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स्वास्थ्य कर्मियों को प्रधानाध्यापक ने स्कूल में किया कैद
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Thu, 19 Nov 2015 11:37 PM IST
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नरैनी। गांव में टीकाकरण करने आई महिला स्वास्थ्य
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कर्मी तथा आंगनबाड़ी कार्यकत्री को स्कूल में बंद कर प्रधानाध्यापक ने ताला
जड़ दिया।
तीन घंटे बाद ग्रामीणों ने सीढ़ी लगाकर उन्हें बाहर निकाला। बीएसए ने आरोपी प्रधानाध्यापक और टीचर का एक माह का वेतन रोक दिया है।
दस्यु प्रभावित नौगवां गांव के प्राथमिक स्कूल में गुरुवार को बीएचडब्ल्यू पुष्पा सिंह व आशा मीना श्रीवास तथा आंगनबाड़ी कांती देवी स्कूल के एक कक्ष में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र में गर्भवती महिलाओं और शिशुओं का टीकाकरण कर रही थीं।
दोपहर दो बजे प्रधानाध्यापक मनोज दीक्षित स्कूल में ताला डालकर चले गए। कुछ देर बाद जब स्वास्थ्य कर्मियों को भनक लगी तो प्रधानाध्यापक को फोन किया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं रिसीव किया।
स्वास्थ्य कर्मियों ने बीएसए और एबीएसए को सूचना दी। शाम को ग्रामीणों ने सीढ़ी लगाकर उन्हें बाहर निकाला। चिकित्साधीक्षक डा. बीएस राजपूत ने बताया कि प्रधानाध्यापक की इस हरकत से महिला कर्मी टीकाकरण के लिए गांव जाने को तैयार नहीं हैं।
कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया है। उधर, एबीएसए योगेंद्रनाथ वर्मा ने बताया कि बीएसए ने लापरवाही पर प्रधानाचार्य व टीचर का एक माह का वेतन रोककर स्पष्टीकरण मांगा है।
तीन घंटे बाद ग्रामीणों ने सीढ़ी लगाकर उन्हें बाहर निकाला। बीएसए ने आरोपी प्रधानाध्यापक और टीचर का एक माह का वेतन रोक दिया है।
दस्यु प्रभावित नौगवां गांव के प्राथमिक स्कूल में गुरुवार को बीएचडब्ल्यू पुष्पा सिंह व आशा मीना श्रीवास तथा आंगनबाड़ी कांती देवी स्कूल के एक कक्ष में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र में गर्भवती महिलाओं और शिशुओं का टीकाकरण कर रही थीं।
दोपहर दो बजे प्रधानाध्यापक मनोज दीक्षित स्कूल में ताला डालकर चले गए। कुछ देर बाद जब स्वास्थ्य कर्मियों को भनक लगी तो प्रधानाध्यापक को फोन किया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं रिसीव किया।
स्वास्थ्य कर्मियों ने बीएसए और एबीएसए को सूचना दी। शाम को ग्रामीणों ने सीढ़ी लगाकर उन्हें बाहर निकाला। चिकित्साधीक्षक डा. बीएस राजपूत ने बताया कि प्रधानाध्यापक की इस हरकत से महिला कर्मी टीकाकरण के लिए गांव जाने को तैयार नहीं हैं।
कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया है। उधर, एबीएसए योगेंद्रनाथ वर्मा ने बताया कि बीएसए ने लापरवाही पर प्रधानाचार्य व टीचर का एक माह का वेतन रोककर स्पष्टीकरण मांगा है।