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पुलिस को चकमा देकर गिरफ्तारी से बच गया गोलू
ब्यूरो, अमर उजाला, बांदा
Updated Mon, 05 Feb 2018 12:10 AM IST
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पुलिस सुरक्षा में तैनात दरोगा व कांस्टेबिल।
- फोटो : amarujala
बांदा। दंपति और दो पुत्रों के सामूहिक हत्याकांड का नामजद आरोपी पहचान न होने का फायदा उठाकर पुलिस के सामने से निकल भागा। गलती का एहसास होने पर पुलिस ने उसे शरण देने वाले मामा को उठा लिया है। उधर, हत्याभियुक्त अमित उर्फ गोलू चौथे दिन भी पुलिस के हाथ नहीं लगा।
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31 जनवरी को तड़के शहर कोतवाली क्षेत्र के कताई मिल (छोटा पुरवा) में महादेव यादव और उसकी पत्नी चुन्नी तथा दो नाबालिग पुत्र पवन व राजकुमार की घर में सोते समय कुल्हाड़ी से हत्या कर दी गई थी। पड़ोसी अमित यादव उर्फ गोलू इसमें नामजद है। अपर एसपी लालभरत कुमार पाल की अगुवाई में पुलिस की चार टीमें उसकी तलाश में जुटी हैं।
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पड़ोसियों के मुताबिक घटनास्थल से चंद कदम दूरी पर स्थित मवई बुजुर्ग गांव में गोलू का ननिहाल है। वहां उसके दो मामा रहते हैं। सूत्रों के मुताबिक सामूहिक हत्याकांड को अंजाम देने के बाद वह मवई गांव में ही मामा के घर जा छिपा। कुछ ही घंटे बाद पुलिस ने मामा के मकान में दबिश दी। बताते हैं कि उस समय गोलू वहां मौजूद था, लेकिन पुलिस को उसने अपना छद्म नाम और पता बताया। पुलिस के जाते ही वह रिश्तेदार के साथ बाइक पर बैठकर फरार हो गया।
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पुलिस को कुछ ही देर बाद भनक लगी तो फोर्स के साथ मामा का घर घेरकर फिर तलाशी ली, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। पुलिस ने दोनों मामा और कुछ अन्य रिश्तेदारों को हिरासत में ले लिया। गोलू के माता-पिता घटना वाली सुबह से ही पुलिस के कब्जे में है। उधर, अपर एसपी लाल भरत कुमार पाल ने बताया कि सभी टीमें सरगर्मी से तलाश कर रही हैं।
मृतक के घर में पुलिस का पहरा और बढ़ा
घटना के बाद से मृतक महादेव के घर में तैनात पुलिस में अब और इजाफा कर दिया गया है। वहां दो दरोगा समेत आधा दर्जन सशस्त्र सिपाही तैनात किए गए हैं। इसके अलावा मृतक के परिजन भी चौकन्ना होकर पूरी रात पहरा दे रहे हैं। हत्यारोपी के मवेशियों को पुलिस ने मवई गांव में रहने वाले एक रिश्तेदार को सौंप दिया। चौहरे हत्याकांड के आरोपी अमित यादव उर्फ गोलू की तलाश में सीमावर्ती चित्रकूट, फतेहपुर, हमीरपुर और मध्य प्रदेश के पन्ना, छतरपुर आदि में रहने वाले रिश्तेदारों के घरों में दबिश दी गई।
मासूमों पर मेहरबान हैं सपा नेता
बांदा। जिला पंचायत सदस्य व सपा नेता दीपा सिंह गौर ने रविवार को घर जाकर अवधनरेश और उसकी बहन रान्शी को पांच हजार रुपये दिए। सपा जिलाध्यक्ष शमीम बांदवी सहित प्रदीप यादव, अमर सिंह यादव, रामबाबू यादव, मनोज वर्मा भी मौजूद रहे। गौरतलब है कि इसके पूर्व सपा के एमएलसी रमेश मिश्रा एक लाख रुपये और सपा सांसद विशंभर प्रसाद निषाद 10 हजार रुपये दे चुके हैं। उधर, सपा नेता राजेंद्र यादव ने बताया एमएलसी रमेश मिश्रा ने मृतक के घर के दरवाजे पर अपने कोटे से आर्थिक विकास योजना के तहत इंडिया मार्का हैंडपंप लगाने के लिए सीडीओ को संस्तुति का पत्र भेज दिया है।