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जलधारा खुलवाने गई जल संस् थान की टीम को पीटा
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बांदा। केन नदी की जलधारा बांधकर बांदा शहर को पेयजल संकट में ढकेल देने वाले बालू माफिया और नदी की तलहटी पर सब्जी पैदा करने वालों पर जल संस्थान और प्रशासन ने रविवार को धावा बोल दिया। बालू माफियाओं द्वारा जलधारा में बनाई गई बालू भरी बोरियों की दीवार ढहा दी।
इसी बीच सब्जी के किसान परिवारों ने जवाबी मोर्चा संभाल लिया और जल संस्थान अभियंताओं की टीम और कर्मचारियों के साथ हाथापाई और मारपीट करते हुए बैरंग लौटा दिया। जलधारा बहाल कर रही जेसीबी के चालक को भी नहीं बख्शा। चालक ने शहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है।
बालू खदान ठेकेदारों ने शहर के नजदीक राजघाट और भूरागढ़ आदि के पास ट्रकों और मशीनों के लिए जलधारा रोककर रास्ता बना लिया है। नदी का पानी आगे नहीं बढ़ पा रहा। इसी तरह केन नदी की तलहटी पर परंपरागत सब्जी बोने वाले किसानों ने जलधारा में रेत की दीवार खड़ी कर पानी का रुख अपनी खेती की तरफ कर लिया है। इन अवरोधों से नदी का पानी जल संस्थान के इंटेकवेल तक नहीं पहुंच पा रहा है।
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शनिवार की रात इंटेकवेल को पानी न मिलने से जेल के सामने स्थित जल संस्थान का ओवरहेड टैंक में जलापूर्ति बंद हो गई। सुबह कई इलाकों में जलापूर्ति नहीं हो पाई। रविवार को सुबह करीब 6 बजे जल संस्थान के अवर अभियंता विक्रम सिंह, गंगासागर और संदीप उपाध्याय राजघाट के आगे दुरेड़ी खदान के पास स्थिति का जायजा लेने पहुंचे।
उनकी सूचना पर कुछ देर बाद जिला खनिज अधिकारी शैलेंद्र सिंह और जल संस्थान अधिशासी अभियंता वीके श्रीवास्तव भी पहुंच गए। खनिज अधिकारी ने जेसीबी बुलवाकर गंछा खदान के पास नदी उस पार मध्य प्रदेश के बालू ठेकेदारों द्वारा केन नदी की जलधारा में लगभग 200 मीटर लंबी बना ली गई बंधी को ध्वस्त कराकर जलधारा बहाल करा दी। इसी के बाद दुरेड़ी के नजदीक खदान नंबर-4 में भी नदी की जलधारा साफ कराई।
दुरेड़ी और राजघाट के बीच नदी की तलहटी पर सब्जी बोने वाले किसानों ने भी रेत की दीवार खड़ी कर नदी की जलधारा को रोक रखा था। जल संस्थान टीम और खनिज अधिकारी ने इसे हटाना चाहा तो खेत वाले लामबंद होकर विरोध में आमादा हो गए। इनमें अधिकांश महिलाएं थीं। जल संस्थान अभियंताओं ने बताया कि सब्जी वालों ने उनके साथ हाथापाई और मारपीट की। वह सभी जान बचाकर भागे। जेसीबी चालक के साथ भी मारपीट की। कई लोगों के चोटें आई हैं।
यह खबर मिलने पर प्रभारी जिलाधिकारी/एडीएम संतोष बहादुर सिंह भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने कहा कि पर्याप्त पुलिस बल के साथ नदी के अवरोध हटाकर जलधारा बहाल कराई जाएगी। उन्होंने देर शाम बताया कि सब्जी बोए लोगों ने अवैध रूप से नदी की जलधारा बाधित की है और जल संस्थान तथा खनिज विभाग की टीम के साथ बदसलूकी की है। जेसीबी चालक रजा खां ने शहर कोतवाली में तहरीर दी है। देर शाम उसके सहित कई अन्य घायलों को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।
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इसी बीच सब्जी के किसान परिवारों ने जवाबी मोर्चा संभाल लिया और जल संस्थान अभियंताओं की टीम और कर्मचारियों के साथ हाथापाई और मारपीट करते हुए बैरंग लौटा दिया। जलधारा बहाल कर रही जेसीबी के चालक को भी नहीं बख्शा। चालक ने शहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है।
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बालू खदान ठेकेदारों ने शहर के नजदीक राजघाट और भूरागढ़ आदि के पास ट्रकों और मशीनों के लिए जलधारा रोककर रास्ता बना लिया है। नदी का पानी आगे नहीं बढ़ पा रहा। इसी तरह केन नदी की तलहटी पर परंपरागत सब्जी बोने वाले किसानों ने जलधारा में रेत की दीवार खड़ी कर पानी का रुख अपनी खेती की तरफ कर लिया है। इन अवरोधों से नदी का पानी जल संस्थान के इंटेकवेल तक नहीं पहुंच पा रहा है।
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शनिवार की रात इंटेकवेल को पानी न मिलने से जेल के सामने स्थित जल संस्थान का ओवरहेड टैंक में जलापूर्ति बंद हो गई। सुबह कई इलाकों में जलापूर्ति नहीं हो पाई। रविवार को सुबह करीब 6 बजे जल संस्थान के अवर अभियंता विक्रम सिंह, गंगासागर और संदीप उपाध्याय राजघाट के आगे दुरेड़ी खदान के पास स्थिति का जायजा लेने पहुंचे।
उनकी सूचना पर कुछ देर बाद जिला खनिज अधिकारी शैलेंद्र सिंह और जल संस्थान अधिशासी अभियंता वीके श्रीवास्तव भी पहुंच गए। खनिज अधिकारी ने जेसीबी बुलवाकर गंछा खदान के पास नदी उस पार मध्य प्रदेश के बालू ठेकेदारों द्वारा केन नदी की जलधारा में लगभग 200 मीटर लंबी बना ली गई बंधी को ध्वस्त कराकर जलधारा बहाल करा दी। इसी के बाद दुरेड़ी के नजदीक खदान नंबर-4 में भी नदी की जलधारा साफ कराई।
दुरेड़ी और राजघाट के बीच नदी की तलहटी पर सब्जी बोने वाले किसानों ने भी रेत की दीवार खड़ी कर नदी की जलधारा को रोक रखा था। जल संस्थान टीम और खनिज अधिकारी ने इसे हटाना चाहा तो खेत वाले लामबंद होकर विरोध में आमादा हो गए। इनमें अधिकांश महिलाएं थीं। जल संस्थान अभियंताओं ने बताया कि सब्जी वालों ने उनके साथ हाथापाई और मारपीट की। वह सभी जान बचाकर भागे। जेसीबी चालक के साथ भी मारपीट की। कई लोगों के चोटें आई हैं।
यह खबर मिलने पर प्रभारी जिलाधिकारी/एडीएम संतोष बहादुर सिंह भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने कहा कि पर्याप्त पुलिस बल के साथ नदी के अवरोध हटाकर जलधारा बहाल कराई जाएगी। उन्होंने देर शाम बताया कि सब्जी बोए लोगों ने अवैध रूप से नदी की जलधारा बाधित की है और जल संस्थान तथा खनिज विभाग की टीम के साथ बदसलूकी की है। जेसीबी चालक रजा खां ने शहर कोतवाली में तहरीर दी है। देर शाम उसके सहित कई अन्य घायलों को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।