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लुधियाना में फायरिंग: जन्मदिन की रात युवती ने बुलाया, पथराव के बाद थार पर चलाई गोलियां; ऐसे बचा युवक
Tue, 03 Nov 2026 09:35 AM IST
Nivedita
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
Published by: Nivedita
Updated Tue, 03 Nov 2026 09:35 AM IST
सार
दिव्यांशु बग्गा का 2 नवंबर को जन्मदिन था। रात लगभग 12:30 बजे वह दोस्त को घर छोड़ने के लिए निकला था। युवती ने उसे गली के अंदर आने को कहा। जैसे ही वह गाड़ी लेकर वहां पहुंचा, 25 से 30 हमलावरों ने उस पर हमला कर दिया।
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लुधियाना में फायरिंग
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
लुधियाना के व्यस्तम इलाकों में से एक शिंगार सिनेमा रोड पर जन्मदिन की खुशियां उस वक्त दहशत में बदल गईं, जब हरचरन नगर में एक युवक की थार गाड़ी पर युवकों ने धावा बोल दिया।
फोन कर मौके पर बुलाए गए पीड़ित को 25 से 30 युवकों की भीड़ ने चारों तरफ से घेर लिया। हमलावरों ने पहले गाड़ी पर ईंट-पत्थरों की बरसात कर दी और उसके बाद 15 से 20 राउंड अंधाधुंध गोलियां बरसाईं। गनीमत यह रही कि कोई गोली युवक के शरीर पर नहीं लगी। गोलियों से छलनी और पंक्चर टायरों के बावजूद युवक गाड़ी दौड़ाकर किसी तरह अपनी जान बचाने में कामयाब रहा। इस पूरी वारदात में उसका दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गया।
जन्मदिन पर आए दोस्त को घर छोड़ने निकला था दिव्यांशु
जानकारी के मुताबिक दिव्यांशु बग्गा का 2 नवंबर को जन्मदिन था। रात लगभग 12:30 बजे वह अपने एक दोस्त को घर छोड़ने के लिए निकला था। पीड़ित का कहना है कि पिछले डेढ़ वर्ष से उसका एक युवती के साथ विवाद चल रहा है। उसी सिलसिले में युवती का फोन आया और उसने उसे गली के अंदर आने को कहा। जैसे ही वह गाड़ी लेकर वहां पहुंचा, पहले से घात लगाकर बैठे 25 से 30 अज्ञात व नामजद हमलावरों ने उसकी थार को घेर लिया और गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकियां देनी शुरू कर दीं।
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पथराव में दोस्त घायल
हमलावरों ने गाड़ी पर ईंट-पत्थर फेंकने शुरू कर दिए, जिसमें थार के साइड और फ्रंट के शीशे चकनाचूर हो गए। पत्थरों से हुए हमले में दिव्यांशु का दोस्त गंभीर रूप से जख्मी हो गया और उसके सिर से खून बहने लगा। जब पीड़ित ने अपनी गाड़ी को वहां से निकालने का प्रयास किया तो 7-8 हथियारबंद हमलावरों ने अपने-अपने हथियारों से ताबड़तोड़ फायरिंग झोंक दी। 15 से 20 राउंड हुई इस जबरदस्त गोलाबारी में गाड़ी का पिछला हिस्सा और चारों टायर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। एक गोली तो थार की सीट के हेडरेस्ट को चीरती हुई आर-पार निकल गई।
दिव्यांशु ने आरोप लगाया कि खूनी साजिश के पीछे युवती का भाई रोहन, उसकी मां सीमा रानी, पारस बस्सी और उनके साथ आए कई अन्य गुर्गे शामिल हैं। गोलियों से छलनी थार के चारों टायर फटने के बावजूद दिव्यांशु ने साहस दिखाया और गाड़ी की रफ्तार बढ़ाकर हमलावरों के घेरे से बाहर निकल आया। वह उसी जर्जर हालत में गाड़ी को कई किलोमीटर दूर हैबोवाल इलाके तक भगाकर ले गया और किसी तरह अपनी जान बचाई। घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने पुलिस प्रशासन से गुहार लगाते हुए शिकायत सौंपी है। पुलिस मामले की गहनता से पड़ताल कर रही है।
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फोन कर मौके पर बुलाए गए पीड़ित को 25 से 30 युवकों की भीड़ ने चारों तरफ से घेर लिया। हमलावरों ने पहले गाड़ी पर ईंट-पत्थरों की बरसात कर दी और उसके बाद 15 से 20 राउंड अंधाधुंध गोलियां बरसाईं। गनीमत यह रही कि कोई गोली युवक के शरीर पर नहीं लगी। गोलियों से छलनी और पंक्चर टायरों के बावजूद युवक गाड़ी दौड़ाकर किसी तरह अपनी जान बचाने में कामयाब रहा। इस पूरी वारदात में उसका दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गया।
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जन्मदिन पर आए दोस्त को घर छोड़ने निकला था दिव्यांशु
जानकारी के मुताबिक दिव्यांशु बग्गा का 2 नवंबर को जन्मदिन था। रात लगभग 12:30 बजे वह अपने एक दोस्त को घर छोड़ने के लिए निकला था। पीड़ित का कहना है कि पिछले डेढ़ वर्ष से उसका एक युवती के साथ विवाद चल रहा है। उसी सिलसिले में युवती का फोन आया और उसने उसे गली के अंदर आने को कहा। जैसे ही वह गाड़ी लेकर वहां पहुंचा, पहले से घात लगाकर बैठे 25 से 30 अज्ञात व नामजद हमलावरों ने उसकी थार को घेर लिया और गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकियां देनी शुरू कर दीं।
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पथराव में दोस्त घायल
हमलावरों ने गाड़ी पर ईंट-पत्थर फेंकने शुरू कर दिए, जिसमें थार के साइड और फ्रंट के शीशे चकनाचूर हो गए। पत्थरों से हुए हमले में दिव्यांशु का दोस्त गंभीर रूप से जख्मी हो गया और उसके सिर से खून बहने लगा। जब पीड़ित ने अपनी गाड़ी को वहां से निकालने का प्रयास किया तो 7-8 हथियारबंद हमलावरों ने अपने-अपने हथियारों से ताबड़तोड़ फायरिंग झोंक दी। 15 से 20 राउंड हुई इस जबरदस्त गोलाबारी में गाड़ी का पिछला हिस्सा और चारों टायर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। एक गोली तो थार की सीट के हेडरेस्ट को चीरती हुई आर-पार निकल गई।
दिव्यांशु ने आरोप लगाया कि खूनी साजिश के पीछे युवती का भाई रोहन, उसकी मां सीमा रानी, पारस बस्सी और उनके साथ आए कई अन्य गुर्गे शामिल हैं। गोलियों से छलनी थार के चारों टायर फटने के बावजूद दिव्यांशु ने साहस दिखाया और गाड़ी की रफ्तार बढ़ाकर हमलावरों के घेरे से बाहर निकल आया। वह उसी जर्जर हालत में गाड़ी को कई किलोमीटर दूर हैबोवाल इलाके तक भगाकर ले गया और किसी तरह अपनी जान बचाई। घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने पुलिस प्रशासन से गुहार लगाते हुए शिकायत सौंपी है। पुलिस मामले की गहनता से पड़ताल कर रही है।