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मटौंध में डेंगू ने फिर पसारे पांव
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Thu, 19 Nov 2015 11:35 PM IST
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मटौंध। डेंगू का कहर कम होने का नाम नहीं ले रहा है।
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कस्बे में डेंगू से पीड़ित तीन और लोगों को पीएचसी में भर्ती कराया गया है।
अब तक यहां सात लोगों को डेंगू होने पर रेफर किया गया है।
बैबे थोक निवासी बृजेश शुक्ला (47) को तीन दिन से बुखार है। शनिवार को जांच में डेंगू की पुष्टि हुई। कस्बे में ही रामशरण शर्मा के पुत्र जीतू (19) व पत्नी सीमा (45) को डेंगू होने पर गुरुवार की शाम जिला अस्पताल से कानपुर रेफर किया गया है।
रामशरण ने बताया कि मां-बेटे का सप्ताह भर से बांदा के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। शनिवार को हालत बिगड़ी तो जिला अस्पताल में दाखिल कराया। गौरतलब है कि दो माह में यहां डेंगू से पीड़ित चार मरीजों को कानपुर रेफर किया जा चुका है।
उधर, कस्बे में गंदगी के चलते मच्छरों का प्रकोप है। नगर पंचायत ने अभी तक फागिंग और दवा का छिड़काव नहीं कराया। स्वास्थ्य महकमा भी नहीं चेता।
स्वास्थ्य केंद्र में जांच की सुविधा न होने से बाहर पैथालाजी भेज दिया जाता है। वहां कमीशन का खेल होता है। पीएचसी में हर रोज बुखार से पीड़ित 75-100 मरीज इलाज कराने आते हैं।
बैबे थोक निवासी बृजेश शुक्ला (47) को तीन दिन से बुखार है। शनिवार को जांच में डेंगू की पुष्टि हुई। कस्बे में ही रामशरण शर्मा के पुत्र जीतू (19) व पत्नी सीमा (45) को डेंगू होने पर गुरुवार की शाम जिला अस्पताल से कानपुर रेफर किया गया है।
रामशरण ने बताया कि मां-बेटे का सप्ताह भर से बांदा के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। शनिवार को हालत बिगड़ी तो जिला अस्पताल में दाखिल कराया। गौरतलब है कि दो माह में यहां डेंगू से पीड़ित चार मरीजों को कानपुर रेफर किया जा चुका है।
उधर, कस्बे में गंदगी के चलते मच्छरों का प्रकोप है। नगर पंचायत ने अभी तक फागिंग और दवा का छिड़काव नहीं कराया। स्वास्थ्य महकमा भी नहीं चेता।
स्वास्थ्य केंद्र में जांच की सुविधा न होने से बाहर पैथालाजी भेज दिया जाता है। वहां कमीशन का खेल होता है। पीएचसी में हर रोज बुखार से पीड़ित 75-100 मरीज इलाज कराने आते हैं।