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जिंदा फूंकने के आरोपी को आखिर उठा लाई पुलिस
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Tue, 13 Jan 2015 11:21 PM IST
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कई संगीन अपराधों में वांछित आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद ले-देकर छोड़ देने वाली पुलिस अंतत: बैक फुट पर आ गई। खबर छपने के बाद पुलिस ने आरोपी को पुन: गिरफ्तार कर मध्य प्रदेश पुलिस को सौंप दिया है।
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उस पर वहां लगभग दर्जन भर संगीन धाराओं के मुकदमे हैं। दो लोगों को जिंदा फूंकने और कोर्ट से भगोड़ा घोषित आरोपी की एमपी पुलिस को काफी अरसे से तलाश थी। नरैनी कोतवाली क्षेत्र के चंदनगर (गंगा पुरवा) गांव का फूलचंद्र उर्फ चंदा पर छतरपुर जनपद के किशनगढ़ थाने में कई गंभीर अापराधिक मामले दर्ज हैं। वह फरार था।
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वहां की कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित कर रखा था। एमपी पुलिए उसकी तलाश कर रही थी। इसी बीच 9 जनवरी को नरैनी कोतवाली पुलिस ने फूलचंद्र को नसैनी गांव के नजदीक दबोच लिया, लेकिन कुछ रसूख वालों के दबाव पर पुलिस ने उसे थाने से छोड़ दिया। यह खबर ‘अमर उजाला’ में 11 जनवरी को छपी थी।
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इसे पुलिस अधीक्षक पीयूष श्रीवास्तव ने संज्ञान में लिया। हालांकि पहले उन्होंने नरैनी पुलिस की दलीलों के हवाले से खबर को गलत बताया, लेकिन बाद में एसपी निर्देश पर ही नरैनी पुलिस ने फूलचंद्र उर्फ चंदा को पुन: दबोचा। मंगलवार को सुबह मध्य प्रदेश के किशनगढ़ थाने से एएसआई जगदीश के नेतृत्व में आई पुलिस टीम को सौंप दिया गया।
एएसआई ने बताया कि फूलचंद्र के विरुद्ध किशनगढ़ थाने में बलवा और आगजनी के दो मुकदमे हैं। अपराध संख्या 155/10 धारा 147, 148, 149, 427, 336, 506 बी, 294, 435 आईपीसी और दूसरा मुकदमा 156/10 धारा 382, 342 आईपीसी का है।
उन्होंने बताया कि न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम, बिजावर की अदालत में यह मुकदमें विचाराधीन है। कोर्ट ने 7 अप्रैल 2010 को फूलचंद्र के खिलाफ स्थायी वारंट जारी किया था।