{"_id":"5ac7ae5d4f1c1bb6618b5fda","slug":"father-and-son-imprisoned-for-five-years-in-mortal-attack","type":"story","status":"publish","title_hn":"जानलेवा हमले में पिता-पुत्र को पांच वर्ष कैद ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
जानलेवा हमले में पिता-पुत्र को पांच वर्ष कैद
अमर उजाला, बांदा
Updated Fri, 06 Apr 2018 10:59 PM IST
विज्ञापन
court
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुरानी रंजिश में युवक को तमंचे से गोली मारने वाले आरोपी पिता-पुत्र को दोषी मानते हुए न्यायालय ने पांच साल का कठोर कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पैलानी थाने के खप्टिहाकलां गांव निवासी सभाजीत यादव पुत्र दसुवा ने 7 अगस्त 2015 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराकर कहा था कि उसका भाई बच्ची यादव 4 अगस्त को अपने डेरा के बाहर चारपाई पर लेटा था। बगल में वह भी सोया था। मकान के सामने गांव के रमेश, दीनदयाल, राजकरन अपने दरवाजे के बाहर लेटे थे। रात में करीब 10 बजे गांव के राजपूत व उसका पिता रामभजन तमंचे लैस होकर आए। ललकारते हुए राजपूत ने तमंचे से फायर झोंक दिया। गोली बच्ची यादव के सीने में लगी।
जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसने बचाने की कोशिश की तो पिता रामभजन ने उस पर तमंचा से फायर करना चाहा। लेकिन मिस हो गया। ग्रामीणों ने ललकारा तो हमलावर भाग गए। बच्ची यादव को जिला अस्पताल से कानपुर रेफर कर दिया गया। घटना के पीछे पुरानी रंजिश बताई गई। पुलिस ने तफ्तीश के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिए।
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता उमाशंकर पटेल व उसके सहयोगी वसीम उल्ला खां ने 10 गवाह पेश किए। शुक्रवार को सुनाए फैसले मेें प्रथम त्वरित न्यायालय के अपर जिला सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार ने आरोपी राजपूत निषाद पुत्र रामभजन व उसके पिता रामभजन को धारा 307 में पांच-पांच वर्ष का कठोर कारावास और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना से दंडित किया।
जुर्माना अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। धारा 504 में छह माह का कारावास व एक हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। राजपूत निषाद को 3/25 आर्म्स एक्ट में एक वर्ष की सजा व एक हजार रुपये की अर्थदंड से भी दंडित किया। दोनों आरोपी जमानत पर थे। उन्हें न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। जेल में बिताई गई अवधि में समायोजित की जाएगी।
विज्ञापन
पैलानी थाने के खप्टिहाकलां गांव निवासी सभाजीत यादव पुत्र दसुवा ने 7 अगस्त 2015 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराकर कहा था कि उसका भाई बच्ची यादव 4 अगस्त को अपने डेरा के बाहर चारपाई पर लेटा था। बगल में वह भी सोया था। मकान के सामने गांव के रमेश, दीनदयाल, राजकरन अपने दरवाजे के बाहर लेटे थे। रात में करीब 10 बजे गांव के राजपूत व उसका पिता रामभजन तमंचे लैस होकर आए। ललकारते हुए राजपूत ने तमंचे से फायर झोंक दिया। गोली बच्ची यादव के सीने में लगी।
विज्ञापन
जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसने बचाने की कोशिश की तो पिता रामभजन ने उस पर तमंचा से फायर करना चाहा। लेकिन मिस हो गया। ग्रामीणों ने ललकारा तो हमलावर भाग गए। बच्ची यादव को जिला अस्पताल से कानपुर रेफर कर दिया गया। घटना के पीछे पुरानी रंजिश बताई गई। पुलिस ने तफ्तीश के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिए।
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता उमाशंकर पटेल व उसके सहयोगी वसीम उल्ला खां ने 10 गवाह पेश किए। शुक्रवार को सुनाए फैसले मेें प्रथम त्वरित न्यायालय के अपर जिला सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार ने आरोपी राजपूत निषाद पुत्र रामभजन व उसके पिता रामभजन को धारा 307 में पांच-पांच वर्ष का कठोर कारावास और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना से दंडित किया।
जुर्माना अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। धारा 504 में छह माह का कारावास व एक हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। राजपूत निषाद को 3/25 आर्म्स एक्ट में एक वर्ष की सजा व एक हजार रुपये की अर्थदंड से भी दंडित किया। दोनों आरोपी जमानत पर थे। उन्हें न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। जेल में बिताई गई अवधि में समायोजित की जाएगी।