की मृत्यु वर्ष 2004 में हो गई थी। वह तीन बहनों में इकलौता भाई था। अपने चाचा सीताराम चौरसिया और नारायनदास के साथ रहकर व्यापार में हाथ बंटाता था। वह अविवाहित था। साइकिल से तगादा करने स्टेशन रोड तिराहा गया था। तभी मौत ने उसे लपक लिया। बहन पूनम ने कहा हिमांशु हर रक्षाबंधन में राखी बंधाने उसकी ससुराल आता था।
शव जबरन ले जाने का आरोप
अतर्रा। सपा नगर अध्यक्ष संजय साहू की अगुवाई में मृतक के नाते-रिश्तेदार व परिजनों ने थाना पहुंचकर बवाल किया। चाचा सीताराम ने कहा कि परिजनों को हिमांशु के शव के साथ नहीं जाने दिया गया। पुलिस तड़के तीन बजे शव कही उठा ले गई। थानाध्यक्ष केएन सिंह ने परिजनों को समझाया। परिवार के साथ नगर पंचायत अध्यक्ष नरैनी आदि को जिला मुख्यालय भेजा। उधर, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष महेंद्र सिंह वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि लाखन सिंह आदि घटना स्थल पर देर रात पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया।